25/10/2025
*⚖️ BNS Section 37 – MCQs (Bilingual Questions)*
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*Q.1)*
*निम्न में से किन परिस्थितियों में निजी प्रतिरक्षा का अधिकार नहीं होता?*
*Under which of the following situations the right of private defence is not available?*
(a) लोक सेवक द्वारा सद्भावना से किया गया कार्य
(Act done by a public servant in good faith)
(b) जब सार्वजनिक सहायता प्राप्त करने का समय न हो
(When there is no time to seek help of authorities)
(c) लोक सेवक की जानकारी में गलती से किया गया कार्य
(Act done mistakenly by public servant)
(d) सभी परिस्थितियों में अधिकार होता है
(Right exists in all cases)
*✅ उत्तर (Answer): (a)*
यदि कोई लोक सेवक सद्भावना से अपने पदाधिकार के अंतर्गत कार्य करता है, तो उसके विरुद्ध निजी प्रतिरक्षा का अधिकार नहीं होता।
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*Q.2)*
*यदि कोई व्यक्ति लोक सेवक के आदेश पर कार्य कर रहा है, परन्तु वह कार्य विधि अनुसार उचित नहीं है, तो—*
*If a person acts under the direction of a public servant, though the act is not strictly justifiable by law—*
(a) निजी प्रतिरक्षा का अधिकार रहता है
(Right of private defence exists)
(b) निजी प्रतिरक्षा का अधिकार नहीं रहता
(Right of private defence does not exist)
(c) केवल न्यायालय की अनुमति से रहता है
(Exists only with court’s permission)
(d) यदि आदेश लिखित हो तभी नहीं रहता
(Only when written order exists, right ceases)
*✅ उत्तर (Answer): (b)*
क्योंकि धारा 37(2) कहती है कि यदि ऐसा कार्य मृत्यु या गंभीर चोट का भय उत्पन्न नहीं करता, तो निजी प्रतिरक्षा का अधिकार नहीं रहेगा।
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*Q.3)*
*धारा 37 के अनुसार, निजी प्रतिरक्षा का अधिकार किस सीमा तक लागू होता है?*
*As per Section 37, the right of private defence extends—*
(a) किसी भी मात्रा में हानि पहुँचाने तक
(To any extent of harm)
(b) आवश्यक से अधिक हानि पहुँचाने तक
(Beyond necessary harm)
(c) केवल उतनी हानि तक जितनी बचाव के लिए आवश्यक हो
(Only to the extent necessary for defence)
(d) कोई सीमा नहीं है
(No limitation)
*✅ उत्तर (Answer): (c)*
निजी प्रतिरक्षा का अधिकार केवल उतनी ही हानि तक सीमित है जितनी आवश्यक हो।
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*Q.4)*
*यदि कोई व्यक्ति यह नहीं जानता कि कार्य करने वाला व्यक्ति लोक सेवक है, तो—*
*If a person does not know that the doer is a public servant—*
(a) उसका निजी प्रतिरक्षा का अधिकार समाप्त हो जाएगा
(His right of private defence will cease)
(b) उसका निजी प्रतिरक्षा का अधिकार बना रहेगा
(His right of private defence remains)
(c) वह दोषी माना जाएगा
(He will be guilty)
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
(None of the above)
*✅ उत्तर (Answer): (b)*
स्पष्टीकरण 1 के अनुसार, यदि व्यक्ति को यह ज्ञात नहीं कि कार्य करने वाला लोक सेवक है, तो प्रतिरक्षा का अधिकार बना रहता है।
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*Q.5)*
*यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक अधिकारियों की सहायता प्राप्त करने में सक्षम है, तो—*
*If a person has time to seek help of public authorities—*
(a) वह फिर भी निजी प्रतिरक्षा का प्रयोग कर सकता है
(He can still use private defence)
(b) निजी प्रतिरक्षा का अधिकार समाप्त हो जाता है
(The right of private defence ends)
(c) वह कोई भी हानि पहुँचा सकता है
(He can cause any harm)
(d) न्यायालय की अनुमति आवश्यक है
(Court permission is required)
*✅ उत्तर (Answer): (b)*
धारा 37(3) के अनुसार, यदि सहायता लेने का समय है, तो निजी प्रतिरक्षा का अधिकार नहीं होता।
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*Q.6)*
*धारा 37 किस पुरानी धारा के समान है?*
*Section 37 of BNS corresponds to which old IPC section?*
(a) धारा 100 (Section 100 IPC)
(b) धारा 96 (Section 96 IPC)
(c) धारा 99 (Section 99 IPC)
(d) धारा 97 (Section 97 IPC)
*✅ उत्तर (Answer): (c)*
यह भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 99 से संबंधित है।
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*Q.7)*
*किसी व्यक्ति द्वारा निजी प्रतिरक्षा के प्रयोग में आवश्यकता से अधिक हानि पहुँचाना—*
*Causing more harm than necessary in the exercise of private defence—*
(a) विधि अनुसार वैध है
(Is legally valid)
(b) वैध नहीं है
(Is not valid)
(c) केवल पुलिस कर्मी के लिए मान्य है
(Valid only for police)
(d) कोई सीमा नहीं है
(No restriction)
*✅ उत्तर (Answer): (b)*
धारा 37 स्पष्ट करती है कि आवश्यक से अधिक हानि पहुँचाना अवैध है।
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*Q.8)*
*स्पष्टीकरण 2 के अनुसार, यदि व्यक्ति यह नहीं बताता कि वह किसके आदेश पर कार्य कर रहा है—*
*As per Explanation 2, if a person does not state the authority under which he acts—*
(a) निजी प्रतिरक्षा का अधिकार नहीं रहेगा
(Right of private defence ceases)
(b) निजी प्रतिरक्षा का अधिकार बना रहेगा
(Right of private defence remains)
(c) दंडनीय अपराध होगा
(It becomes a punishable offence)
(d) मामला न्यायालय में जाएगा
(Matter goes to court)
*✅ उत्तर (Answer): (b)*
जब तक व्यक्ति यह न बताए कि वह किस आदेश पर कार्य कर रहा है, निजी प्रतिरक्षा का अधिकार समाप्त नहीं होता।
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*Q.9)*
*धारा 37 का उद्देश्य क्या है?*
*What is the main object of Section 37?*
(a) लोक सेवकों को असीमित शक्ति देना
(To give unlimited powers to public servants)
(b) निजी प्रतिरक्षा के दुरुपयोग को रोकना
(To prevent misuse of right of private defence)
(c) आत्मरक्षा को समाप्त करना
(To abolish self-defence)
(d) अभियुक्त को सुरक्षा देना
(To protect the accused)
*✅ उत्तर (Answer): (b)*
धारा 37 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निजी प्रतिरक्षा का अनुचित प्रयोग न हो।
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*Q.10)*
*किस स्थिति में निजी प्रतिरक्षा का अधिकार बना रहता है?*
*In which situation does the right of private defence remain valid?*
(a) जब व्यक्ति जानता है कि कार्य करने वाला लोक सेवक है
(When person knows the doer is a public servant)
(b) जब व्यक्ति नहीं जानता कि कार्य करने वाला लोक सेवक है
(When person does not know that doer is a public servant)
(c) जब सार्वजनिक सहायता उपलब्ध है
(When public authority help is available)
(d) जब कार्य न्यायालय के आदेश से हो
(When act is by court’s order)
*✅ उत्तर (Answer): (b)*
यदि व्यक्ति को यह ज्ञात नहीं कि कार्य करने वाला लोक सेवक है, तो उसका निजी प्रतिरक्षा का अधिकार बना रहता है।