22/02/2023
हम सबने ठाना है शिक्षा को आगे बढ़ाना है
👉 केवल स्कूल में एडमिशन करा देने से आपका बच्चा पढ़ना और लिखना सीख जाए
यह आसान बात नहीं है
👉 आप चाहते हैं कि आपका बच्चा अच्छा लिखना और पढ़ना सीख जाए तो
आपको अपने बच्चे को हर रोज स्कूल में क्या हुआ
आज क्या पढ़ा आज क्या सिखा आज किस की मदद की
यह सारी महत्वपूर्ण बातें अपने बच्चों के साथ करें
केवल एडमिशन लेने से कुछ नहीं होता
बेटा शिवा को आपलोग आशीर्वाद दीजिये
यादें :-मैं बचपन मे स्कूल ड्रेस पहनकर स्कूल जाना चाहता था,मैं भी चाहता था की जूते,ड्रेस,बैग, चश्मे,टाई-बेल्ट,लंच बॉक्स आदि।लेकिन उस वक़्त परिवार की स्तिथि ऐसी नहीं थी की मैं प्राइवेट स्कूल जा सकूँ।लेकिन मैं भी हार मानने वाले मे से नहीं था,बोले तो 9 वीं तक ठीक से पढ़ा ही नहीं क्योंकि अपना बचपन ही ऐसे माहौल बिता है,जहाँ पर क्रिकेट,फुटबॉल,कबड्डी,तास,लट्टू, गोली,दोला-पाटी,गिल्ली-डंडा,पुल मे नहाकर,मतलब बचपन मे पढ़ाई के लिए कोई खास लगाव नहीं था,लेकिन वक़्त बदला लोगो से मिले पढ़ाई की ताकत समझ आई 10वीं से पढ़ाई शुरू(दादाजी के कारण )किया ज़ब 10 वीं मे पढ़ाई शुरू किया तो ज़ब भी कोई चैप्टर पढता था तो चैप्टर की शुरुआत मे लिखा रहता था की आपने 9वीं क्लास मे पढ़ लिया है की..... तो मैं 9वीं किताबें खरीद लिया उसके बाद,9वीं मे पढ़ा तो लिखा है की आपने 8वीं मे पढ़ लिया है की........ तो मैंने 8की किताबें ले ली...... पढ़ा तो लिखा है की आपने 7वीं मे पढ़ लिया है की......
मतलब 10वीं मे मैंने पहली क्लास से लेकर 10वीं को पढ़ डाला परिणाम भी बेहतरीन आया तब से पढ़ने-पढ़ाने का सिलसिला शुरू हुआ,
धीरे-धीरे हालत ठीक हुए,जॉब लगा।
स्कूल खोले जिसमें आज बेटा शिवा पढ़ने जा रहा है....स्कूल को बेहतरीन तरीके से चला रहे है मेरे छोटे भाई श्री विष्णु जी..
इन दौरान मुझे सबसे ज़्यदा सपोर्ट करने वाले मे
मेरे लिए और परिवार के लिए अपने पढ़ाई को बीच मे छोड़ने वाले,सबसे कठिन परिश्रम करने वाले,हर वक़्त मेरा साथ देने वाले,हर परिस्थिति मे सीना तानकर मजबूत चट्टान की तरह खड़े रहने वाले मेरे बड़े भईया श्री रविकांत जी है इसके बाद मामाजी, और चाचाजी है।
मेरी कहानी थोड़ी अलग है...
कहानी का एक अंश खुद को लिखने से रोक नहीं पाया बेटे को जब स्कूल के लिए तैयार किया तो बचपन की सारी बाते आँखों के सामने आ गया।
Vikash Sir ✍️...
जहाँ कोशिशों का कद बड़ा होता है,वहां नसीबो को झुकना भी पड़ता है