14/05/2024
आज नरेंद्र मोदी जी का वाराणसी लोकसभा सीट से नामांकन
इस तस्वीर पर आकर मन अटक सा गया। तीन बार मुख्यमंत्री, दो बार प्रधानमंत्री रह चुका व्यक्ति शिखर पर कितना अकेला होता होगा। जब भी हम किसी शुभ कार्य के लिये घर से निकलते हैं तो हमारी माँ या बहन हमें दही खिला कर विदा करती है। पर इन महोदय के भाग्य में तो इतना भी नहीं लिखा है।
बगल में ना पिता,ना भाई, ना माँ, ना बहन ...कोई भी तो नहीं और यह व्यक्ति बिल्कुल अकेला। इनके साथ दो-तीन व्यक्ति भी हैं तो भी इनके अपने ना हो कर पराये ही हैं।
हर व्यक्ति जीवन के बड़े अवसरों पर अपनों से घिरा होना चाहेगा। ये तस्वीर जितनी सादी और खाली दिखती है उससे कहीं ज्यादा आत्मबल और जीवटता से भरी है। ये सामान्य व्यक्ति नहीं है ये तो स्पष्ट है