04/01/2024
आज घर पर आलुबड़े बनाए और जब आलुबाड़ा मेरी थाली में परोसा गया, तो आलुबडा मेरे हाथ में कुछ इस आकर में आया। मेने सोचा अब इसको खाया जाए या इसके दर्शन किए जाए। फिर मैंने हाथ जोड़कर इसका सेवन किया।
आकृति और आकार तो अपने आप बन जाते हैं लेकिन ये भी सौभाग्य की बात है की आपको किस रूप में मिलता है
ख़ैर बुरा न माने, एंजॉय कीजिए 🤣🤣🤣🤣