Shri Sarveshwar Sr Sec School Jusari

Shri Sarveshwar Sr Sec School Jusari located in heart of jusari.

*परीक्षा और कैरियर आलेख* पुरा जरूर पढ़े। वर्तमान दौर में सरकारी नौकरी के प्रति आकर्षण जिस प्रकार बढ़ता जा रहा है उसी प्रका...
04/02/2020

*परीक्षा और कैरियर आलेख* पुरा जरूर पढ़े।

वर्तमान दौर में सरकारी नौकरी के प्रति आकर्षण जिस प्रकार बढ़ता जा रहा है उसी प्रकार इसमें प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। जीवन मे सफलता अकस्मात ही प्राप्त नही की जा सकती। इस हेतु सतत एवम योजनाबद्ध प्रयासों की आवश्यकता होती है। विद्यार्थी स्वयं के अतिरिक्त परिवार एवम मित्रो की भी इसमें बड़ी भूमिका होती है। कक्षा 12 उत्तीर्ण करने के पश्चात ही केरियर किस दिशा में बनाना है इस हेतु गंभीरता पूर्वक सोचना प्रारम्भ कर देना चाहिए। ग्रेजुएशन की स्ट्रीम एवम सब्जेक्ट का चयन आपके लक्ष्य में सहायक बने इस प्रकार निर्धारण करें। अधिकतर ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र मार्गदर्शन एवम संसाधनों के अभाव में आर्ट्स सब्जेक्ट लेकर प्राइवेट स्टूडेंट बन जाते है। वही से उनका नियमित अध्ययन से नाता टूट सा जाता है। कॉलेज दो ही मकसद से जाना होता है या तो एग्जाम देने या छात्रसंघ चुनाव में प्रचार के दौरान। यही वो सबसे निर्णायक समय होता है जो आपके सम्पूर्ण जीवन की दशा दिशा तय करेगा और हम उन्ही 3 साल को दिशाहीन होकर व्यर्थ कर देते हैं। जिसका खामियाजा ताजिंदगी उठाना पड़ता है, ना केवल हमे बल्कि पूरे परिवार को।

कुछ छोटी छोटी बातें यहां बिंदुवार लिख रहा हूँ जिनका प्रत्येक विद्यार्थी को अनुसरण करना चाहिए।
* कॉलेज में प्रवेश के साथ ही आप जीवन के समर में प्रवेश कर जाते है इसलिए जीवन के प्रति गंभीरता हमेशा बनाये रखे।
* मित्रमण्डली का चयन बहुत सोच समझ कर करे, मित्र ही वो शख्स है जो आपको सही राह भी दिखा सकता है और गलत राह भी।
* कोई भी दिन ऐसा ना जाने दे जिस दिन आपने 1 घंटे भी अध्ययन न किया हो, एक बार आदत छुटी तो फिर किताब पकड़ना मुश्किल होगा।
* रोजाना अखबार जरूर पढ़ें, जिसमे राज्य स्तरीय, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय खबरे पढ़े। विशेषकर संपादकीय पढ़े और उसमें आये मुद्दों पर अपनी राय जरूर बनाये। कई अखबारों में आप स्वयं भी अपनी राय लिख कर भेज सकते है, अच्छी राय को वे प्रकाशित करते है।( मेरे कई आलेख जनसत्ता अखबार में प्रकाशित हुए)
*bbchindi.com की साइट पर रोजाना न्यूज़ मोबाइल में जरूर सुनें।
*newsonair.nic.in की साइट पर आकाशवाणी की हिंदी और अंग्रेजी न्यूज़ दोनो सुने(रोज 15 मिनट)। इससे आपकी अंग्रेजी की समझ भी विकसित होगी
* TV पर लोकसभा चैनल और राज्यसभा चैनल पर आने वाली डिबेट सुने, इससे आपकी मुद्दों पर स्वयं की राय विकसित होगी
* प्रति माह दृष्टि मैगजीन का अध्ययन करें। साथ ही कर्रेंट GK हेतु क्रोनोलॉजी बुक का अध्ययन करें। आदत बना लें कि करंट GK का स्वयं का रजिस्टर तैयार करना है।
* माह में एक बार हिंदी और अंग्रेजी में निबंध लिखने की कोशिश करें।
* विभिन्न मासिक पत्रिकाओं में अलग अलग नोकरियो हेतु हुई परीक्षाओं के पेपर को सॉल्व करने की कोशिश करें।
* आस पड़ोस में जो चयनित व्यक्ति उपलब्ध हों उनसे अपने डाउट्स पूछते रहें।
* सोशल मीडिया का कम से कम उपयोग करे। इंटरनेट का उपयोग केवल पढ़ाई हेतु ही करें।
*हिंदी व्याकरण और अंग्रेजी व्याकरण का सतत अध्ययन करें। आवश्यक हो तो ट्यूशन कर लेवें।
* किताब पढ़ते समय महत्वपूर्ण लगने वाली पंक्तियों को अंडरलाइन अवश्य करे, कोशिश करें कि उन्हें किसी रजिस्टर में लिख लेवें।
* रात को सोते समय मूल्यांकन करे कि आज दिन भर आपने अपने लक्ष्य की तरफ कदम बढ़ाए या लक्ष्य से दूर भागे।
*लक्ष्य प्राप्ति तक अथक प्रयास आवश्यक है। केवल कुछ दिन या माह का जोश सफलता नही दिला सकता।
*स्वस्थ शरीर मे ही स्वस्थ मष्तिस्क का वास होता है, अतः अपनी हॉबी जरूर बनाएं। रोजाना कोई खेल जरूर खेलें। योग, प्राणायाम, रनिंग आदि दिनचर्या में शामिल करें।

कोई भी परीक्षा आपके लिए मुश्किल नही है। केवल ईमानदारीपूर्वक प्रयास ही आवश्यक है। जब 12 वीं कक्षा में सप्लीमेंट्री लाये विद्यार्थी RAS में पूरे राज्य में 8 वी रैंक ला सकते है, जब 3 साल का ग्रेजुएशन 6 साल में मुश्किल से उत्तीर्ण कर एक व्यक्ति RAS में टॉप 50 में स्थान बना सकते है, जब 17 साल की नोकरी करने के बाद एक व्यक्ति SDM बन सकते हैं, जब 13 साल सामान्य गृहिणी की तरह रहने के बाद प्रथम प्रयास में श्रीमती जी SDM बन सकती हैं, जब BSF में सर्विस करते हुए सामान्य सीट से एक व्यक्ति RPS बन सकते है, जब 16 साल भारतीय नोसेना में सेवा देकर रिटायरमेंट के बाद एक अन्य शख्सियत राज्य में 18 वे स्थान पर चयनित हो सकते हैं तो आप क्यों नही। चाहे कोई भी फील्ड हो आपको अपने प्रयासों को तराशने की आवश्यकता मात्र है।

10th के बाद क्या ???
12th के बाद क्या ???
Gradutation के बाद क्या ???
What is Next ???
This amazing booklet made for students of Higher studies by us.You Can’t believe that in India can do such outstanding and futuristic work. I recommend we read and share such awesome work to the younger generation...
Please do share this PDF file with each & every person in your contact list... This is good file... It contains the details about various fields, courses which students can pursue after 10th or 12th exams...
Follow the Link for Getting your Free Ebook of What is Next.

https://api.whatsapp.com/send?phone=919251615727&text=Please_Send_me_what_is_Next_Book.

After read this if any question you have feel free to contact me on 9251615727.

हिंदी में ताज़ा समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़, वीडियो, ऑडियो और फ़ीचर. बीबीसी हिंदी डॉटकॉम पर भारत, पाकिस्तान और चीन सहित ...

17/08/2019

एक पंडित जी रामायण कथा सुनाते थे। लोग आते और आनंद विभोर होकर जाते। पंडित जी का नियम था रोज कथा शुरू करने से पहले "आइए हनुमंत जी बिराजिए" कहकर हनुमान जी का आह्वान करते थे, फिर एक घण्टा प्रवचन करते थे।वकील साहब हर रोज कथा सुनने आते। वकील साहब के भक्तिभाव पर एक दिन तर्कशीलता हावी हो गई।
उन्हें लगा कि महाराज रोज "आइए हनुमंत जी बिराजिए" कहते हैं तो क्या हनुमान जी सचमुच आते होंगे!

अत: वकील साहब ने पंडित जी से पूछ ही डाला- महाराज जी, आप रामायण की कथा बहुत अच्छी कहते हैं।
हमें बड़ा रस आता है परंतु आप जो गद्दी प्रतिदिन हनुमान जी को देते हैं उसपर क्या हनुमान जी सचमुच बिराजते हैं?

पंडित जी ने कहा… हाँ यह मेरा व्यक्तिगत विश्वास है कि रामकथा हो रही हो तो हनुमान जी अवश्य पधारते हैं।

वकील ने कहा… महाराज ऐसे बात नहीं बनेगी।
हनुमान जी यहां आते हैं इसका कोई सबूत दीजिए ।
आपको साबित करके दिखाना चाहिए कि हनुमान जी आपकी कथा सुनने आते हैं।

महाराज जी ने बहुत समझाया कि भैया आस्था को किसी सबूत की कसौटी पर नहीं कसना चाहिए यह तो भक्त और भगवान के बीच का प्रेमरस है, व्यक्तिगत श्रद्घा का विषय है । आप कहो तो मैं प्रवचन करना बंद कर दूँ या आप कथा में आना छोड़ दो।

लेकिन वकील नहीं माना, वो कहता ही रहा कि आप कई दिनों से दावा करते आ रहे हैं। यह बात और स्थानों पर भी कहते होंगे,इसलिए महाराज आपको तो साबित करना होगा कि हनुमान जी कथा सुनने आते हैं।

इस तरह दोनों के बीच वाद-विवाद होता रहा।
मौखिक संघर्ष बढ़ता चला गया। हारकर पंडित जी महाराज ने कहा… हनुमान जी हैं या नहीं उसका सबूत कल दिलाऊंगा।
कल कथा शुरू हो तब प्रयोग करूंगा।

जिस गद्दी पर मैं हनुमानजी को विराजित होने को कहता हूं आप उस गद्दी को आज अपने घर ले जाना।
कल अपने साथ उस गद्दी को लेकर आना और फिर मैं कल गद्दी यहाँ रखूंगा।
मैं कथा से पहले हनुमानजी को बुलाऊंगा, फिर आप गद्दी ऊँची उठाना।
यदि आपने गद्दी ऊँची कर दी तो समझना कि हनुमान जी नहीं हैं। वकील इस कसौटी के लिए तैयार हो गया।

पंडित जी ने कहा… हम दोनों में से जो पराजित होगा वह क्या करेगा, इसका निर्णय भी कर लें ?.... यह तो सत्य की परीक्षा है।

वकील ने कहा- मैं गद्दी ऊँची न कर सका तो वकालत छोड़कर आपसे दीक्षा ले लूंगा।
आप पराजित हो गए तो क्या करोगे?
पंडित जी ने कहा… मैं कथावाचन छोड़कर आपके ऑफिस का चपरासी बन जाऊंगा।

अगले दिन कथा पंडाल में भारी भीड़ हुई जो लोग रोजाना कथा सुनने नहीं आते थे,वे भी भक्ति, प्रेम और विश्वास की परीक्षा देखने आए।
काफी भीड़ हो गई।
पंडाल भर गया।
श्रद्घा और विश्वास का प्रश्न जो था।

पंडित जी महाराज और वकील साहब कथा पंडाल में पधारे... गद्दी रखी गई।
पंडित जी ने सजल नेत्रों से मंगलाचरण किया और फिर बोले "आइए हनुमंत जी बिराजिए" ऐसा बोलते ही पंडित जी के नेत्र सजल हो उठे ।
मन ही मन पंडित जी बोले… प्रभु ! आज मेरा प्रश्न नहीं बल्कि रघुकुल रीति की पंरपरा का सवाल है।
मैं तो एक साधारण जन हूँ।
मेरी भक्ति और आस्था की लाज रखना।

फिर वकील साहब को निमंत्रण दिया गया आइए गद्दी ऊँची कीजिए।
लोगों की आँखे जम गईं ।
वकील साहब खड़े हुए।
उन्होंने गद्दी उठाने के लिए हाथ बढ़ाया पर गद्दी को स्पर्श भी न कर सके !

जो भी कारण रहा, उन्होंने तीन बार हाथ बढ़ाया, किन्तु तीनों बार असफल रहे।

पंडित जी देख रहे थे, गद्दी को पकड़ना तो दूर वकील साहब गद्दी को छू भी न सके।
तीनों बार वकील साहब पसीने से तर-बतर हो गए।

वकील साहब पंडित जी महाराज के चरणों में गिर पड़े और बोले महाराज गद्दी उठाना तो दूर, मुझे नहीं मालूम कि क्यों मेरा हाथ भी गद्दी तक नहीं पहुंच पा रहा है।

अत: मैं अपनी हार स्वीकार करता हूँ।
कहते है कि श्रद्घा और भक्ति के साथ की गई आराधना में बहुत शक्ति होती है। मानो तो देव नहीं तो पत्थर।

प्रभु की मूर्ति तो पाषाण की ही होती है लेकिन भक्त के भाव से उसमें प्राण प्रतिष्ठा होती है तो प्रभु बिराजते है।

*किसी भी काम को करें तो एक विश्वास के साथ करें*
*खुद पर विश्वास करें अपने अपनो की मदद, सहयोग, सहायता, केयर करने से वो सबकुछ आपको मिल सकता है जो आप जिंदगी में चाहते हैं*
🙏🏻

06/03/2019

10th के बाद क्या ???
12th के बाद क्या ???
Gradutation के बाद क्या ???
What is Next ???
This amazing booklet made for students of Higher studies by us.You Can’t believe that in India can do such outstanding and futuristic work. I recommend we read and share such awesome work to the younger generation...
Please do share this PDF file with each & every person in your contact list... This is good file... It contains the details about various fields, courses which students can pursue after 10th or 12th exams...
Follow the Link for Getting your Free Ebook of What is Next.

https://api.whatsapp.com/send?phone=919251615727&text=Please_Send_me_what_is_Next_Book.

After read this if any question you have feel free to contact me on 9251615727.

दीपावली पर आज राम के घर लौटने पर कैसा रहा होगा दृश्य??? रामचरित मानस के अनुसार किया गया रूपांतरण पढ़े और शेयर जरूर करे।भग...
07/11/2018

दीपावली पर आज राम के घर लौटने पर कैसा रहा होगा दृश्य??? रामचरित मानस के अनुसार किया गया रूपांतरण पढ़े और शेयर जरूर करे।
भगवान श्रीराम और सीता मैया आप सबको भयंकर इनकम टैक्स, गिफ्ट टैक्स, वेल्थ टैक्स और भी सब प्रकार के टैक्स देने लायक बनाएं और आपके खाते स्विस बैंकों तक में खुले इसी कामना के साथ आप और आपका पूरा परिवार इस कालरात्रि पर दीपोत्सव से जगमगा उठे ऐसी हार्दिक शुभ लाभ एवं मंगल कामनाये।
सदैव आपका अपना भंवर जूसरी प्रत्यासी विधानसभा मकराना

शिक्षक दिवस पर आज हर व्यक्ति और विद्यार्थियों के लिये बहुत ही महत्वपूर्ण ध्यान देने योग्य बातें,👂🏽कौन लोग व कैसे लोग कैस...
05/09/2018

शिक्षक दिवस पर आज
हर व्यक्ति और विद्यार्थियों के लिये बहुत ही महत्वपूर्ण ध्यान देने योग्य बातें,👂🏽

कौन लोग व कैसे लोग कैसे कार्यो में सफल होते है और कुछ लोग कैसे असफल (फेल) हो जाते है
जानिये और समझिये पूरा पढकर।
👇👇👇

A}- सफल लोग क्या करने से सफल हो जाया करते है
✍✍
1- अपनी सिखने की क्षमता पर विश्वास करते हुए सबसे खास अपना फालतू दिमाग नहीं लगाते है।

2- सही व सच्चा कार्य मिलने पर ठान लेते है कि मैं इसको करके रहूँगा।

3-यह फालतू का काम है कहकर टालने का
काम नहीं करते है ।

4- लोग कुछ भी कहें कोई
फर्क नहीं पड़ता ।

5- अपने आप पर और अपनी
कार्य करने की दृढ इच्छा शक्ति पर विश्वास
रखते है।

6- सीख देने वाले अपने से ज्यादा जानकार जो पहले से काम कर सफल रहे सीनियर विश्वास रखते
है।

7- पांच P पर भी विश्वास
रखते है।

8- तन,मन,धन और लगन
से काम करते है

9- तुरन्त PAYMENT (कमाई) आने की
झ्च्छा नहीं रखते है।

10- किसी भी प्रकार की समस्या
PROBLEM आने पर
धैर्य रखते है।

11- कार्य करते हुए टिके रहते है, छोड़ कर नही भागते है।

12-हमेशा यह कहते है इसकी तो मुझे जरूरत थी ययः मेरे लिये ही बना है इसके लिये मेरे पास समय है।

13-एक बार स्वयं
करके देखते है।

14- ये अपने माता-पिता,
भाई- बहन, पत्नी, बच्चो के सपनों को अपना समझते हुये
पूरा करने की इच्छा
रखते है।

अब देखते है
*B}- Fail होने के कारण यानि असफल लोग यह कार्य करते है*

1-आगे बढ़ रहे लोगो का अनुशरण करने के बजाय खुद का दिमाग लगाते है
अपने आप को विश्व का
सबसे बडा माइन्डेड
ज्ञानी समझते है।

2-मैं यह नहीं कर पाऊँगा,
क्योंकि मैं मनुष्य नहीं हूँ।
ऐसा सोचकर अपने आपको पता नही क्या
समझते है।

3- अच्छा काम मिलने पर कहते है यह फालतू लोगो का काम है,
इससे कुछ नहीं होता, यही कहते रहते है और खुद काम बदल बदल कर धक्के खा रहे होते है।

4- लोग मुझसे क्या कहेगे,
अगर मैं सफल नही हुआ तो,
यह कहकर जिन्दगी भर बेलदारी
करते रहते है।

5-अपने आप पर विश्वास नही होता है ,चारों तरफ हाथ मारते
है मिलता कुछ भी नही है, फिर यह भी कहते है
पेट तो भिखारी भी भर लेता
है।

6-ऐसे लोग अपने से सफल लोगो और अपने से किसी भी सीनियर, मालिक और अपनी स्वयं के साथियों पर भी भरोसा नहीं रखते
है।

7- कार्य होगा की नही, गाड़ी चलेगी कि नहीं
चलेगी,
कहीं ज्यादा चल कर भाग गई तो ??
इन्हे किसी पर भी विश्वास
नहीं होता है।

8- ऐसे लोग सब कुछ राम भरोसे काम
करते है वह भी बेमन से, होगा तो हो जायेगा, नहीं होगा तो
कोई बात नहीं है।

9-कुछ ही दिन काम करके
PAYMENT अधिक से
अधिक लेना चाहते है
काम किया 10 रुपये का
पेमेन्ट चाहते है 20 हजार का
वो भी तुरन्त।

10-कोइ समस्या PROBLEM आती है या होती
है तो अपनी कमी को छुपा
कर दूसरो पर ठीकरा फोड़ते
है कि उसमे ही खराबी है,
उसने यह नही करके यह कर दिया, वैसा
कर दिया, उसको मेंने यह कहा वैसा
नहीं किया।

11- ऐसे लोगों को पूर्ण विश्वास, धैर्य, भरोसा आदि खुद पर तो
कुछ होता नही,
एक काम
छोडकर दूसरी फिर तीसरी फिर और कई।

कभी कभी बेलदारी, कभी कुछ करने की आदत पड़ जाती है।

12- मेरे पास समय नहीं है
ऐसा लगता है इनकी
INCOME लाखों
रुपये रोजाना होती है
सभी के पास 24 घण्टे ही होते है समय किस दुकान पर नही मिलता है, लगता है सफल लोग 10-20 kg समय खरीदकर लाते होंगे।

13-उसने करके देखा, मेरे फूफा,मामा,दोस्त ने किया
था कुछ नहीं हुआ, ये बोलकर दूसरों को भी कुछ नहीं करने देते,
ना ही खुद कुछ अच्छा करके दिखाते है।

14 - अपने राह दिखाने वालो से रोज बात नहीं करते है।

15-ये लोग अपने परिवार
बच्चे आदि के अरमानों को मार देते है इनके कोई सपने नहीं होते है
और भगवान एवं बाप, दादा को हमेशा कोसते रहते है ऊन्होने यह नहीं किया, उन्होंने वह नहीं किया या करके नही गये।
फिर मन मारकर कहते है ऊपर वाला देगा, उतना ही मिलेगा मतलब खुद के नही सब कुछ
राम भरोसे !!!

इसलिये सबसे पहले दुसरो की नही खुद की
#सोच बदलो
#खुद को बदलो
#दुनिया घूम लो
इसी Life में कुछ अच्छा और जबरदस्त करने की ठानी है और आगे बढ़ने की ललक है तो जरूर सम्पर्क करे।
🌹 सदैव आपका अपना🌹
भंवर जूसरी व्हाट्सएप मोबाइल 9251615727
💰💰💰💰💐💐💐💐

27/07/2018

प्यारे विद्यार्थियों ,
मुझे मालूम नहीं कि दुनिया में तुम क्या करना चाहते हो???

हो सकता है कि तुम्हारा हौसला हो व्यापार और कारोबार या नौकरी करके बहुत सारी दौलत कमायें और चैन से अपनी और अपने ख़ानदान की जिन्दगी बिताने का काम करें,

अगर ऐसा है तो परमात्मा तुम्हारा मनोरथ सफल करे,

लेकिन चाहे तुम धन - दौलत की फिक्र में लग जाओ, इतना ध्यान रखना कि सफलता के लिए यह जरुरी नहीं है कि अपने कर्तव्यों को त्यागकर और अपनी सारी बड़ी इच्छाओं को पैरों तले रौंदकर ही उस तक पहुंचा जाए,

जो अपने स्वार्थ के लिए इतना अँधा हो जाएँ कि अपने राष्ट्र को हानि पहुँचाने से भी न चुके, वह आदमी नहीं जानवर है|

अगर तुम अपना जीवन देश की सेवा में लगाना चाहते हो तो मुझे तुमसे कुछ कहना है,

तुम जिस देश में यहां से निकलकर जा रहे हो, वह बड़ा अभागा देश है, अनपढ़ों का देश है,

अन्याय का देश है,

कठोरताओं का देश है,

क्रूर परम्पराओं का देश है,

भाई - भाई में नफरत का देश है,

बीमारियों का देश है,

सस्ती मौत का देश है,

गरीबी और अँधेरे का देश है,

भूख और मुसीबत का देश है,

यानि कि बड़ा कमबख्त देश है|

लेकिन क्या कीजिये, तुम्हारा और हमारा देश है,

इसी में मरना है और इसी में जीना है,

इसलिए यह देश तुम्हारी हिम्मत के इम्तहान, तुम्हारी शक्तियों का प्रयोग, तुम्हारे प्रेम की परख की जगह है|

हमारे देश को हमारी गर्दनो से उबलते खून की जरुरत नहीं है|

इसे हमारे माथे के पसीने की बारहमासी दरिया की दरकार है|

जरुरत है काम की, खामोश और सच्चे काम की|

हमारा भविष्य किसान की टूटी झोपड़ी, कारीगर की धुएं से काली छत,

और देहाती स्कूल के फूस के छप्पर तले बन और बिगड़ सकता है|

जिन जगहों का नाम मैंने लिया है, उनमें सदियों तक के लिए हमारी किस्मत का फैसला होगा|

और इन जगहों का काम धीरज चाहता है और चाहता है संयम,

इसमें थकन भी ज्यादा है और कदर भी कम होती है|

जल्दी नतीजा भी नहीं निकलता है| हाँ कोई धीरज रख सके तो जरुर फल मीठा मिलता है|

प्यारे विद्यार्थियों,

इस नये हिंदुस्तान को बनाने के काम में तुमसे जहाँ तक बन पड़े हाथ बटाना,

मगर याद रहे कि अगर स्वभाव में आतुरता है,

तो तुम उस काम को अच्छी तरह नहीं कर सकते|

इस काम में बड़ी देर लगती है|

अगर तबीयत में जल्दबाजी तो तुम काम बिगाड़ दोगे,

क्योंकि अगर जोश में बहुत सा काम करने की आदत है और उसके बाद ढीले पड़ जाते हो तो भी यह कठिन काम शायद तुमसे नहीं बन सकेगा,

क्योंकि इसमें बहुत समय तक बराबर एक सी मेहनत चाहिए|

अगर असफलता से निराश हो जाते हो तो इस काम को मत छूना क्योंकि इसमें असफलताएं जरूरी हैं,

बड़ी असफलताएं और पग पग पर असफलताएं|

इस देश कि सेवा में कदम कदम पर खुद देश के लोग ही तुम्हारा विरोध करेंगे,

वे लोग जिन्हें हर परिवर्तन से हानि होती है|

वे जो इस वक्त चैन से हैं और डरते हैं कि शायद परिस्थितियाँ बदले, तो वे दूसरों की मेहनत के फलों से अपनी झोलियाँ न भर पाएंगे|

लेकिन याद रखो, ये सब थक जाने वाले हैं,

इन सबका दम फूल जायेगा|

तुम ताजादम हो, जवान हो|

तुम्हारे मन में अगर संशय होगा और आत्मविश्वास का अभाव होगा तो इस काम में बड़ी कठिनाइयाँ सामने आयेंगी,

क्योंकि संशय से वह शक्ति पैदा नहीं होती जो इस कठिन काम के लिए अपेक्षित है|

गंदे हाथ और मैले मन से भी तुम इस काम को नहीं कर सकोगे,

क्योकि यह बड़ा पवित्र काम है|

सारांश यह है कि तुम्हारे सामने अपना जौहर दिखाने का अदभुत अवसर है|

मगर इस अवसर का उपयोग करने के लिए बहुत बड़े नैतिक बल की आवश्यकता है|

जैसे कारीगर होंगे, वैसी ही इमारत होती है,

काम चूंकी बड़ा है,

एक की या थोड़े से आदमियों की थोड़े दिन की मेहनत से पूरा न होगा,

दूसरों से मदद लेनी होगी और दूसरों की मदद करनी होगी,

तुम्हारी पीढी के सारे हिन्दुस्तानी नवजवान अगर अपना सारा जीवन इसी एक धुन में बिता दें,

तब कहीं यह नाव पार लगेगी|

जब जाति - पाति, भाषा, धर्म, सम्प्रदाय, प्रान्त आदि के झगड़ों के चलते देश टूटता नजर आ रहा है,

जिस देश में अनेक जातियां बसती है,

जहाँ विभिन्न संस्कृतियाँ प्रचलित है,

जहाँ एक का सच दूसरे का झूठ है,

उस देश में नवजवानों से इस तरह मिलकर काम करने की आशा कुछ कम ही है|

वोट बिकते हैं,

राजनीतिज्ञ बिकते हैं,

वे देश को भी बेच सकते हैं |

सेवा की राह में, जिसकी चर्चा मैं कर रहा हूँ, सचमुच ही बड़ी कठिनाइयाँ हैं |

इसलिए ऐसे क्षण भी आएंगे की तुम थककर शिथिल हो जाओगे |

बेदम से हो जाओगे और तुम्हारे मन में संदेह भी पैदा होने लगेगा कि यह जो कुछ किया,

सब बेकार तो नहीं था?

उस समय उस भारत माता के चित्र का ध्यान करना जो तुम्हारे ह्रदयपट पर अंकित हो,

यानि उस देश के चित्र का ध्यान, जिसमे सत्य का शासन होगा, जिसमे सबके साथ न्याय होगा, जहाँ अमीर - गरीब का भेदभाव नहीं होगा,

बल्कि सबको अपनी अपनी क्षमताओं को पूर्णतया विकसित करने का अवसर मिलेगा,

जिसमें लोग एक दूसरे पर भरोसा और एक दूसरे की मदद करेंगे,

जिसमें धर्म इस काम में नहीं लाया जायेगा कि झूठी बातें मनवाएं और किन्ही स्वार्थों की आड़ बने,

बल्कि वह जीवन को सुधारने और सार्थक बनाने का साधन होगा |

उस चित्र पर दृष्टि डालोगे तो तुम्हारी थकन दूर हो जाएगी और नये सिरे से अपने काम में लग जाओगे |

फिर भी अगर चारों तरफ कमीनापन और खुदगर्जी, मक्कारी और धोखेबाजी और गुलामी में संतोष देखो तो समझना कि अभी काम समाप्त नहीं हुआ है |

मोर्चा जीता नहीं गया है |

इसलिए संघर्ष जारी रखना चाहिए,

और जब वह वक्त आये,

जो सबका आना है और इस मैदान को छोड़ना पड़े,

तो यह संतोष तुम्हारे लिए पर्याप्त होगा कि तुमने यथाशक्ति उस समाज को स्वतंत्र करने और अच्छा बनाने का प्रयत्न किया,

जिसने तुम्हें आदमी बनाया था |

✍✍
वक्त बदला पर महापुरुषो के वचनो की प्रासंगिकता आज भी कायम है।

कोरे शब्द या खोखले उपदेश नहीं,
छोटी -छोटी ईंटे, जिन्हें जोड़ - जोड़कर एक पूरा इन्सान खड़ा होता है,
एक राष्ट्र आकार लेता है|
वास्तविकता कि बुनियादी तालीम के मर्मज्ञ,
शिक्षाविद तथा 1967- 1969 तक देश के राष्ट्रपति रहे *डाक्टर जाकिर हुसैन* का यह भाषण कुछ ऐसी ही सच्चाईयां उजागर करता है |
*डाक्टर जाकिर हुसैन के भाषण का सम्पादित अंश :*

19/05/2017

शिक्षा का सर्वोत्तम केंद्र जहाँ बच्चो का सम्पूर्ण विकास किया जाता है।

18/05/2017

हम दिखावो से दूर वादों में नहीं वास्तविकता और मेहनत में विश्वास करते है।
श्री सर्वेश्वर स्कूल जूसरी ।। श्री राधा सर्वेश्वरो विजयते ।।

लगातार 30 वर्षो से उत्कृष्ट सेवाएं देने वाला मकराना कुचामन क्षेत्र का सबसे पुराना प्राईवेट स्कुल जो अपनी उत्कृष्ठता के स...
26/04/2017

लगातार 30 वर्षो से उत्कृष्ट सेवाएं देने वाला मकराना कुचामन क्षेत्र का सबसे पुराना प्राईवेट स्कुल जो अपनी उत्कृष्ठता के साथ आज भी शिखर पर है। अपने बच्चो के स्वर्णिम भविष्य के लिये आज ही प्रवेश दिलाये। मोबाइल 9929021357.

14/12/2016
PHOTO OF SCHOOL BUILDING.
30/06/2013

PHOTO OF SCHOOL BUILDING.

30/06/2013

CONGRATS TO ALL FOR SECONDARY AND SR SECONDARY EXAM RESULT GOOD. ALL STUDENTS HAVE GET GOOD PERCENTAGE .

Address

Jusari Makrana
Makrana
341505

Telephone

9929021357

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Shri Sarveshwar Sr Sec School Jusari posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The School

Send a message to Shri Sarveshwar Sr Sec School Jusari:

Shortcuts

Share

Category