05/12/2025
*भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती रामबेटी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में बड़ी धूमधाम से मनाई गई*
*मृदुल कुमार कुलश्रेष्ठ जिला ब्यूरो चीफ, मैनपुरी*
मैनपुरी। नगर के रामलीला मैदान स्थित रामबेटी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वाधान में संविधान सभाध्यक्ष, एवं देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर एक विचार गोष्ठी भी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता, जिलाध्यक्ष, राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ एडवोकेट ने की। सर्वप्रथम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, डॉ चंद्रमोहन सक्सेना, (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अखिल भारतीय कायस्थ महासभा) ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर मल्यार्पण किया एवं राष्ट्रीय कार्यवाहक महामंत्री, धीरज श्रीवास्तव, एडवोकेट विकास कुलश्रेष्ठ,अमित जौहरी,डॉ राजीव सक्सेना, मृदुल कुमार कुलश्रेष्ठ,रजत सक्सेना ने डॉ राजेंद्र प्रसाद जी के चित्र पर तिलक लगाकर मल्यार्पण किया और सभी ने पुष्प अर्पित किए। रामबेटी मेमोरियल पब्लिक स्कूल के नन्हे मुन्हें बच्चों (अमृता ,तनु, शना,मानवी,प्रियांशी) द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागतगान की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में विकास नंदन कुलश्रेष्ठ एडवोकेट ने मुख्य अतिथि डॉ चंद्रमोहन सक्सेना का माल्यार्पण कर स्वागत किया। स्कूल के प्रधानाचार्य,मृदुल कुमार कुलश्रेष्ठ ने अध्यक्ष,राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ एडवोकेट का माल्यार्पण कर स्वागत किया। डायरेक्टर शालिनी कुलश्रेष्ठ एवं निहारिका सक्सेना ने संरक्षक डॉ आशा सक्सेना का माल्यार्पण कर स्वागत किया। अजय सक्सेना ने युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमित जौहरी का माल्यार्पण कर स्वागत किया। राजू रंगशाला ने राष्ट्रीय कार्यवाहक महामंत्री,धीरज श्रीवास्तव का माल्यार्पण कर स्वागत किया। रजत सक्सेना ने डॉ हिमांशु सक्सेना का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यअतिथि डॉ चंद्रमोहन सक्सेना ने देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इनका जन्म 3 दिसंबर, 1884 को बिहार के जीरादेई में हुआ था। वे भारत के पहले राष्ट्रपति थे और स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उन्होंने महात्मा गांधी के साथ काम किया, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में तीन बार कार्य किया, और भारतीय संविधान के मसौदे वाली संविधान सभा के अध्यक्ष भी थे। उन्हें 1962 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा कि गर्व की बात है कि डॉ राजेंद्र प्रसाद जी अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे थे।
इस अवसर पर अध्यक्ष राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ, एडवोकेट ने कहा कि डॉ राजेंद्र प्रसाद जी ने कलकत्ता के प्रेसीडेंसी कॉलेज में दाखिला लिया और अर्थशास्त्र में एम.ए. किया। स्वतंत्रता संग्राम में योगदान रहा। 1917 में गांधीजी के आदर्शों से प्रभावित होकर चंपारण आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया और वकालत छोड़ दी। 1920 में असहयोग आंदोलन में शामिल हुए और नमक सत्याग्रह (1931) और भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान जेल भी गए। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य मृदुल कुमार कुलश्रेष्ठ ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ चंद्र मोहन सक्सेना, जिलाध्यक्ष राजीव कुमार कुलश्रेष्ठ एडवोकेट, डॉ सूर्यमोहन सक्सेना, राष्ट्रीय कार्यवाहक महामंत्री,धीरज श्रीवास्तव, शालिनी कुलश्रेष्ठ, डॉ आशा सक्सेना,अमित जौहरी, विकास नंदन कुलश्रेष्ठ एडवोकेट,राजू रंगशाला, डॉ राजीव सक्सेना, डॉ हिमांशू सक्सेना,पत्रकार अजय किशोर सक्सेना, पत्रकार अजय सक्सेना, पत्रकार, मनोज शर्मा, पत्रकार विशाल शर्मा, एंकर नीलम शर्मा,पत्रकार मृदुल कुमार कुलश्रेष्ठ, रजत सक्सेना, सुभाष सक्सेना, अभय सक्सेना, प्रखर सक्सेना,दिव्यांशु कुलश्रेष्ठ, स्वाति यादव, श्वेता चौहान, अंजली सक्सैना,माधुरी,आदि कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आशा सक्सेना ने किया।