04/12/2025
बच्चों में बचपन
जवानी में यौवन
शीशों में दर्पण
जीवन में सावन
गाँव में अखाड़ा
शहर में सिंघाड़ा
टेबल की जगह पहाड़ा
और पायजामे में नाड़ा
ढूँढते रह जाओगे
चूड़ी भरी कलाई
शादी में शहनाई
आँखों में पानी
दादी की कहानी
प्यार के दो पल
नल नल में जल
तराजू में बट्टा
और लड़कियों का दुपट्टा
ढूँढते रह जाओगे
गाता हुआ गाँव
बरगद की छाँव
किसान का हल
मेहनत का फल
चहकता हुआ पनघट
लम्बा लम्बा घूँघट
लज्जा से थरथराते होंठ
और पहलवान का लंगोट
ढूँढते रह जाओगे
आपस में प्यार
भरा पूरा परिवार
नेता ईमानदार
दो रुपये उधार
सड़क किनारे प्याऊ
संबोधन में चाचा ताऊ
परोपकारी बंदे
और अरथी को कंधे
ढूँढते रह जाओगे।
🙏🙏🙏
सभी एक 𝗟𝗶𝗸𝗲 अवश्य करें ♥