04/02/2025
*हम जिसको स्कूल में बैठा हुआ एक बच्चा समझ रहे हैं वो किसी के लिए दुनिया है।*
*स्कूल में बैठे हुए करोड़ों बच्चे सिर्फ बच्चे नहीं है ये करोडों सपने हैं। इन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए हर स्तर पर कार्य किया जाना बहुत जरूरी है।*
*आइये हम सभी शिक्षक व अभिभावक मिलकर इनके सपनों को उड़ान दें*