Choudhary Sir / Medical & IIT JEE

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MEDICAL & IIT JEE
FOUNDATION, TARGET & ACHIEVER
REGULAR TEST, DPP, AFFORDABLE TO ALL
SCHOLARSHIPS FOR POOR AND MERITORIOUS STUDENTS.

06/04/2026

(National Eligibility cm Entrance Test) भारत में मेडिकल क्षेत्र (विशेषकर डॉक्टर बनने) का सबसे बड़ा और एकमात्र प्रवेश द्वार है। इसका आयोजन NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) द्वारा किया जाता है।
पहले भारत में अलग-अलग राज्यों और AIIMS/JIPMER जैसे संस्थानों की अपनी अलग प्रवेश परीक्षाएं होती थीं, लेकिन अब पूरे देश में मेडिकल के लिए केवल एक ही परीक्षा (NEET-UG) होती है।
यहाँ NEET परीक्षा का विस्तृत विवरण, शैक्षिक योग्यता और नवीनतम पैटर्न दिया गया है:
1. परीक्षा का उद्देश्य (Courses Offered)
NEET परीक्षा पास करने के बाद छात्रों को उनके रैंक और कट-ऑफ के आधार पर भारत के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में निम्नलिखित कोर्सेज में प्रवेश मिलता है:
* MBBS (एलोपैथिक डॉक्टर)
* BDS (दांतों के डॉक्टर / Dentist)
* AYUSH Courses: BAMS (आयुर्वेदिक), BHMS (होम्योपैथिक), BUMS (यूनानी), BSMS (सिद्ध)
* (कुछ राज्यों में B.Sc Nursing और BPT/फिजियोथेरेपी में भी प्रवेश अब NEET के अंकों के आधार पर ही होता है।)
2. शैक्षिक योग्यता और आयु सीमा (Eligibility)
* न्यूनतम योग्यता: छात्र का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा (10+2) विज्ञान संकाय में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
* अनिवार्य विषय: 12वीं में भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), जीव विज्ञान (Biology / Biotechnology) और अंग्रेजी (English) मुख्य विषय होने चाहिए।
* अंकों की आवश्यकता: 12वीं में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान (PCB) के कुल मिलाकर न्यूनतम 50% अंक (सामान्य वर्ग के लिए) होने चाहिए। (OBC/SC/ST के लिए यह 40% है)।
* आयु सीमा: परीक्षा के वर्ष के 31 दिसंबर तक छात्र की आयु कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए। (NEET में अब अधिकतम आयु (Upper Age Limit) की कोई सीमा नहीं है)।
3. NEET परीक्षा का पैटर्न (Exam Pattern)
NEET की परीक्षा ऑफलाइन मोड में (पेन और पेपर/OMR शीट पर) आयोजित की जाती है।
* कुल समय: 3 घंटे 20 मिनट (200 मिनट)
* कुल अंक: 720 अंक
* विषय: भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), वनस्पति विज्ञान (Botany), और प्राणी विज्ञान (Zoology)।
* नेगेटिव मार्किंग: प्रत्येक सही उत्तर के लिए +4 अंक मिलते हैं और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए -1 अंक काटा जाता है। बिना प्रयास किए गए प्रश्नों पर शून्य (0) मिलता है।
प्रश्नों का वितरण (सेक्शन-वाइज):
प्रत्येक विषय (Physics, Chemistry, Botany, Zoology) को दो सेक्शन (Section A और Section B) में बांटा गया है:
* Section A: 35 प्रश्न (सभी 35 प्रश्न हल करना अनिवार्य है)।
* Section B: 15 प्रश्न (इन 15 में से छात्र को कोई भी 10 प्रश्न हल करने होते हैं)।
* इस प्रकार, परीक्षा में कुल 200 प्रश्न आते हैं, जिनमें से छात्र को 180 प्रश्न हल करने होते हैं (180 x 4 = 720 अंक)।
4. NEET में विषयों की भूमिका और 'रैंक डिसाइडर' फैक्टर
* बायोलॉजी (Botany + Zoology): यह सबसे बड़ा हिस्सा है (360 अंक)। जो छात्र मेडिकल की तैयारी करते हैं, उनका बायोलॉजी आमतौर पर बहुत मजबूत होता है। यहाँ अच्छा स्कोर करना चयन (Selection) के लिए अनिवार्य है।
* केमिस्ट्री (Chemistry): यह स्कोरिंग होता है (180 अंक)। इसमें फिजिकल, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री शामिल होती है।
* फिजिक्स (Physics): (180 अंक) मेडिकल की तैयारी करने वाले अधिकांश छात्रों के लिए भौतिकी सबसे बड़ी चुनौती होती है। NEET में असली रैंक और टॉप मेडिकल कॉलेज (जैसे AIIMS) का निर्धारण फिजिक्स ही करता है। जिस छात्र का गणितीय आधार और फिजिक्स के न्यूमेरिकल सॉल्व करने की क्षमता मजबूत होती है, वह आसानी से टॉपर्स की सूची में जगह बना लेता है।

Photos from Choudhary Sir / Medical & IIT JEE's post 12/01/2024

मेरे प्यारे भांजा अविनाश, आपको जन्मदिन की बहुत सारे शुभकामनाएँ, मैं आपके सफलता की कामना करता हूँ, आप एक वैज्ञानिक अवश्य बनेंI

04/01/2024

I got 16 reactions on my recent top post! Thank you all for your continued support. I could not have done it without you. 🙏🤗🎉

Choudhary Pathshala

03/11/2023

Choudhary Pathshala

19/09/2023

28/08/2023
24/08/2023

देश में आरक्षण को तो यूं ही बदनाम किया जाता हैlडोनेशन पर एक ऐसे बच्चे भी इंजीनियर एवं डॉक्टर बन जा रहे हैं JEE/NEET जैसे एग्जाम में 10- 20 परसेंट भी स्कोर नहीं कर पाते हैंl यह व्यवस्था आज से नहीं बहुत पुराना है और न जाने कितने इंजीनियर और डॉक्टर डोनेशन पर बन चुके हैंl जिनके लिए मेरिट जैसी कोई बात ही नहीं है l
यदि कोई अभिभावक 50 लाख से एक करोड़ तक खर्च कर सकते हैं तो उनके बच्चे आसानी से डॉक्टर बन जाएंगे चाहे उनका योग्यता कुछ भी होl यही हाल इंजीनियरिंग फील्ड का भी हैl
सभी बच्चों को यदि शिक्षा का समान अवसर उपलब्ध करा दिया जाए तो आरक्षण की कोई जरूरत ही नहीं पड़ेगी औरअनिवार्य रूप से डोनेशन पर होने वाले इंजीनियरिंग एवं मेडिकल के पढ़ाई पर रोक लगनी चाहिएlइसी तरह से देखा जा रहा है कि एजुकेशन के फील्ड में करियर बनाने वाले का भी योग्यता चाहे जो भी हो वह B.Ed करके बैठ जाते हैंl इस तरह से पैसा और समय का बहुत अधिक बर्बादी हो रहा हैl शिक्षक को लेकर के सरकार की पॉलिसी स्पष्ट कभी रही ही नहींl जब जो मन में आया करते गए जिससे शिक्षा का गुणवत्ता दिन प्रतिदिन बिगड़ता चला गयाl जब तक पूरे देश में एक समान शिक्षा प्रणाली लागू नहीं होगी, तब तक सभी लोगों को रोजगार का समान अवसर नहीं मिलेगाlएक उदाहरण के तौर पर समझ सकते हैं की एक हिंदी मीडियम के बच्चे जो दसवीं तक हिंदी में पढ़ाई किए हैं उन्हें आगे अंग्रेजी में पढ़ना पड़ता है और एसएससी, बैंकिंग,प्लेसमेंट में भी अंग्रेजी को प्राथमिकता दे दिया जाता हैl जिसमें अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने वाले बच्चों को लाभ हो जाता है l
देश में केंद्रीय विद्यालय के तर्ज पर सभी विद्यालय होनी चाहिए तथाकथित निजी स्कूल भी किसी न किसी ट्रस्ट के माध्यम से चलाया जाता है और यह दावा किया जाता है कि यह गैर लाभकारी पहै जो की बिल्कुल गलत हैl यदि ट्रस्ट को शिक्षा में योगदान ही देनी है तो वह डायरेक्ट केंद्र सरकार को योगदान देl
और केंद्र सरकार हर स्कूल में समान शिक्षा प्रणाली लागू कर शिक्षा का गुणवत्ता सुनिश्चित करेंl
Er S.K Choudhary
Founder of (CHOUDHARY PATHSHALA)

07/08/2023

यदि आपके अभिभावक बहुत गरीब हैं तो आप मेडिकल की तैयारी करें, क्योंकि इसकी पढ़ाई में सबसे कम खर्च होती है l

23/07/2023

If you want to accept challenges just after 10th then you must do preparation of
&

14/07/2023
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