28/08/2024
Indian Institute of Technical Skills से पुस्तकालय विज्ञानं सत्र 2022 -23 के प्रथम तीन टॉपर्स को बधाई ,
भविष्य के लिए शुभकामनाएं 💐💐
We follow pedagogy along with interactive teaching. We ensure to have customized need of students from class VI to X.
We have efficient teachers with teaching experience. We ensure best results and holistic development of kids
28/08/2024
Indian Institute of Technical Skills से पुस्तकालय विज्ञानं सत्र 2022 -23 के प्रथम तीन टॉपर्स को बधाई ,
भविष्य के लिए शुभकामनाएं 💐💐
22/06/2022
"Spoken English classes in Madhubani"
We have great experience in Spoken English and Personality Development. We focus mainly on Public Speaking, Fluency, confidence, and body language. Our teaching method is very simple, We have Trained Students, corporate, Housewives, Defence Personnel, and all age groups.
Flexible time and Special batches for Females and working people are available.
Enroll now and book your seat.:-8579854218 /9631212706
ADDRESS:- Center -Town Club Road Madhubani
05/05/2022
Call Now.
04/05/2022
Call us on 9631212706 now. Admissions for CBSE students going on.
02/05/2022
अगर आपके बच्चे #सीबीएसई_बोर्ड - से स्कूलिंग कर रहे है तो - शहर का एकमात्र #इंग्लिश_मीडियम_कोचिंग_क्लास
आपके बच्चे के उज्जवल भविष्य के लिए हम उनके जड़ो यानी की कांसेप्ट पर पकड़ मजबूत करते है -
जल्द नामांकन करवाएं , सीटें सिमित है
09/04/2022
07/04/2022
✍️CBSE Coaching from May 2022
admission Open
coaching for class VI onwards
30/03/2022
CBSE Coaching from May 2022
admission Open
coaching for class VI onwards
भाई , अभी भी समय है थोड़ी सी अंग्रेजी ठीक कर लो। भाषा ही है ज्यादा मेहनत भी नहीं लाएगी। आप दुनिया की सोच नहीं बदल सकते हैं लेकिन खुद को जरूर बदल सकते हैं। कहीं से सीखे लेकिन अंग्रेजी जरूर सीखें।
When I was 4, my sister was half my age.
Now I'm 20, how old is my sister? 🤔
दुनिया में कुछ भी ऐसा नहीं है जिससे तुम सीख नहीं सकते।
दुनिया में तुम्हें जो बुरे-से-बुरा जीवन में अनुभव हो रहा है वो भी तुम्हारा शिक्षक हो सकता है अगर तुम्हारी नीयत हो; ऐसे ही आगे बढ़ा जाता है।
ख़ास अनुभवों की तलाश करते रहोगे कि ऐसा होगा वैसा होगा, तो कुछ नहीं होगा।
जिन्हें सीखना है, जानना है, वो दिन-प्रतिदिन, क्षण-प्रतिक्षण जानते सीखते हैं; वो तो प्यासे हैं, वो तो सोखेंगे, चाहे जहाँ से मिले।
सवाल: मुझे अपनी आगे की पढ़ाई के लिए कुछ ऐसे विषयों का चुनाव करना पड़ रहा है जिनमें मेरी बहुत ज़्यादा रुचि नहीं है 😢। ऐसा लगता है उनमें नकली रुचि जगानी पड़ेगी💭। लेकिन ऐसा भी लग रहा है कि वो विषय आगे कैरियर😍 में बहुत लाभ देंगे, और वो मानवता🤔 से जुड़े कार्यक्षेत्रों में भी काम आएँगे।
मैं उन विषयों में अपनी रुचि कैसे जगाऊँ❤️? या उन विषयों को छोड़कर कुछ ऐसे विषय चुनूँ, जिनमें मेरी रुचि है❤️❤️?
उत्तर: अगर कह रहे हो कि कोई ऐसा क्षेत्र है जो तुम्हें भी लाभ देगा, और मानवता के लिए भी अच्छा है, तो उसमें तुम्हें नकली रुचि क्यों बनानी पड़ेगी☺️? वास्तविक रुचि क्यों नहीं?😊
प्रश्नकर्ता: क्योंकि उन विषयों की पढ़ाई मुझे बहुत जल्दी समझ नहीं आती है🤯। जैसे कंप्यूटर और गणित हैं, इन विषयों में मुझे हमेशा से दिक़्क़त महसूस होती है।🙄
उत्तर: तो अब समझो।
इंटरेस्ट या रुचि छोटी चीज़ होती है, सत्यता बड़ी चीज़ होती है।🙌
सही चुनाव का अर्थ ही है – रुचि की परवाह ही न करना,🚵 और उस तरफ़ चलना जिधर सत्य है।
रुचि की तरफ़ चलना माने – वृत्तियों के चलाए चलना।🤤
‘रुचि’ बड़ा हल्का शब्द है।
और ये बड़े खेद की बात है कि हमने आज के समय में ‘रुचि’ को, या ‘इंटरेस्ट’ को बड़ा 💯आदरणीय शब्द बना लिया है। हम रुचि की बात ऐसे करते हैं जैसे रुचि कोई ऊँची चीज़ हो, सत्य की 💥💥समकक्षी हो।
जीवन जीने का उसूल ये है कि – “रुचि चाहे हो चाहे न हो, वो करेंगे जो ज़रूरी, उचित है, आवश्यक है, सत्य है, सही है।🎉💐
लेकिन हवा कुछ ऐसी चल रही है कि लोग कहते हैं, “आई एम नॉट इंटरेस्टेड (मेरी इसमें रुचि नहीं है)।” 🙅सो व्हॉट(तो क्या)? 🤷🏼♀️हाऊ इस यॉर इंटरेस्ट सो सेक्रेड (तुम्हारी रुचि में ऐसा क्या पवित्र है, पूजनीय है)?🙆
लेकिन बात यही है कि ‘सेक्रेडनेस’, पवित्रता या पावनता का कोई मूल्य ही नहीं रहा है। वो सिद्धांत के तौर पर भी बच नहीं रही है🧘। तो जब कुछ नहीं है जो अहम से आगे का है, कुछ नहीं है जो आपकी रुचि से कहीं ज़्यादा आवश्यक है, तब ‘रुचि’ ही रानी बन बैठती है।
छोटे-छोटे बच्चों को सिखाया जा रहा है – “फाइंड आउट व्हॉट यू आर इंटरेस्टेड इन (पहचानो तुम्हारी रुचि किसमें है🤴👸🧞
और रुचि तो तुम भली-भाँति जानते हो कि किसकी होती है, इसीलिए किसकी तरफ़ होगी। आत्मा तो किधर की रुचि रखती नहीं – न दाएँ की न बाएँ की। रुचियाँ तो सारी बाहरी चमक की होती हैं। और अहंकार की ही होती हैं अगर सारी रुचियाँ, तो रुचियाँ तो उधर को ही जाएँगी जिधर अहंकार होगा, और जिधर तुम्हारा विनाश होगा।
अहम की रुचि किधर को होगी? जिधर चकाचौंध 🕴️होगी, जिधर उत्तेजना होगी, जिधर लोभ होगा, जिधर🌃🌆⛱️🎇🎁 प्रशंसा-प्रतिष्ठा होगी। तो रुचि तो बड़ी सस्ती, हल्की, कभी-कभी बड़ी घिनौनी बात है। इतना ही नहीं, रुचि का बड़ी आसानी से पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।
लड़का जवान हो रहा है, लड़कियों में रुचि आ गई होगी उसकी। इतनी उथली चीज़ है ‘रुचि’, इंटरेस्ट। इंटरेस्ट की बात कभी मत कर देना। जिधर को भी तुम्हारा इंटरेस्ट जा रहा हो, उधर तीखे सवाल करो –
“क्यों है मेरी रुचि इधर?”
“क्या है मेरे भीतर जो खींच रहा है उधर को?”🥇🥈🥉
अभी भी देखो न तुम अपने आपको इस स्थिति में। जिस क्षेत्र की तुम बात कर रही हो, उस क्षेत्र में तुम्हारी अरुचि ही इसीलिए है क्योंकि उसमें तुम्हें सफलता नहीं मिली। तुम ये नहीं देख रहीं कि आवश्यक क्या है। बल्कि ये कह लो कि तुम्हें पता है कि आवश्यक क्या है, फिर भी रुचि आवश्यकता पर, सत्य पर भारी पड़ रही है।
ये मत होने देना।💫💫
अगर रुचि मन पर भारी पड़ रही है, तो इसका मतलब अहंकार👺👹 (ego) life🥰 पर भारी पड़ रहा है।
हमने ‘इंटरेस्ट (रुचि)’ शब्द को बहुत ज़्यादा अहमियत दे दी है। ये बाज़ार का काम है, ये उपभोक्तावाद का काम है। बाज़ार चलता ही है तुम्हारी रुचि पर। बाज़ार तुमसे पूछता है, “टेल मी, व्हॉट डु यु फाइंड इंटरेस्टिंग (बताओ तुम्हारी किसमें रुचि है)।”
और फ़िर तुम्हें वही बेच दिया जाता है जो तुम्हें इंटरेस्टिंग (रुचिकर) लगता है। तो बाज़ार तुम्हारी रुचि की कद्र करेगा ही, वो तुम्हारी रुचि को पूजेगा, क्योंकि बाज़ार है ही तुम्हें लूटने के लिए, तुमसे मुनाफ़ा बनाने के लिएतो बाज़ार ने अभी प्रचलित, समसामयिक लोक-संस्कृति में, इन शब्दों को बड़ा उभार, बड़ी मान्यता, बड़ा सम्मान दे दिया है – इंटरेस्ट, पैशन इत्यादि। जबकि फ़िज़ूल शब्द हैं ये। लोग आते हैं, कहते हैं, “आई एम नॉट इंटरेस्टेड इन thid. वो उतने ही बड़े मूर्ख हैं, जितने कि वो जो कहते हैं, “I am interested in this.
Career तुम्हारी रुचि-अरुचि का मोहताज होकर कब से रह गया?🏆
जो सच है वो सच है, उसमें तुम्हारी रुचि हो या अरुचि हो।
पर हम तभी कुछ करते हैं जब वो इंटरेस्टिंग लगता है। वीडियोस हैं यूट्यूब पर, वहाँ रोज़ पचास टिप्पणियाँ इस तरह की भी आती हैं – “व्हॉट यू आर सेइंग इस इंटरेस्टिंग (आप जो कह रहे हैं वो रुचिकर है)।” ख़ासतौर पर बुद्धिजीवी वर्ग। और इसकी विपरीत ऐसे भी आते हैं, जो कहते हैं, “आई डोंट फाइंड इट इंटरेस्टिंग।” वाहियात बात है। ये वही कह सकता है जिसकी ज़िंदगी में ‘सेक्रेडनेस‘ (पवित्रता) जैसी कोई चीज़ न हो।
और आज का तो युग है ही हर चीज़ पर अपने गंदे हाथ रख देने का युग, किसी-भी बात को सेक्रेड (पवित्र) न मानने का युग। तुम्हारे आसपास जो कुछ है, वो सेक्रेड न हो, ये बात तो समझमें आती है। यहाँ तक ठीक है। पर अगर तुमने ये कह दिया कि – “कुछ सेक्रेड हो ही नहीं सकता, बेयॉन्डनेस डस नॉट एक्सिस्ट,” कि तुम्हारे मन और तुम्हारी बुद्धि के पार कुछ है ही नहीं!🤑🤑😎
तुम देख लो किसपर चलाना है।🤔🤔
| 9am - 5pm |