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मैं नहीं मेरा रिजल्ट बोलता है सबसे आगे सबसे तेज

31/12/2021

Welcome 2022

26/03/2021

Congrates topper

28/08/2020

प्रकृति किसी के साथ भेदभाव नहीं करती

25/08/2020

सनातन धर्म में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि श्री राधाष्टमी के नाम से प्रसिद्ध है। शास्त्रों में इस तिथि को जन्माष्टमी के अलावा श्री राधाजी का प्राकट्य दिवस माना गया है। श्री राधाजी वृषभानु की यज्ञ भूमि से प्रकट हुई थीं। वेद तथा पुराणादि में जिनका ‘कृष्ण वल्लभा’ कहकर गुणगान किया गया है, वे श्री वृन्दावनेश्वरी राधा सदा श्री कृष्ण को आनन्द प्रदान करने वाली साध्वी कृष्णप्रिया थीं। कुछ महानुभाव श्री राधाजी का प्राकट्य श्री वृषभानुपुरी (बरसाना) या उनके ननिहाल रावल ग्राम में प्रातःकाल का मानते हैं। कल्पभेद से यह मान्य है, पर पुराणों में मध्याह्न का वर्णन ही प्राप्त होता है।

शास्त्रों में श्री राधा कृष्ण की शाश्वत शक्तिस्वरूपा एवम प्राणों की अधिष्ठात्री देवी के रूप में वर्णित हैं अतः राधा जी की पूजा के बिना श्रीकृष्ण जी की पूजा अधूरी मानी गयी है। श्रीमद देवी भागवत में श्री नारायण ने नारद जी के प्रति ‘श्री राधायै स्वाहा’ षडाक्षर मंत्र की अति प्राचीन परंपरा तथा विलक्षण महिमा के वर्णन प्रसंग में श्री राधा पूजा की अनिवार्यता का निरूपण करते हुए कहा है कि श्री राधा की पूजा न की जाए तो मनुष्य श्री कृष्ण की पूजा का अधिकार नहीं रखता। अतः समस्त वैष्णवों को चाहिए कि वे भगवती श्री राधा की अर्चना अवश्य करें। श्री राधा भगवान श्री कृष्ण के प्राणों की अधिष्ठात्री देवी हैं, इसलिए भगवान इनके अधीन रहते हैं। यह संपूर्ण कामनाओं का राधन (साधन) करती हैं, इसी कारण इन्हें श्री राधा कहा गया है।

22/08/2020

🙏माता पिता ही सम्पूर्ण संसार है ।🙏
एक बार भगवान शिव, पार्वती, गणेश और कार्तिकेय कैलाश पर साथ बैठे थे. तभी न जाने किस बात पर खुद को बेहतर बताते हुए कार्तिकेय ने गणेश से पंगा ले लिया. मम्मी-पापा से बोले कि आज तो डिसाइड कर ही दो कि आप के दोनों जिगर के टुकड़ों में कौन श्रेष्ठ है. अब मम्मी-पापा भी एक बेटे को दूसरे से बेहतर या कमजोर कैसे बता देते. तो उन्होंने कहा कि दोनों में से जो भी धरती के तीन चक्कर लगाकर पहले उन तक वापस आएगा, वह बेहतर माना जाएगा. कार्तिकेय ने जैसे ही सुना, तुरंत अपने वाहन मोर का एक्सीलेटर खींच दिया.

अब गणेश ठहरे गोल-मटोल, भारी-भरकम और ऊपर से उनकी सवारी भी चूहा. तो उन्होंने गियर डालने के बजाय दिमाग लगाया. वो उठे और शिव-पार्वती की तीन परिक्रमाएं कर डालीं. जब उनसे पूछा गया कि ये क्या किया तो बोले कि मेरे माता-पिता ही मेरा संसार हैं और उनकी परिक्रमा करना पृथ्वी की परिक्रमा करने के बराबर है. उधर जब कार्तिकेय धरती के तीन चक्कर लगाकर लौटे तो देखा गणेश जी पहले ही बाजी मार चुके थे।

गणेश चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनाएं

20/08/2020

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमस्तस्ए नमो
नमः

12/07/2020

कोविड-19 का केस दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है ऐसे में हम सभी को अपने अपने घर में रहकर इस वायरस को कमजोर बनाना है

01/07/2020

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30/06/2020

एक अच्छी सोच अच्छी पहल

23/06/2020

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