22/07/2025
राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस: एकता, अखंडता और बलिदान का प्रतीक तिरंगा
राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस हर भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का दिन है। यह वह पावन तिथि है जब हमने अपने राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगा, को संविधान सभा द्वारा आधिकारिक रूप से अपनाया था। यह दिवस हमें न केवल अपने ध्वज के महत्व को याद दिलाता है, बल्कि उन मूल्यों को भी रेखांकित करता है जिनका वह प्रतिनिधित्व करता है: एकता, अखंडता और बलिदान।
तिरंगा केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र की आत्मा का प्रतिबिंब है। इसका हर रंग, हर चक्र और हर रेखा एक गहरी कहानी कहता है:
* केसरिया रंग बलिदान, साहस और त्याग का प्रतीक है। यह हमें उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। यह हमें अपने कर्तव्यों के प्रति निडर रहने और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देता है।
* सफेद रंग शांति, सत्य और पवित्रता का द्योतक है। यह दर्शाता है कि भारत एक ऐसा राष्ट्र है जो वैश्विक शांति और सद्भाव में विश्वास रखता है। यह हमें जीवन के हर क्षेत्र में ईमानदारी और निष्पक्षता बनाए रखने का संदेश देता है।
* हरा रंग समृद्धि, उर्वरता और विश्वास का प्रतीक है। यह भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था और हमारी धरती से जुड़े गहरे संबंधों को दर्शाता है। यह हमें विकास और प्रगति की दिशा में निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है।
* ध्वज के केंद्र में स्थित अशोक चक्र "धर्म चक्र" का प्रतिनिधित्व करता है और गति तथा प्रगति का प्रतीक है। इसमें 24 तीलियाँ हैं, जो हमें यह याद दिलाती हैं कि हमें निरंतर आगे बढ़ना चाहिए और कभी रुकना नहीं चाहिए। यह न्याय और कानून के शासन का भी प्रतीक है।
राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस हमें इस बात का भी स्मरण कराता है कि हमारा तिरंगा किस प्रकार विविधताओं से भरे इस देश को एक सूत्र में पिरोता है। चाहे हम किसी भी धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के हों, तिरंगा हम सबको एक पहचान देता है – भारतीय होने की पहचान। यह हमें सिखाता है कि मतभेदों के बावजूद, हम सब एक हैं और एक साथ मिलकर ही एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं।
यह दिवस हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने और उनके सपनों को साकार करने की प्रेरणा देता है। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। हमें मातृभूमि की सेवा में निरंतर समर्पित रहने, देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने, और अपने राष्ट्रीय मूल्यों को बढ़ावा देने का संकल्प लेना चाहिए।
राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस पर हम सब यह प्रतिज्ञा करें कि हम अपने तिरंगे के सम्मान को हमेशा ऊंचा रखेंगे और उसके आदर्शों पर चलते हुए एक सशक्त और गौरवान्वित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
हिमांशु मोहन दीक्षित
Newada Raghaupur