20/04/2026
भीड़ में होना आसान है…
लेकिन खुद में होना सबसे कठिन।
आज इस सफर में, इस ट्रेन की हलचल के बीच
मैंने खुद को थोड़ा और करीब से देखा…
ना कोई दिखावा, ना कोई शोर —
बस मैं… और मेरी सच्चाई।
ज़िंदगी हमें रोज़ कहीं ना कहीं ले जाती है,
लेकिन असली यात्रा अंदर की होती है।
जब तुम खुद से मिल जाते हो,
तो पूरी दुनिया छोटी लगने लगती है…
✨ खुद को जानो…
✨ खुद को स्वीकारो…
✨ और फिर देखो, जिंदगी कैसे बदलती है।
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