26/07/2025
Child Brain Develop Academy
Child Brain Develop Academy(Mid Brain Activation) इसमें बच्चों का Brain De
26/07/2025
01/07/2025
Child Brain Develop Academy.शिक्षा प्रणाली में बच्चों के लिए सबसे पहला उद्देश्य मनोविज्ञान यानी मानसिक विकास होना चाहिए लेकिन भारत में बच्चे समझे में आए या ना आए उसके मस्तिष्क में ऑल सब्जेक्ट घुसेड़ दो बच्चों को तनाव होना स्वाभाविक है
विज्ञान के अनुसार प्रत्येक बच्चों में प्रतिभा है वो अपने अपने फील्ड का स्पेशल है क्योंकि उसकी आंखों के रेटीना और फिंगर प्रिंट एक दूसरों से अलग है अब रही बात बच्चों की किस बच्चे को कौन सब्जेक्ट में मन लगता है किस में नहीं ये स्कूल भी नहीं जज करती है और ना पैरेंट्स लेकिन स्कूल एक आदत ब्रैन में पेटेंट्स को सेट कर दिया की जिसके जितने नंबर उतना जीनियस है
प्राइवेट संस्थान भी कम नंबर नहीं देती है अगर देगी तो उस पर सवाल ,इतना जबाव कौन दे इससे चलो 99% नंबर ही दे दो पेटेंट्स भी खुश ,लेकिन पैरेंट्स को पता होता है जो सुविधा दिया वो टेलेंट नहीं है क्योंकि कभी कभी पड़ोसी के बच्चे को देख कर कुछ कुछ होता है
भारत में समझते कम तुलनात्मक ज्यादा होती है इस जगह पेटेंट्स भी अपने बच्चों को जज करने में फैल होता है क्या पता उस बच्चे कोई अलग टेलेंट हो ये कौन देखता है ,DMIT test , इसके संबंध में कुछ ही पैरेंट्स जानते होगे जैसे महान खिलाड़ी ,एक्टर ,वैज्ञानिक के पेटेंट्स अवगत होगे
मेडिटेशन , कन्सन्ट्रेशन योगा,
मनोविज्ञान का भारत में कोई स्थान नहीं है
मस्तिष्क विकास की बात नहीं है
मस्तिष्क की विश्लेषण पार्ट की विशेषता फंक्शन
इसकी कोई बात नहीं करता है
यानी गाड़ी को बिना समझे डायरेक्ट बेहतर ड्राइवर बनाने की उद्देश्य रखता है
व्यवहारिक ज्ञान, समझ, ये सभी ज्ञान बुक में ही
परी रह जाती है , लोगों की आदत हो गई है हम सम्मान करें या ना करें हमको भरपूर सम्मान चाहिए
पैरेंट्स से संबंध में कुछ लिखो तो वो बेटा अच्छा नहीं होगा
लेकिन कॉपी तो आपका ही होगा देखना चलना बोलना सुनना सभी तो आपसे ही शुरुआत होगी
मनोविज्ञान के अनुसार हम सभी पागल हैं
Mind trainer: Sunil Kumar suman
बाकी आप भी कुछ लिखिए
आपके सवाल का इंतजार रहेगा
13/03/2025
Midbrain Activation programme
मनोविज्ञान का महत्व हमारे जीवन में बहुत अधिक है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं:
*व्यक्तिगत विकास*
1. *आत्म-ज्ञान*: मनोविज्ञान हमें अपने विचारों, भावनाओं, और व्यवहार को समझने में मदद करता है।
2. *व्यक्तिगत लक्ष्य निर्धारण*: मनोविज्ञान हमें अपने लक्ष्यों को निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।
3. *आत्म-विश्वास बढ़ाना*: मनोविज्ञान हमें अपने आत्म-विश्वास को बढ़ाने में मदद करता है और हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।
*सामाजिक संबंध*
1. *संचार कौशल*: मनोविज्ञान हमें संचार कौशल को विकसित करने में मदद करता है जो हमें दूसरों के साथ अच्छे संबंध बनाने में मदद करता है।
2. *सामाजिक कौशल*: मनोविज्ञान हमें सामाजिक कौशल को विकसित करने में मदद करता है जो हमें दूसरों के साथ अच्छे संबंध बनाने में मदद करता है।
3. *समूह गतिशीलता*: मनोविज्ञान हमें समूह गतिशीलता को समझने में मदद करता है जो हमें दूसरों के साथ अच्छे संबंध बनाने में मदद करता है।
*मानसिक स्वास्थ्य*
1. *मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का निदान*: मनोविज्ञान मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का निदान करने में मदद करता है।
2. *मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार*: मनोविज्ञान मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार करने में मदद करता है।
3. *मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना*: मनोविज्ञान मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।
*शिक्षा और विकास*
1. *शिक्षा को प्रभावी बनाना*: मनोविज्ञान शिक्षा को प्रभावी बनाने में मदद करता है।
2. *व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देना*: मनोविज्ञान व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है।
3. *क्षमताओं को विकसित करना*: मनोविज्ञान क्षमताओं को विकसित करने में मदद करता है।
इन सभी बातों से यह स्पष्ट होता है कि मनोविज्ञान का महत्व हमारे जीवन में बहुत अधिक है। यह हमें अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने में मदद करता है।
भारत की शिक्षा प्रणाली में मनोविज्ञान का महत्व बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी यह पर्याप्त नहीं है। यहाँ कुछ कारण हैं:
*महत्व की कमी*
1. *पारंपरिक शिक्षा प्रणाली*: भारत की शिक्षा प्रणाली मुख्य रूप से पारंपरिक और अकादमिक है, जिसमें मनोविज्ञान को कम महत्व दिया जाता है।
2. *व्यावसायिक शिक्षा पर ध्यान*: भारत में व्यावसायिक शिक्षा पर अधिक ध्यान दिया जाता है, जिसमें मनोविज्ञान को कम महत्व दिया जाता है।
3. *संसाधनों की कमी*: भारत में शिक्षा के क्षेत्र में संसाधनों की कमी है, जिससे मनोविज्ञान को कम महत्व दिया जाता है।
*कारण*
1. *ज्ञान की कमी*: भारत में मनोविज्ञान के बारे में ज्ञान की कमी है, जिससे लोग इसके महत्व को नहीं समझते हैं।
2. *सांस्कृतिक और सामाजिक कारण*: भारत में सांस्कृतिक और सामाजिक कारणों से मनोविज्ञान को कम महत्व दिया जाता है।
3. *शिक्षा नीतियों में कमी*: भारत में शिक्षा नीतियों में मनोविज्ञान को कम महत्व दिया जाता है।
*समाधान*
1. *मनोविज्ञान को शिक्षा प्रणाली में शामिल करना*: भारत में मनोविज्ञान को शिक्षा प्रणाली में शामिल करने की आवश्यकता है।
2. *शिक्षकों को प्रशिक्षण देना*: भारत में शिक्षकों को मनोविज्ञान के बारे में प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है।
3. *संसाधनों की वृद्धि*: भारत में शिक्षा के क्षेत्र में संसाधनों की वृद्धि करने की आवश्यकता है।
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