04/06/2025
🙏🙏🙏🙏*आरंभ में*🙏🙏🙏🙏🙏
हम एक सुन्दर संसार में रहते है! आपके इर्द-गिर्द अद्भुत वस्तुओं को देखें। आओ हम आरम्भ में चलें और देखें कि बाइबल इसके बारे में क्या बताती है कि यह कैसे आरम्भ हुआ। आरम्भ में, परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी को बनाया। परमेश्वर ने अन्धेरे को एक तरफ किया और कहा, “उजियाला हो!” उसने उजियाले को “दिन" कहा और उसने अन्धेरे को “रात" कहा। पहला दिन! हो गया! तब परमेश्वर ने ऊपर के पानी को नीचे के पानी से अलग करने के लिए एक अन्तर बनाया। उसने उस अन्तर को “आकाश” कहा। दूसरा दिन! हो गया ! परमेश्वर ने पानी को एक स्थान पर इकट्टठा किया, और सूखी भूमि दिखाई दी। उसने सूखी भूमि को “पृथ्वी” कहा और इकट्टठे हुए पानी को “समुन्दर” कहा। तब उसने घास, अनाज के पौधे और पेड़ बनाए । तीसरा दिन! हो गया ! तब परमेश्वर ने आकाश में ज्योतियाँ बनाई। उसने दिन के लिए सूर्य, रात के लिए चंद्रमा, और सभी तारे बनाए । चौथा दिन! हो गया। परमेश्वर ने पानी में तैरने के लिए मछलियाँ और आकाश में उड़ने के लिए पंछी बनाएं। “फलो-फूलों!” उसने उनसे कहा। “संसार को संगीत और पानी में छपछपाने कि आवाज़ों से भर दो।" पाँचवा दिन! हो गया! इसके बाद, परमेश्वर ने जानवर बनाए। उसने खेतों के जानवर, जंगली जानवर, और जानवर भूमि पर रेंगते है, को बनाया। “अभी केवल एक और चीज़ बनानी है; परमेश्वर ने कहा, सब चीज़ों से विशेष अभी केवल एक और चीज़ बनानी है। इस तरह, परमेश्वर ने आदमी और औरत को उसके स्वरूप में बनाया। “फलो-फूलों,” उसने कहा। “संसार पर अधिकार रखों। मछलियों, पंछियों और जानवरों की देखभाल करो। " छठवाँ दिन! हो गया ! तब परमेश्वर ने सब कुछ जो बनाया था उसे देखा । "यह बहुत अच्छा है!” उसने कहा। इस तरह सातवाँ दिन उसने विश्राम किया और उस दिन को विशेष बनाया। सातवाँ दिन! हो गया ! The Viral Fever