Sukh Samridhi Astro and Research center

Sukh Samridhi Astro and Research center

Share

Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Sukh Samridhi Astro and Research center, sector 38 Ludhiana, Ludhiana.

21/03/2019

होली की हर्षित बेला पर, खुशियां मिले अपार।
यश,कीर्ति, सम्मान मिले, और बढे सत्कार।।
शुभ रहे हर दिन हर पल, शुभ रहे विचार।
उत्साह बढे चित चेतन में, निर्मल रहे आचार।।
सफलतायें नित नयी मिले, बधाई बारम्बार।
मंगलमय हो काज आपके, सुखी रहे परिवार।।
आप और आपके परिवार को "होली की ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं". सुख समृद्धि ज्योतिष एवम वास्तु केन्द्र

05/02/2019

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 05 फरवरी 2019*
⛅ *दिन - मंगलवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2075*
⛅ *शक संवत -1940*
⛅ *अयन - उत्तरायण*
⛅ *ऋतु - शिशिर*
⛅ *मास - माघ*
⛅ *पक्ष - शुक्ल*
⛅ *तिथि - प्रतिपदा 06 फरवरी प्रातः 05:15 तक तत्पश्चात द्वितीया*
⛅ *नक्षत्र - धनिष्ठा पूर्ण रात्रि*
⛅ *योग - व्यतिपात सुबह 08:58 तक तत्पश्चात वरीयान्*
⛅ *राहुकाल - शाम 03:18 से शाम 04:39 तक*
⛅ *सूर्योदय - 07:15*
⛅ *सूर्यास्
⛅ *व्रत पर्व विवरण - गुप्त नवरात्रि प्
💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🌷 *गुप्त नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *हिंदू धर्म के अनुसार, एक वर्ष में चार नवरात्रि होती है, लेकिन आमजन केवल दो नवरात्रि (चैत्र व शारदीय नवरात्रि) के बारे में ही जानते हैं। आषाढ़ तथा माघ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। इस बार माघ मास की गुप्त नवरात्रि का प्रारंभ माघ शुक्ल प्रतिपदा (05 फरवरी, मंगलवार) से हो रहा है, जिसका समापन 14 फरवरी, गुरुवार को होगा। इस नवरात्रि में भी हर तिथि पर माता के एक विशेष रूप की पूजा की जाती है। जानिए गुप्त नवरात्रि में किस दिन देवी के किस रूप की पूजा करें-*
🙏🏻 *पहले दिन करें मां शैलपुत्री की पूजा*
*गुप्त नवरात्रि के पहले दिन (05 फरवरी, मंगलवार) को मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, देवी का यह नाम हिमालय के यहां जन्म होने से पड़ा। हिमालय हमारी शक्ति, दृढ़ता, आधार व स्थिरता का प्रतीक है। मां शैलपुत्री को अखंड सौभाग्य का प्रतीक भी माना जाता है। नवरात्रि के प्रथम दिन योगीजन अपनी शक्ति मूलाधार में स्थित करते हैं व योग साधना करते हैं।*
🙏🏻 *हमारे जीवन प्रबंधन में दृढ़ता, स्थिरता व आधार का महत्व सर्वप्रथम है। अत: इस दिन हमें अपने स्थायित्व व शक्तिमान होने के लिए माता शैलपुत्री से प्रार्थना करनी चाहिए। शैलपुत्री का आराधना करने से जीवन में स्थिरता आती है। हिमालय की पुत्री होने से यह देवी प्रकृति स्वरूपा भी है। स्त्रियों के लिए उनकी पूजा करना ही श्रेष्ठ और मंगलकारी है।*
👉🏻 शेष कल........
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *गुप्त नवरात्रि* 🌷
👉 *माघ मास, शुक्ल पक्ष की प्रथम नौ तिथियाँ (05 फरवरी से 14 फरवरी, 2019 तक) माघ मास की गुप्त नवरात्रियाँ है l*
🙏 *एक वर्ष में कुल चार नवरात्रियाँ आती हैं , जिनमे से सामान्यतः दो नवरात्रियो के बारे में आपको पता है ,पर शेष दो गुप्त नवरात्रियाँ हैं l*
🌷 *शत्रु को मित्र बनाने के लिए* 🌷
🙏 *नवरात्रि में शुभ संकल्पों को पोषित करने, रक्षित करने, मनोवांछित सिद्धियाँ प्राप्त करने के लिए और शत्रुओं को मित्र बनाने वाले मंत्र की सिद्धि का योग होता है।*
🙏 *नवरात्रि में स्नानादि से निवृत्त हो तिलक लगाके एवं दीपक जलाकर यदि कोई बीज मंत्र 'हूं' (Hum) अथवा 'अं रां अं' (Am Raam Am) मंत्र की इक्कीस माला जप करे एवं 'श्री गुरुगीता' का पाठ करे तो शत्रु भी उसके मित्र बन जायेंगे l*
👩 *माताओं बहनों के लिए विशेष कष्ट निवारण हेतु प्रयोग 1*
👵 *जिन माताओं बहनों को दुःख और कष्ट ज्यादा सताते हैं, वे नवरात्रि के प्रथम दिन (देवी-स्थापना के दिन) दिया जलायें और कुम-कुम से अशोक वृक्ष की पूजा करें ,पूजा करते समय निम्न मंत्र बोलें :*
🌷 *“अशोक शोक शमनो भव सर्वत्र नः कुले "*
🙏 *" ASHOK SHOK SHAMNO BHAV SARVATRA NAH KULE "*
🙏 *भविष्योत्तर पुराण के अनुसार नवरात्रि के प्रथम दिन इस तरह पूजा करने से माताओ बहनों के कष्टों का जल्दी निवारण होता है l*
👩 *माताओं बहनों के लिए विशेष कष्ट निवारण हेतु प्रयोग 2*
🙏 *माघ मास शुक्ल पक्ष तृतीया (08 फरवरी 2019) के दिन में सिर्फ बिना नमक मिर्च का भोजन करें l (जैसे दूध, रोटी या खीर खा सकते हैं, नमक मिर्च का भोजन ही करें l)*
🌷 • *" ॐ ह्रीं गौरये नमः "* 🌷
🙏 *"Om Hreem Goryaye Namah"*
🙏 *मंत्र का जप करते हुए उत्तर दिशा की ओर मुख करके स्वयं को कुमकुम का तिलक करें l*
🐄 *गाय को चन्दन का तिलक करके गुड़ ओर रोटी खिलाएं l*
💶 *श्रेष्ठ अर्थ (धन) की प्राप्ति हेतु* 💶
💥 *प्रयोग : नवरात्रि में देवी के एक विशेष मंत्र का जप करने से श्रेष्ठ अर्थ कि प्राप्ति होती है*
🙏 *मंत्र ध्यान से पढ़ें* 🙏
🌷 *"ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमल-वासिन्ये स्वाह् "*
🌷 *" OM SHREEM HREEM KLEEM AIM KAMALVAASINYE SWAHA "*
👦 *विद्यार्थियों के लिए* 👦
🙏 *प्रथम नवरात्रि के दिन विद्यार्थी अपनी पुस्तकों को ईशान कोण में रख कर पूजन करें और नवरात्रि के तीसरे तीन दिन विद्यार्थी सारस्वत्य मंत्र का जप करें।*
🙏 *इससे उन्हें विद्या प्राप्ति में अपार सफलता मिलती है l*
🙏 *बुद्धि व ज्ञान का विकास करना हो तो सूर्यदेवता का भ्रूमध्य में ध्यान करें । जिनको गुरुमंत्र मिला है वे गुरुमंत्र का, गुरुदेव का, सूर्यनारायण का ध्यान करें।*
🙏 *अतः इस सरल मंत्र की एक-दो माला नवरात्रि में अवश्य करें और लाभ लें l*
🙏 *–(श्री वेद-व्यास जी , देवी भागवत)*
🙏 *-श्री सुरेशानंद जी*
📚 *ऋषि प्रसाद, अप्रैल 2006 ऋषि प्रसाद , सितम्बर 2006 , पृष्ठ संख्या 11, अंक 165 ऋषि प्रसाद, सितम्बर 2011, पृष्ठ संख्या 11, अंक 225*

📖 *हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*
📒 *हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

27/01/2019

Astro prediction and remedies

20/01/2019

कुंडली व वास्तु परामर्श के लिए संपरक करे

विवाह शादी में रुकावट ,नौकरी ना मिलना ,बुसीनेस में परेशानी ,घर में क्लेश लडाई ,विदेश याञा मे रुकावट, वीजा ना लगना, काम ना बनना ,विवाह हेतु कुंडली मिलान ,पढाई में मन ना लगना, बिमारी, घर में बरकत ना होना ,पित्र दोष ,काल सरप दोष ,शनि साढे सत्ती ,ढ़ैया के निवारन हेतु नीचे दिए पते पर appointment लेकर मिले
सुख सम्रिधि ज्योतिश एवं वास्तु केन्द्र
3252, 38 सेकटर , नजदिक hotal rigal blu, चंडीगढ़ रोड, Ludhiana
Mobile -8837528183
Mobile -8837526477

05/01/2019

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 05 जनवरी 2019*
⛅ *दिन - शनिवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2075*
⛅ *शक संवत -1940*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - शिशिर*
⛅ *मास - पौष (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार मार्गशीर्ष)*
⛅ *पक्ष - कृष्ण*
⛅ *तिथि - अमावस्या 06 जनवरी प्रातः 06:58 तक तत्पश्चात प्रतिपदा*
⛅ *नक्षत्र - मूल दोपहर 03:08 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
⛅ *योग - ध्रुव 06 जनवरी रात्रि 02:13 तक तत्पश्चात व्याघात*
⛅ *राहुकाल - सुबह 10:02 से सुबह 11:23 तक*
⛅ *सूर्योदय - 07:18*
⛅ *सूर्यास्त - 18:09*
⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - दर्श अमावस्या, पावागढ़ यात्रा*
💥 *विशेष - अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *स्कन्दपुराण‬ के प्रभास खंड के अनुसार*
*"अमावास्यां नरो यस्तु परान्नमुपभुञ्जते ।। तस्य मासकृतं पुण्क्मन्नदातुः प्रजायते"*
🍲 *जो व्यक्ति ‪अमावस्या‬ को दूसरे का अन्न खाता है उसका महिने भर का पुण्य उस अन्न के स्वामी/दाता को मिल जाता है।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *समृद्धि बढ़ाने के लिए* 🌷
🌙 *कर्जा हो गया है तो अमावस्या के दूसरे दिन से पूनम तक रोज रात को चन्द्रमा को अर्घ्य दे, समृद्धि बढेगी ।*
🙏🏻 *दीक्षा मे जो मन्त्र मिला है उसका खूब श्रध्दा से जप करना शुरू करें , जो भी समस्या है हल हो जायेगी ।*
🙏🏻 *- श्री सुरेशनंदजी -12th April 08, Sagar(M.P.)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *खेती के काम में ये सावधानी रहे* 🌷
🚜 *ज़मीन है अपनी... खेती में काम करते हैं तो अमावस्या के दिन खेती का काम न करें .... न मजदूर से करवाएं | जप करें भगवत गीता का ७ वां अध्याय अमावस्या को पढ़ें ...और उस पाठ का पुण्य अपने पितृ को अर्पण करें ... सूर्य को अर्घ्य दें... और प्रार्थना करें " आज जो मैंने पाठ किया ...अमावस्या के दिन उसका पुण्य मेरे घर में जो गुजर गए हैं ...उनको उसका पुण्य मिल जाये | " तो उनका आर्शीवाद हमें मिलेगा और घर में सुख-सम्पत्ति बढ़ेगी |*
🙏🏻 *- श्री सुरेशानंदजी Jiran 30th Jan' 2012*

📖 *हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*
📒 *हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*
🌞 *~ हिन्दू पंचाग ~* 🌞
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏

26/12/2018

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 26 दिसम्बर 2018*
⛅ *दिन - बुधवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2075*
⛅ *शक संवत -1940*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - शिशिर*
⛅ *मास - पौष (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार मार्गशीर्ष)*
⛅ *पक्ष - कृष्ण*
⛅ *तिथि - चतुर्थी सुबह 10:46 तक तत्पश्चात पंचमी*
⛅ *नक्षत्र - अश्लेशा दोपहर 01:36 तक तत्पश्चात मघा*
⛅ *योग - विष्कम्भ शाम 06:13 तक तत्पश्चात प्रीति*
⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:39 से दोपहर 01:59 तक*
⛅ *सूर्योदय - 07:14*
⛅ *सूर्यास्त - 18:03*
⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *विष्णुसहस्त्रनाम* 🌷
👉🏻 *महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 149 के अनुसार*
🙏🏻 *जो मनुष्य विष्णुसहस्त्रनाम का सदा श्रवण करता है और जो प्रतिदिन इसका कीर्तन या पाठ करता है, उसका इस लोक में तथा परलोक में कहीं भी कुछ अशुभ नहीं होता। इस विष्णुसहस्त्रनाम का श्रवण, पठन और कीर्तन करने से ब्राह्मण वेदान्त-पारगामी हो जाता है, क्षत्रिय युद्ध में विजय पाता है, वैश्य धन से सम्पन्न होता है और शूद्र सुख पाता है। धर्म की इच्छा वाला धर्म को पाता है, अर्थ की इच्छावाला अर्थ पाताहै, भोगों की इच्छावालाभोग पाता है ओर संतान की इच्छा वाला संतान पाता है।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷
🏡 *घर में सुख और समृद्धि बनी रहे, इसके लिए पुराने समय से ही कई परंपराएं प्रचलित हैं। ये परंपराएं अलग-अलग वस्तुओं और कार्यों से जुड़ी हैं। सभी के घरों में कुछ न कुछ वस्तुएं टूटी-फूटी होती हैं , बेकार होती है, फिर भी किसी कोने में पड़ी रहती हैं। 7 वस्तुएं ऐसी बताई गई हैं जो टूटी-फूटी अवस्था में घर में नहीं रखना चाहिए।*
🏡 *यदि ये चीजें घर में होती हैं तो इनका नकारात्मक असर परिवार के सभी सदस्यों पर होता है। जिससे मानसिक तनाव बढ़ता है और कार्यों में गति नहीं बन पाती है। इसी वजह से धन संबंधी कार्यों में भी असफलता के योग बनते हैं। घर में दरिद्रता का आगमन हो सकता है। यहां जानिए ये 7 चीजें कौन-कौन सी हैं...*
👉🏻 *वास्तु अनुसार घर में नहीं रखनी चाहिए ये 7 टूटी-फूटी चीजें, बढ़ती है नकारात्मक ऊर्जा*
🏡 *1. बर्तन*
*कई लोग घर में टूटे-फूटे बर्तन भी रखे रहते हैं जो कि अशुभ प्रभाव देते हैं। शास्त्रों के अनुसार घर में टूटे-फूटे बर्तन नहीं रखना चाहिए। यदि ऐसे बर्तन घर में रखे जाते हैं तो इससे महालक्ष्मी असप्रसन्न होती है और दरिद्रता का प्रवेश हमारे घर में हो सकता है। टूटे-फूटे और बेकार बर्तन घर में जगह भी घेरते हैं, इससे वास्तु दोष भी उत्पन्न होता है। वास्तु दोष उत्पन्न होने पर नकारात्मक फल मिलने लगते हैं।*
🏡 *2. दर्पण*
*टूटा हुआ दर्पण रखना वास्तु के अनुसार एक बड़ा दोष है। इस दोष के कारण घर में नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है और परिवार के सदस्यों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।*
🏡 *3. पलंग*
*वैवाहिक जीवन में सुख-शांति के लिए जरूरी है कि पति-पत्नी का पलंग टूटा हुआ बिल्कुल न हो। यदि पलंग ठीक नहीं होगा तो पति-पत्नी के वैवाहिक जीवन में परेशानियां आने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं।*
🏡 *4. घड़ी*
*खराब घड़ी घर में नहीं रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि घड़ियों की स्थिति से हमारे घर-परिवार की उन्नति निर्धारित होती है। यदि घड़ी सही नहीं होगी परिवार के सदस्य कार्य पूर्ण करने में बाधाओं का सामना करेंगे और काम समय से पूर्ण नहीं हो पाएगा।*
🏡 *5. तस्वीर*
*यदि घर में कोई टूटी हुई तस्वीर हो तो उसे भी घर से हटा देना चाहिए। वास्तु के अनुसार यह भी वास्तु दोष उत्पन्न करती है।*
🏡 *6. दरवाजा*
*यदि घर का मुख्य दरवाजा या अन्य कोई दरवाजा कहीं से टूट रहा हो तो उसे तुरंत ठीक करवा लेना चाहिए। दरवाजे में टूट-फूट अशुभ मानी गई है। इनसे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है और वास्तु दोष उत्पन्न होता है।*
🏡 *7. फर्नीचर*
*घर का फर्नीचर भी एकदम सही हालत में होना चाहिए। वास्तु के अनुसार फर्नीचर की टूट-फूट का भी बुरा असर हमारे जीवन पर होता है।*
🏡 *वास्तु दोष उत्पन्न होने पर घर-परिवार के सदस्यों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिस घर में वास्तु दोष होते हैं, वहां पैसों की कमी बनी रहती है। अत: इन दोषों को निवारण तुरंत ही कर लेना चाहिए।*

🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏

21/12/2018

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 21 दिसम्बर 2018*
⛅ *दिन - शुक्रवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2075*
⛅ *शक संवत -1940*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - शिशिर*
⛅ *मास - मार्गशीर्ष*
⛅ *पक्ष - शुक्ल*
⛅ *तिथि - चतुर्दशी 22 दिसम्बर रात्रि 02:09 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
⛅ *नक्षत्र - रोहिणी 22 दिसम्बर रात्रि 01:23 तक तत्पश्चात मॄगशिरा*
⛅ *योग - साध्य शाम 04:26 तक तत्पश्चात शुभ*
⛅ *राहुकाल - सुबह 11:16 से दोपहर 12:26 तक*
⛅ *सूर्योदय - 07:11*
⛅ *सूर्यास्त - 17:59*
⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - शिशिर ऋतु प्रारंभ*
💥 *विशेष - चतुर्दशी और पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *ससुराल में तकलीफ़ हो तो* 🌷
👩🏻 *सुहागन देवियाँ को अगर ससुराल में बहुत कष्ट है .... अपनी शुभ मनोकामनाएं पूरी न होने की पीड़ा है, उनके लिए महर्षि अंगीरा के बताये अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा ( इस साल 22 दिसम्बर 2018 शनिवार को ) माँ पार्वती का स्मरण करते हुए उनको मन ही मन प्रणाम करें .... " हे माँ मैं अपने घर में सुख ... शांति ... और समृद्धि की वृद्धि हेतु ये व्रत कर रही हूँ "... सुबह ये संकल्प करें और ११ मंत्र से माँ पार्वती को प्रणाम करें ....*
🌷 *ॐ पार्वतये नमः*
🌷 *ॐ हेमवत्ये नमः*
🌷 *ॐ अम्बिकाय नमः*
🌷 *ॐ गिरीश वल्लभाय नमः*
🌷 *ॐ गंभीर नाभ्ये नमः*
🌷 *ॐ अपर्नाये नमः*
🌷 *ॐ महादेव्यै नमः*
🌷 *ॐ कंठ कामिन्ये नमः*
🌷 *ॐ क्षण मुखाये नमः*
🌷 *ॐ लोक मोहिन्ये नमः*
🌷 *ॐ मेनका कुक्षी रत्नाये नमः*
🙏🏻 *ये 11 नाम कम से कम एक बार तो बोल ही लेना, ज्यादा भी बोल सकतें है । जो बहने ये न कर पायें तो उनकी ओर से हम ये कर रहे है इसका पुण्य उन्हें पहुंचे उनके घर में भी सुख शांति बनी रहे ।*
🙏🏻 *- श्री सुरेशानंदजी Ludhiana 24/11/2011*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *शीत (हेमन्त तथा शिशिर) ऋतुचर्या* 🌷
➡ *21 दिसम्बर 2018 शुक्रवार से शिशिर ऋतु प्रारंभ ।*
🔹 *शीत ऋतु के अंतर्गत हेमंत और शिशिर ऋतुएँ आती हैं। इस काल में चन्द्रमा की शक्ति विशेष प्रभावशाली होती है। इसलिए इस ऋतु में औषधियों, वृक्ष, पृथ्वी व जल में मधुरता, स्निग्धता व पौष्टिकता की वृद्धि होती है, जिससे प्राणिमात्र पुष्ट व बलवान होते हैं। इन दिनों शरीर में कफ का संचय व पित्त का शमन होता है।*
🔹 *शीत ऋतु में स्वाभाविक रूप से जठराग्नि तीव्र होने से पाचनशक्ति प्रबल रहती है। इस समय लिया गया पौष्टिक और बलवर्धक आहार वर्ष भर शरीर को तेज, बल और पुष्टि प्रदान करता है।*
🍝 *आहारः शीत ऋतु में खारा तथा मधुर रसप्रधान आहार लेना चाहिए।*
👉🏻 *पचने में भारी, पौष्टिकता से भरपूर, गरम व स्निग्ध प्रकृति के, घी से बने पदार्थों का यथायोग्य सेवन करना चाहिए।*
👉🏻 *मौसमी फल व शाक, दूध, रबड़ी, घी, मक्खन, मट्ठा, शहद, उड़द, खजूर, तिल, नारियल, मेथी, पीपर, सूखा मेवा तथा अन्य पौष्टिक पदार्थ इस ऋतु में सेवन योग्य माने जाते हैं। रात को भिगोये हुए चने (खूब चबा-चबाकर खायें), मूँगफली, गुड़, गाजर, केला, शकरकंद, सिंघाड़ा, आँवला आदि कण खर्च में खाये जाने वाले पौष्टिक पदार्थ हैं।*
👉🏻 *इस ऋतु में बर्फ अथवा बर्फ का या फ्रिज का पानी, रूखे-सूखे, कसैले, तीखे तथा कड़वे रसप्रधान द्रव्यों, वातकारक और बासी पदार्थों का सेवन न करें। शीत प्रकृति के पदार्थों का अति सेवन न करें। हलका व कम भोजन भी निषिद्ध है।*
👉🏻 *इन दिनों में खटाई का अधिक प्रयोग न करें, जिससे कफ का प्रकोप न हो और खाँसी, श्वास (दमा), नजला, जुकाम आदि व्याधियाँ न हों। ताजा दही, छाछ, नींबू आदि का सेवन कर सकते हैं। भूख को मारना या समय पर भोजन न करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। शीतकाल में जठराग्नि के प्रबल होने पर उसके बल के अनुसार पौष्टिक और भारी आहाररूपी ईंधन नहीं मिलने पर यह बढ़ी हुई अग्नि शरीर की धातुओं को जलाने लगती है जिससे वात कुपित होने लगता है। अतः इस ऋतु में उपवास भी अधिक नहीं करना चाहिए।*
🚶🏻‍♂ *विहार*
➡ *शरीर को ठंडी हवा के सम्पर्क में अधिक देर तक न आने दें।*
➡ *प्रतिदिन प्रातःकाल दौड़ लगाना, शुद्ध वायु सेवन हेतु भ्रमण, शरीर की तेलमालिश, व्यायाम, कसरत व योगासन करने चाहिए।*
➡ *जिनकी तासीर ठंडी हो, वे इस ऋतु में गुनगुने गर्म जल से स्नान करें। अधिक गर्म जल का प्रयोग न करें। हाथ-पैर धोने में भी यदि गुनगुने पानी किया जाय तो हितकर होगा।*
➡ *शरीर की चंपी करवाना एवं यदि कुश्ती अथवा अन्य कसरतें आती हों तो उन्हें करना हितावह है।*
➡ *तेलमालिश के बाद शरीर पर उबटन लगाकर स्नान करना हितकारी है।*
➡ *कमरे एवं शरीर को थोड़ा गर्म रखें। सूती, मोटे तथा ऊनी वस्त्र इस मौसम में लाभकारी होते हैं। प्रातःकाल सूर्य की किरणों का सेवन करें। पैर ठंडे न हों, इस हेत जुराबें अथवा जूतें पहनें। बिस्तर, कुर्सी अथवा बैठने के स्थान पर कम्बल, चटाई, प्लास्टिक अथवा टाट की बोरी बिछाकर ही बैठें। सूती कपड़े पर न बैठें।*
➡ *इन दिनों स्कूटर जैसे दुपहिया खुले वाहनों द्वारा लम्बा सफर न करते हुए बस, रेल, कार जैसे वाहनों से ही सफर करने का प्रयास करें।*
➡ *दशमूलारिष्ट, लोहासव, अश्वगंधारिष्ट, च्यवनप्राश अथवा अश्वगंधावलेह अथवा अश्वगंधाचूर्ण जैसे देशी व आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन करने से वर्ष भर के लिए पर्याप्त शक्ति का संचय किया जा सकता है।*
➡ *हेमंत ऋतु में बड़ी हरड़ के चूर्ण में आधा भाग सोंठ का चूर्ण मिलाकर तथा शिशिर ऋतु में अष्टमांश (आठवां भाग) पीपर मिलाकर 2 से 3 ग्राम मिश्रण प्रातः लेना लाभदायी है। यह उत्तम रसायन है।*

🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏

12/12/2018

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 13 दिसम्बर 2018*
⛅ *दिन - गुरुवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2075*
⛅ *शक संवत -1940*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - हेमंत*
⛅ *मास - मार्गशीर्ष*
⛅ *पक्ष - शुक्ल*
⛅ *तिथि - षष्ठी 14 दिसम्बर रात्रि 01:48 तक तत्पश्चात सप्तमी*
⛅ *नक्षत्र - धनिष्ठा शाम 07:46तक तत्पश्चात शतभिषा*
⛅ *योग - हर्षण रात्रि 12:39 तक तत्पश्चात वज्र*
⛅ *राहुकाल - दोपहर 01:53 से शाम 03:13 तक*
⛅ *सूर्योदय - 07:07*
⛅ *सूर्यास्त - 17:57*
⛅ *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - चम्पा षष्ठी, स्कंद षष्ठी, मार्तांड भैरव उत्थापन*
💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *वास्तु दोष* 🌷
🏡 *जिन के घर का मुख दक्षिण में हो, वे अपने घर के दरवाजे के बाहर एक गमले में आम का पौधा लगायें और गुरुमंत्र का जप करें ।*
🙏🏻 *सुरेशानंदजी -1st February 08 Raipur*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *गंगा स्नान का फल* 🌷
🙏🏻 *"जो मनुष्य आँवले के फल और तुलसीदल से मिश्रित जल से स्नान करता है, उसे गंगा स्नान का फल मिलता है ।" (पद्म पुराण , उत्तर खंड)*
🙏🏻 *- Lok Kalyan Setu Dec' 2012*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *चिंता, कष्ट, बीमारी निवृति के लिए* 🌷
🏡 *जिनके घर में चिंता, कष्ट और बीमारी ज्यादा है | भविष्य पुराण में आया ही की मार्गशीर्ष मास में शुक्ल पक्ष की सप्तमी माने 14 दिसम्बर 2018 को शुक्रवार के दिन सुबह सूर्य भगवान को तिल के तेल का दीपक दिखाये अर्घ्य दे |*
🌞 *सूर्य भगवान को अर्घ्य दो तो इस भाव से – मन में एक बार स्मरण कर लेना की भगवत गीता में आपने कहाँ है – “ज्योति श्याम रविरंशुमान” ये ज्योतियों में सूर्य मै हूँ .... तो मेरा अर्घ्य स्वीकार करो | मेरा ये प्रणाम स्वीकार करे |*
⛅ *तो उस दिन को लोटे में चावल, तिल, कुंमकुम, केसर डालकर अर्घ्य दे | केसर न हो तो ऐसे ही कुंमकुम डाल दे अर्घ्य दे, तिल का दिया दिखा दे |*
🏡 *फिर घर में भोजन बने और सब खाये उसके पहले दही और चावल थाली में लेकर सूर्य भगवान को भोग लगाये और प्रार्थना करे हमारे घर में आपके लिए ये प्रसाद तैयार किया है ये नैवेद्य आप सूर्य भगवान स्वीकार करे और हमारे घर में सब प्रकार से आनंद छाया रहे, सब निरोग रहे, दीर्घायु बने | ऐसा करके उनको भोग लगाये और प्रसाद में थोडा-सा छ्त पर रख दे घर के लोग भी प्रसाद में दही-चावल खुद भी खा ले |*

🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🍀🌹🌻💐🌺🍁🌸🙏🏻

24/11/2018
14/11/2018

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 14 नवम्बर 2018*
⛅ *दिन - बुधवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2075*
⛅ *शक संवत -1940*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - हेमंत*
⛅ *मास - कार्तिक*
⛅ *पक्ष - शुक्ल*
⛅ *तिथि - सप्तमी पूर्ण रात्रि तक*
⛅ *नक्षत्र - श्रवण पूर्ण रात्रि तक*
⛅ *योग - गण्ड शाम 04:41 तक तत्पश्चात वृद्धि*
⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:22 से दोपहर 01:45 तक*
⛅ *सूर्योदय - 06:49*
⛅ *सूर्यास्त - 17:56*
⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण - सप्तमी वृद्धि तिथि*
💥 *विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है था शरीर का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *तुलसी तोड़ने हेतु मंत्र* 🌷
🌿 *द्वादशी , अमावस, पूनम और रविवार को तुलसी के पत्ते ना तोडें . बाकी दिन*
🌷 *ॐ सुप्रभाय नमः , ॐ सुभद्राय नमः*
👉🏻 *ये बोलते हुए तुलसी पत्ते तोड़ो तो ये मन्त्र बोलनेवाले का स्वाथ्य/ तबियत ठीक करेगा जब भी तुलसी का पत्ता तोड़ो तो सूर्यास्त के बाद नही तोडे और सूर्योदय के पहेले नही तोड़े..*
🏡 *घर के इशान कोण में तुलसी और भी शुभ मानी जाती है. इस का लाभ जरुर लें ।*
🙏🏻 *- Shri Sureshanandji October 2008, Faridabad*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *संत श्री जलाराम बापा जयंती* 🌷
➡ *15 नवम्बर 2017 गुरुवार को संत श्री जलाराम बापा जयंती है ।*
🙏🏻 *जलाराम बापा का जन्म सन्‌ 1799 में गुजरात के राजकोट जिले के वीरपुर गॉंव में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रधान ठक्कर और मॉं का नाम राजबाई था। बापा की माँ एक धार्मिक महिला थी, जो साधु-सन्तों की बहुत सेवा करती थी। उनकी सेवा से प्रसन्न होकर संत रघुवीर दास जी ने आशीर्वाद दिया कि उनका दुसरा प़ुत्र जलाराम ईश्वर तथा साधु-भक्ति और सेवा की मिसाल बनेगा।*
🙏🏻 *16 साल की उम्र में श्री जलाराम का विवाह वीरबाई से हुआ। परन्तु वे वैवाहिक बन्धन से दूर होकर सेवा कार्यो में लगना चाहते थे। जब श्री जलाराम ने तीर्थयात्राओं पर निकलने का निश्चय किया तो पत्नी वीरबाई ने भी बापा के कार्यो में अनुसरण करने में निश्चय दिखाया। 18 साल की उम्र में जलाराम बापा ने फतेहपूर के संत श्री भोजलराम को अपना गुरू स्वीकार किया। गुरू ने गुरूमाला और श्री राम नाम का मंत्र लेकर उन्हें सेवा कार्य में आगे बढ़ने के लिये कहा, तब जलाराम बापा ने ‘सदाव्रत’ नाम की भोजनशाला बनायी जहॉं 24 घंटे साधु-सन्त तथा जरूरतमंद लोगों को भोजन कराया जाता था। इस जगह से कोई भी बिना भोजन किये नही जा पाता था। वे और वीरबाई मॉं दिन-रात मेहनत करते थे।*
🙏🏻 *बीस वर्ष के होते तक सरलता व भगवतप्रेम की ख्याति चारों तरफ फैल गयी। लोगों ने तरह-तरह से उनके धीरज या धैर्य, प्रेम प्रभु के प्रति अनन्य भक्ति की परीक्षा ली। जिन पर वे खरे उतरे। इससे लोगों के मन में संत जलाराम बापा के प्रति अगाध सम्मान उत्पन्न हो गया। उनके जीवन में उनके आशीर्वाद से कई चमत्कार लोगों ने देखें। जिनमे से प्रमुख बच्चों की बीमारी ठीक होना व निर्धन का सक्षमता प्राप्त कर लोगों की सेवा करना देखा गया। हिन्दु-मुसलमान सभी बापा से भोजन व आशीर्वाद पाते। एक बार तीन अरबी जवान वीरपुर में बापा के अनुरोध पर भोजन किये, भोजन के बाद जवानों को शर्मींदगी लगी, क्योंकि उन्होंने अपने बैग में मरे हुए पक्षी रखे थे। बापा के कहने पर जब उन्होंने बैग खोला, तो वे पक्षी फड़फड़ाकर उड़ गये, इतना ही नही बापा ने उन्हें आशीर्वाद देकर उनकी मनोकामना पूरी की। सेवा कार्यो के बारे में बापा कहते कि यह प्रभु की इच्छा है। यह प्रभु का कार्य है। प्रभु ने मुझे यह कार्य सौंपा है इसीलिये प्रभु देखते हैं कि हर व्यवस्था ठीक से हो सन्‌ 1934 में भयंकर अकाल के समय वीरबाई मॉं एवं बापा ने 24 घंटे लोगों को खिला-पिलाकर लोगों की सेवा की। सन्‌ 1935 में माँ ने एवं सन्‌ 1937 में बापा ने प्रार्थना करते हुए अपने नश्वर शरीर को त्याग दिया।*
🙏🏻 *आज भी जलाराम बापा की श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करने पर लोगों की समस्त इच्छायें पूर्ण हो जाती है। उनके अनुभव ‘पर्चा’ नाम से जलाराम ज्योति नाम की पत्रिका में छापी जाती है। श्रद्धालुजन गुरूवार को उपवास कर अथवा अन्नदान कर बापा को पूजते हैं।*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏

Want your school to be the top-listed School/college in Ludhiana?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Telephone

Website

Address


Sector 38 Ludhiana
Ludhiana
141008

Opening Hours

Monday 5:30am - 5pm
6pm - 9pm
Tuesday 6pm - 9pm
Wednesday 6pm - 9pm
Thursday 6pm - 9pm
Friday 6pm - 9pm
Saturday 11am - 9pm
Sunday 9am - 9pm