Pind wala Bachpan

Pind wala Bachpan Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Pind wala Bachpan, School, Ludhiana.

  Place
02/06/2017

Place

20/02/2017
एक बच्ची जो अपने बाबा को बहुत याद करती है उसके लिए...जिन्दगी तो मेरी कट रही है आपके बाद भी....मगर आप के बिन जीने में वो ...
24/11/2016

एक बच्ची जो अपने बाबा को बहुत याद करती है उसके लिए...

जिन्दगी तो मेरी कट रही है आपके बाद भी....
मगर आप के बिन जीने में वो बात नहीं...

उपर से तो सब मेरे अपने ही अपने है...
मगर आप की तरह अन्दर से कोई मेरे साथ नही...

ख्याल सब रखते है मेरा अपने तरीके से अच्छी तरह...
म्गर अपसे जिद करने का माजा अब आता नहीं...

लडाईयां तो अब भी होती है घर में हमारे...
मगर आपसे वो मीठा मीठा लडने का मजा कोई दे पाता नहीं...

मै आज भी शाम को दरवाजे पे नजरें टिकाये रहती हूं...
आयेंगे अभी बाबा चॉकलेट और तोफे ले के मै अपने से दिल से बार बार कहती हूं...

मगर जब देखती हूं आस आस आप नहीं होते...
तब सच जानियें आपके ये बच्चे छिप छिप के अकेले में है बहुत रोते..

कोई भूल थी अगर मेरी तो एक दफा कहते मुझे...
ऐसे अकेला छोड जाना कोई अच्छी बात नहीं.....

Shi lge ta share kreo G..
17/11/2016

Shi lge ta share kreo G..

14/11/2016

बरसात तो वो गांव के कच्चे घरों की छत्तों पे हुआ थी
यहां शहरों में तो बस ऊँची इमारतों से बस पानी गिरता है

बरसात में गांव में मिट्टी की खुशबू आया करती थी
यहां शहरों गंदे नलो की भदबू ही आती है

बरसात तो वो पानी से भरी कच्ची गलियों में होती थी
यहां शहर में तो बस पक्की सड़कें सुखी ही नजर आती है

बरसात तो वो गांव में पानी में एक साथ खेलने में होती थी

ऐ माँ

यहां शहर में तो बस घर के शीशों से पानी की बुँदे ही नजर आती है.....

12/11/2016

तेरी बुराइयों को हर अख़बार कहता है,
और तू मेरे गांव को गँवार कहता है।

ऐ शहर मुझे तेरी औक़ात पता है,
तू बच्ची को भी हुस्न ए बहार कहता है।

थक गया है हर शख़्स काम करते करते,
तू इसे अमीरी का बाज़ार कहता है।

गांव चलो वक्त ही वक्त है सबके पास,
तेरी सारी फ़ुर्सत तेरा इतवार कहता है।

मौन होकर फोन पर रिश्ते निभाए जा रहे हैं,
तू इस मशीनी दौर को परिवार कहता है।

वो मिलने आते थे कलेजा साथ लाते थे,
तू दस्तूर निभाने को रिश्तेदार कहता है।

बड़े-बड़े मसले हल करती थी पंचायतें,
अंधी भ्रस्ट दलीलों को दरबार कहता है।

अब बच्चे भी बड़ों का अदब भूल बैठे हैं,
तू इस नये दौर को संस्कार कहता है।

Address

Ludhiana

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Pind wala Bachpan posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category