थोड़ा सा इश्क़ थोड़ा जूनून थोड़ी सी मस्ती

थोड़ा सा इश्क़ थोड़ा जूनून थोड़ी सी मस्ती

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In A@shiqui no promise no pain only love true love wid pure heart.....

"No Promises"
Hey baby, when we are together, doing things that we love. Every time you're near I feel like I’m in heaven,
feeling high I don’t want to let go, girl. I don’t wanna run away, baby you’re the one I need tonight, No promises. Baby, now I need to hold you tight,
I just wanna die in your arms Here tonight Hey baby,
when we are together, doing things that we love. Everytime you're nea

31/12/2020

Beginning of a New BOOK of Life, 12 New Chapters and 365 New Pages, Write a perfect BOOK of yourself with lots of Happy, Prosperity and Good Memories.

Wishing You and Your family a Healthy and Happy New Year.
🙏😊

24/08/2020
17/04/2020

ਬੈਂਸ ਦੇ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਤੇ ਟਿੱਪਣੀ ਤੋ ਬਾਅਦ ਆਮ ਨਾਗਰਿਕ ਦਾ ਸਵਾਲ

07/09/2018

Do read till the end.

करो भारत बंद और जला दो सबकुछ ! इतने टुकड़े कर दो कि नामोनिशान मिट जाए इस देश का !!!!

दलित, सवर्ण, ओबीसी के बीच वैमनस्य फैलाने की इस साज़िश को समझ तो पा रहे हैं ना हम??????

क्या हम यह जान पा रहे हैं कि सोशल मीडिया पर चल रही अधिकतर पोस्ट विदेशों में बैठकर तैयार हो रही हैं और देश को बर्बाद करने की मंशा पाल रखी है भारत विरोधी शक्तियों ने ?

आज हम आपस में ही लड़ने कटने को तैयार बैठे हैं, बिना यह समझे कि 20 साल बाद जनसंख्या दानव से अस्तित्व समाप्ति से पहले की तैयारी के तौर पर भारत की बर्बादी की चाह रखने वालों ने अभी से 2019 की पटकथा लिखनी शुरू कर दी है, जिसका रिमोट कंट्रोल देशद्रोहियों के हाथो में है।

और यह भी सत्य है कि निशाने पर न ब्राह्मण है, न मराठा है, न राजपूत है, न जाट है, न माली है, न गुर्जर है, न दलित है, न पिछड़े हैं, जगह और समय के हिसाब से जातियां बदलेंगी, क्योंकि...
निशाने पर भारत है।

क्या हम जानते हैं कि देशभर में कुल रोजगार का केवल 3% ही आरक्षण योग्य सरकारी नौकरियां हैं ? फिर क्यों हम आरक्षण आरक्षण की पोस्ट को शेयर करते हैं ??

क्या हमारे आम दलित भाई यह नहीं जानते कि सैकड़ों वर्ष पहले तथाकथित ज्यादतियों की सजा आज की पीढ़ी को नहीं दी जा सकती ?

समझते हैं, सब समझते हैं परन्तु अपने स्वार्थ में कुछ सत्तालोभी देश तोड़कर भी सत्ता हासिल करने को बेताब हैं। पूर्व में भी देश तोड़कर ही सत्ता हासिल की थी।

सिख समाज के मेरे एक पितातुल्य बड़े भाई ने बताया कि एक अफवाह समाज में चल रही है कि गुरुद्वारों पर GST लगा दिया गया है। इसके मायने समझने की कोशिश करें मित्रो। एक बलिदानी कौम को जानबूझकर भड़काने की कोशिश हो रही है। कोई चर्चा नहीं कर रहा है कि "एक बड़ा दरख्त गिरता है तो धरती हिलती ही है" जैसी बातों को करने वालों ने पूरे पंजाब को लाशों के ढेर में बदल दिया था।

एक फिल्म के नाम पर पूरा राजपूत समाज उद्वेलित था क्योकिं मीडिया का एक वर्ग उन्हें विलन बनाकर प्रस्तुत कर रहा था।

वैश्य समाज को कहा जा रहा है कि आपके व्यापार को तबाह कर दिया, ब्राह्मण को कहा जा रहा है कि आपके मंदिरों को सरकार अपने चंगुल में ले रही है और त्यागी, जाट, गुर्जर, यादव को कहा जा रहा है कि बनिया और ब्राह्मण को बढावा देकर आपकी खेती को लूटा जा रहा है। बर्बाद कर देगा यह तुम्हें। क्या हुआ अचानक यह भाई ?

हम गरीब देश हैं साथियों। कंगाली में रोष स्वाभाविक है, ऐसा हम परिवार में भी देखते हैं। दिनरात मेहनत करने वाले माता पिता की कमियां गिनाने पर कभी कभी मन मानने लगता है, यह मानव स्वभाव है।उस रोष को किसी भी दिशा में मोड़ा जा सकता है,ऐसा शत्रु पड़ौसी का लक्ष्य रहता है।

हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकुर और जिग्नेश मेवानी जैसे विपरीत ध्रुव दो वर्ष तक कुछ ऐसी माॅग करते रहे कि सरकार की गले की फांस बन गई थी। बात ही एक दूसरे के इतनी विरोधी थीं कि एक मानी जाती तो दूसरा नाराज और दूसरी मानी जाती तो तीसरा नाराज। चुनाव आते हैं तो तीनों ही एक दूसरे के धुर विरोधी एक साथ मिलकर एक राजनीतिक दल के साथ हो जाते हैं। इसके निहितार्थ समझो भाईयो। क्या कुछ पक रहा है, समझने की कोशिश करें।

सत्ता के लालच में किसी भी हद तक गिरा जायेगा। वर्षों की लूट का पैसा जो कि विदेशों में जमा है, उस हजारों करोड़ के खर्चे से एजेंसियों को हायर किया जा रहा है, जिनका काम समाज में नफरत फैलाकर देश को बारूद के ढेर पर बैठाना है। लाखों लोग समाज में घुल-मिल कर काम कर रहे हो सकते हैं उनके।

हम सबको मिलकर इसका सामना करना है भाईयों। हम पहले भी भुगत चुके हैं 1200 साल।

एक बात और याद रखें। सनातन सभ्यता में कार्य विभाजन तो था परन्तु छुआ-छूत या शोषण नहीं था। विधर्मी सत्ता के आगे जिसने घुटने नहीं टेके और उनके बड़े बल के आगे पराजित हुए, उनको दंडस्वरूप गुलाम बनाकर उनसे मैला उठवाने जैसे गंदे काम करवाये गये और गैरमानवीय बर्ताव किया गया।कालांतर में उन्हें नीची जाति का माना जाने लगा और लोग उनसे बचने लगे और छुआ-छूत जैसी कुप्रथा ने जन्म लिया। वास्तव में यह लोग महान देशभक्त व सच्चे हिंदू थे।

वंचित को भड़काना आसान है। आज भी उनका एक बड़ा वर्ग नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। बच्चों को पढ़ने की व्यवस्था नहीं, दाने दाने को मोहताज।

लगा लो उन्हें गले ! भाई ही हैं हमारे ! हिंदू ही हैं वे ! मत जाने दो उन्हें अपने से दूर। धीरे धीरे व्यवस्थाओं को भी सुधारने की कोशिश करेंगे।

Credits - शौय्र

29/08/2018

पोंछकर अश्क अपनी आँखों से
मुस्कुराओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने
पोंछ कर अश्क...

ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती
ज़िन्दगी बढ़ के छीनी जाती है
अपना हक़ संगदिल ज़माने से
छीन पाओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से...

रंग और नस्ल, ज़ात और मज़हब
जो भी हो, आदमी से कमतर है
इस हक़ीक़त को तुम भी मेरी तरह
मान जाओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से...

नफरतों के जहान में हमको
प्यार की बस्तियाँ बसानी है
दूर रहना कोई कमाल नहीं
पास आओ तो कोई बात बने
पोंछ कर अश्क...

Photos from I Support Narendra Modi's post 24/02/2018
05/01/2018

Rahul Khanna Official Page of Rahul Khanna. Singer, composer and lyricist. “Raabta” out now.

31/08/2017

पान की दुकान पर खडे एक Sc, St 35 वर्षीय युवक से बातचीत के कुछ अंश........

मैनें पूछा कुछ कमाते धमाते क्यों नहीं...?

वह बोला :-- क्यो.?😳

मैं बोला :-- शादी कर लो ...?

वह बोला :-- हो गई ..😊

मैं बोला :-- कैसे...??

वह बोला :-- मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से...😊

मैं बोला :-- फिर बाल बच्चों के लिये कमाओ...?

वह बोला :-- जननी सुरक्षा से डिलेवरी फ्री और साथ मे 1400 रू का चेक...😊

मैने बोला :-- बच्चो की पढ़ाई लिखाई के लिये कमाओ..?

वह बोला :-- उनके लिये पढ़ाई,यूनिफार्म,किताबें और भोजन सब सरकार की तरफ़ से फ्री...!
साथ में लड़का कॉलेज कर रहा है,BPL होने की वजह से उसे स्कोलरशिप भी मिलती हैं उस से हम ऐश करते हैं।

मैने बोला :-- यार घर कैसे चलाते हो ?
वह बोला :-- छोटी लड़की को अभी सरकार से साइकिल मिली हैं।
लड़के को लॅपटाप मिला है।मॉ-बाप को वृद्धावस्था पेन्शन मिलती है और 1 रूपये किलो गेहू और चावल भी तो मिलता हैं ।

मैं झुझलाँ कर बोला यार माॅ-बाप को तीर्थयात्रा के लिये तो कमा ...??

वह बोला-दो धाम करवा दिये हैं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा से...!😊

मुझे गुस्सा आया और मैंने बोला :--
माॅ बाप के मरने के बाद जलाने के लिये तो कमा..?

वह बोला :-- 1 रू में विद्युत शवदाह गृह हैं..!😊

मैंने कहा :-- अपने बच्चों की शादी के लिये तो कमा..?

वह मुस्कुराया और बोला :--
फिर वहीं आ गये... वैसे ही होगी जैसे मेरी हुई थी...!!😀

यार एक बात बता ये इतने अच्छे कपड़े तू कैसे पहनता हैं ?

वह बोला :-- राज की बात हैं..फिर भी मैं बता देता हूँ...😊

"सरकारी जमीन पर कब्जा करो आवास योजना मे लोन लो और फिर मकान बेच कर फिर जमीन कब्जा कर पट्टा ले लो...!!"😜
तुम जैसे लाखों लोग काम करके हमारे लिए टैक्स भर ही रहे हैं। और किसान खेती मी मेहनत करके अनाज पैदा करता है और सरकार उनसे छिन कर हमे मुफ़्त मी देती है तो फिर हम काम क्यों करें।
😷😉😷😝😷😳😷😜😷
यह मैसेज सभी Group में भेजिए सरकार को पता चले कि हमारी मेहनत की कमाई कैसे लुटा कर लोगों को सरकार मक्कार बना रही हैं।
वंदे मातरम

13/08/2017

भारत सरकार देखती रह जायेगी और

किसी दिन *Zee News* वाले चीन पर हमला कर देंगे...
😂😂

23/03/2017

फुल हो तुम मुरझाना नहीं अपने इस दोस्त को कभी भुलाना नहीं जब तक हम जिन्दा है ए दोस्त कभी किसी से घबराना नहीं

Photos 20/03/2017
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