17/02/2025
हंसमुख प्रभा प्रकाशित,अपने हृदय मे असीम राष्ट्र प्रेम को समेटे हुए, परम श्रद्धेय, कवि कुल कुमुद, कालाधर, निष्कलंक, मयंक भक्त प्रवर, परम आदरणीय श्री
बड़े भैया का आशीर्वाद और स्नेह पाकर हृदय आह्लादित है 🙏❤️🕉️❤️🙇♂️
आपके संघर्ष भरे जीवन पर चार पंक्तिया समर्पित कर हृदय मे प्रसन्नता हुई 🙏❤️🕉️🙇♂️
ईश्क की रंगत, वतन की रवानी l
जिनके हर लफ्जों मे बसते हैं हिंदुस्तानी ll
जब भी कलम उनकी रण मे चले l
हिंदुस्तानी सेना का हौसला बढ़े ll
जिनकी शब्दों मे ताकत, कलम मे शमशीर l
माँ सरस्वती के उस वरद पुत्र का नाम है मनोज मुन्तशिर ll
#साहित्य_aajtak
#लखनऊ
12/12/2024
बालाजी टेलीफ़िल्म कंपनी के आर्ट डायरेक्टर व ऑपरेशन हेड के रूप मे कार्यरत सरल हृदयगामी, हंसमुख छटा प्रकाशित मुखमंडल, हृदय में असीम स्नेह को समेटे हुए बिहार की मिट्टी की सौंधी ख़ुशबू से महकते हुए मेरे अजीज प्रिय मित्र रोशन जी का मुंबई से लखनऊ आगमन के दौरान आत्मीय भेंट हुई साथ मे फ़िल्म शूटिंग सेट पर कई फ़िल्मी सितारों से मिलने का सौभाय प्राप्त हुआ, थोड़े ही समय की मिलन बेला मे जिन्होंने हमें प्रेरणा दी ऐसे परम आदरणीय श्रद्धेय श्री रतिशंकर त्रिपाठी दादा जी फिल्म अभिनेता और निर्माता के रूप मे दुनिया मे नाम रोशन कर रहे मेरे पिता तुल्य परम आदरणीय रति दादा को हृदय से कोटिश: आभार 🙏❤️🙇♂️ सुप्रसिद्ध भारतीय लेखक परम आदरणीय श्री शांतनु साहब से चर्चा कर बहुत कुछ सीखने को मिला और साथ ही मेरे मित्र रोशन जी द्वारा फ़िल्म जगत मे नवाचार कर कुछ नया करने का आमंत्रण भी मिला 🙏❤️🙇♂️🕉️
परम आदरणीय रति दादा जी के चैतन्यचित्त मे विद्यमान मस्तिष्क की असीम क्षमता की स्मृति पटल से निकल कर आये हुए फ़िल्मी अंदाज मे बनारस की महिमा का बखान बनारसी अंदाज मे कर हम सभी को आनंदित कर दिया l
हर हर महादेव शिव शम्भू 🙏❤️🙇♂️🕉️
02/04/2024
गुरु की महिमा का मैं, कैसे करूं बखान।
गुरु से ही तो किया है, ये सब अर्जित ज्ञान।।
ऐसा कोई कागज़ नहीं,जिसमे वो शब्द समाएं।
ऐसी कोई स्याही नहीं ,जिससे सारे गुरू गुण लिखे जाएं।
वाणी भी कितना बोलेगी, कितनी कलम चलाऊं,
दूर - दूर तक सोचूं जितना भी,
गुरू गुण लिख ना पाऊं।
गुरू के गुण असीमित भंडार,
गुरू ने किया है बेड़ा पार।
मात पिता इस दुनियां में लाए,
गुरू ने यहां के तौर तरीके सिखाए।
हम बिना ज्ञान के क्या कुछ है?
बिन गुरू के जीवन तुच्छ है।
प्रातः वंदन मेरे गुरुओं को मेरा अभिनन्दन।🙇🙇
बना दिया जिन्होंने मेरा ये जीवन चंदन।।🙇🙇
हर हर महादेव 🕉️🙏🏼🕉️🙇🙇
देवेन्द्र प्रताप सिंह गुरु जी 🙇🙇🕉️🙏🏼❤️❤️
01/04/2024
आइए हम सभी अपने राष्ट्र की सफलता मे हुए अथक प्रयत्न के बारे में जानकर गर्व महसूस करते हैं । हमारे देश के वैज्ञानिकों ने कितने अथक प्रयासों के बाद चंद्रयान-3 मिशन की सफलता मे हम सभी भारतवासियों को खुशी से झूम उठने का मनोरम क्षण प्रदान किया था ।
चंद्रयान-3 मिशन के कुछ उद्देश्य निर्धारित किए गए थे जैसे चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग प्रदर्शित करना तथा रोवर को चंद्रमा पर भ्रमण का प्रदर्शन करना और यथास्थित वैज्ञानिक प्रयोग करना था तथा मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए लैंडर में कई उन्नत प्रौद्योगिकियों का मौजूद होना जैसे लेजर और आरएफ (RF) आधारित अल्टीमीटर ,लेजर डॉपलर वेलोसीमीटर ,लैंडर हॉरिजॉन्टल वेलोसिटी कैमरा ,लेजर गायरो आधारित जड़त्वीय संदर्भ ,एक्सेलेरोमीटर पैकेज ,800N थ्रॉटलेबल लिक्विड इंजन ,58N एटिट्यूड थ्रस्टर्स और थ्रॉटलेबल इंजन ,कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक्स , पावर्ड डिसेंट ट्रैजेक्टरी डिजाइन ,सहयोगी सॉफ्टवेयर तत्व ,लैंडर खतरे का पता लगाना और बचाव कैमरा और प्रसंस्करण एल्गोरिथम ,उपर्युक्त उन्नत तकनीकों को पृथ्वी की स्थिति में प्रदर्शित करने के लिए, कई लैंडर विशेष परीक्षणों की योजना बनाई गई थी।
जिसके फलस्वरूप चंद्रयान -3 को 14 जुलाई 2023 को 09:05 यूटीसी पर श्रीहरिकोटा ,आंध्र प्रदेश भारत में "सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र" के दूसरे लॉन्च पैड से LVM3 -M4 रॉकेट पर लॉन्च किया गया था , जो 170 किमी (106) की परिधि के साथ पृथ्वी की पार्किंग कक्षा में प्रवेश कर रहा था ।
15 नवंबर 2023 को, रॉकेट के क्रायोजेनिक अपर स्टेज ( C25 ) ( NORAD ID: 57321) ने 9:12 UTC के आसपास पृथ्वी के वायुमंडल में अनियंत्रित पुन: प्रवेश किया था।
23 अगस्त 2023 को, जैसे ही लैंडर अपनी कक्षा के निचले बिंदु के पास पहुंचा, उसके चार इंजन चंद्रमा की सतह से 30 किलोमीटर ऊपर ब्रेकिंग के रूप में चालू हो गया।
11.5 मिनट के बाद, लैंडर सतह से 7.2 किमी ऊपर था ,इसने इस ऊंचाई को लगभग 10 सेकंड तक बनाए रखा, फिर आठ छोटे थ्रस्टर्स का उपयोग करके खुद को स्थिर किया और अपने वंश को जारी रखते हुए क्षैतिज से ऊर्ध्वाधर स्थिति में घुमाया था ।
इसके बाद इसने लगभग 150 मीटर तक अपनी ढलान को धीमा करने के लिए अपने चार इंजनों में से दो का उपयोग किया , यह लगभग 30 सेकंड तक वहां मंडराता रहा और नीचे की ओर बढ़ने और 12:33 यूटीसी पर नीचे छूने से पहले एक इष्टतम लैंडिंग स्थान का पता लगाया ।
चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग के लिए विक्रम लैंडर जिम्मेदार था ।
यह बॉक्स के आकार का भी है, जिसमें चार लैंडिंग लेग और चार लैंडिंग थ्रस्टर्स हैं जो