03/08/2023
📚༼ 𝐈𝐬𝐥𝐚𝐦𝐢𝐜 𝐓𝐚𝐥𝐞𝐞𝐦 ༽📚
♕︎ 𝓅ℴ𝓈𝓉 𝓃𝓊𝓂𝒷ℯ𝓇 ☞︎︎︎ 1️⃣5️⃣2️⃣
📗 सवाल 📗
••──────•◦﷽◦•──────••
*⛔ नीचे लिखे हुए अज्र किन लोगो के लिए मुकर्रर किया गया है ?*
उसकी जिंदगी में बरकत नहीं रहती !
प्यासा मरता है, अगर चे दुनिया के तमाम समंदरों का पानी पिलाया जाए उसकी प्यास नहीं बुझती।
उसकी कब्र तंग हो जाती है, हत्ता कि उसकी पसलियां आपस में मिल जाती हैं।
उससे हिसाब की सख्ती होती है !
*_⫷⫸⫷ 𝐈𝐬𝐥𝐚𝐦𝐢𝐜 𝐓𝐚𝐥𝐞𝐞𝐦 𝐆𝐫𝐨𝐮𝐩'𝐬 ⫸⫷⫸_*
📗 जवाब 📗
*🌸 नमाज में सुस्ती करने वाले के लिए !*
*💫 तफ़सील 💫*
📝 जो शख़्स नमाज़ में सुस्ती करता है अल्लाह तआला उसे पंद्रह सजायें देता है, पांच दुनिया में तीन मौत के वक्त, तीन कब्र में, तीन कब्र से निकलते वक़्त ।
दुनिया में मिलने वाली सजायें यह हैं:
1. उसकी जिंदगी में बरकत नहीं रहती ।
2. उसके चेहरे से नेक लोगों की अलामत मिटा दी जाती है ।
3. उसे अल्लाह तआला किसी अमल का अजर नहीं देता ।
4. उसकी दुआ आसमान की तरफ उठाई नहीं जाती।
5. उसे नेक लोगों की दुआ से हिस्सा नहीं मिलता।
मौत के वक्त पहुंचने वाली सजायें यह हैं -
1. वह जलील होकर मरता है।
2. भूक की हालत में मरता है।
3. प्यासा मरता है, अगर चे दुनिया के तमाम समंदरों का पानी पिलाया जाए उसकी प्यास नहीं बुझती।
कब्र में पहुंचने वाली सजायें यह हैं -
1. उसकी कब्र तंग हो जाती है, हत्ता कि उसकी पसलियां आपस में मिल जाती हैं।
2. उसकी कब्र में आग जलाई जाती है, वह सुबह व शाम अंगारों पर लोट पोट होता है !
3. उसकी कब्र पर एक अज़दहा मुकर्रर किया जाता है जिसका नाम "शुजाए अकरअ" है। उसकी आंखें आग की और नाखुन लोहे के हैं। हर नाखुन एक दिन की मसाफत के बराबर लम्बा है, वह मैयित को डसता है और कहता है, मैं "शुजाए अकरअ" हूं! उसकी आवाज़ सख़्त आवाज वाली गरज की तरह होती है, वह कहता है कि मेरे रब ने मुझे हुक्म दिया है कि मैं तुझे इस बात पर मारूं कि तूने सुबह की नमाज़ तुलूए आफताब तक न पढ़ी और इस बात पर मारूं कि तूने जोहर की नमाज़ असर तक मोअख्खर की और इस बात पर मारूं कि तूने अस्र की नमाज़ मग़रिब तक न पढ़ी और इस बात पर मारूं कि तूने मगरिब की नमाज़ इशा तक अदा न की और तुझे इस बात पर मारूं कि तूने इशा की नमाज़ को सुबह तक मोअख्खर किया। वह जब भी उसे कोई ज़र्ब मारता है तो वह ज़मीन में सत्तर गज़ तक धंस जाता है, पस वह कियामत तक ज़मीन में अजाब पायेगा ।
अल्लाह हमको सहीह समझ दे और नमाज़ को उसके वक़्तों पर अदा करने की तौफीक दे और अजाबे नार और अज़ाबे मार से बचाये। और वह अज़ाब जो कब्र से निकलने के बाद कियामत में होंगे
वह यह हैं -
1. हिसाब की सख्ती ।
2. रब्बे तआला की नाराज़गी।
3. जहन्नम में दाखिला ।
📗 बेनमाज़ी का अंजाम, पेज - 13 - 14
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🔏 सवाल जवाब का ये इल्में दींन सीखने का दिलचस्प सिलसिला आगे भी कंटीन्यू जारी रहेगा। इंशाअल्लाह फिर पेश ए खिदमत होंगे एक और सवाल के साथ तब तक आप आज के जवाब पर अमल करें औऱ इस पैगाम को , ज्यादा से ज्यादा आम ( शेयर ) करे..
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