21/10/2025
संस्कारों का पतन ही हमारी मृत्यु हैं ❓❓
एक गैर पुरुष द्वारा साड़ी खींचने पर जिस देश में
महाभारत हो गई थी उस भारत स्त्री खुद अपनी साढ़ी उतरवा रही हैं
पंडित जी महिलाओं को स्वयं तिलक भी नहीं लगाते
पर शादियों में अब साढ़ी–ब्लाउज पहनाने वालों को बुलाया जाने लगा है अब किसी भी अवसर पर महिलाओं को साढ़ी पहनाने से लेकर मेहंदी, सैलून, टैटू सब काम पुरुष कर रहे है
आज औरतें स्वयं ही परपुरुष से न केवल जिम में अपने निजी अंगों का स्पर्श सुख भोग रही है बल्कि साढ़ी भी उतार पहन रही हैं ।
ये प्रगति नहीं 🚫