05/08/2026
भारत का 101वाँ रामसर स्थल:-
अरुणाचल प्रदेश की "ग्लाव झील" को भारत का 101वाँ रामसर स्थल घोषित किया गया है। यह झील अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में कामलांग टाइगर रिजर्व और वन्य जीव अभ्यारण के भीतर स्थित है।
यह पूर्वोत्तर राज्य का पहला रामसर स्थल भी है । ग्लाव झील मीठे पानी की बेहद खूबसूरत झील है । यह झील अपनी जैव विविधता के लिए जानी जाती है। यहां पर 150 से अधिक पेड़ और 49 आर्किड की प्रजातियां मौजूद हैं।
भारत ने 1981 में इन स्थलों का संरक्षण प्रारंभ किया था । उड़ीसा में चिल्का झील और राजस्थान में केवला देवी राष्ट्रीय उद्यान को 1 अक्टूबर 1981 को इस सूची में शामिल किया गया और यह दोनों भारत के पहले रामसर हैं।
भारत में सबसे अधिक रामसर स्थल तमिलनाडु में है। जिनकी कुल संख्या 20 है।
अगर रामसर स्थलों के क्षेत्रफल की बात किया जाए तो सबसे ज्यादा रामसर स्थल क्षेत्रफल वाला राज्य पश्चिम बंगाल है।
भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल सुंदरवन(पश्चिम बंगाल) है। और सबसे छोटा रामसर स्थल रेणुका आद्र भूमि हिमाचल प्रदेश में है। जिसका क्षेत्रफल मात्र 20 हेक्टेयर है।
एशिया में सबसे अधिक रामसर स्थल भारत में है। अगर वैश्विक स्तर की बात की जाए तो विश्व में सबसे ज्यादा रामसर स्थल यूनाइटेड किंगडम ,उसके बाद मेक्सिको और तीसरे स्थान पर भारत में हैं।
रामसर स्थल अंतरराष्ट्रीय महत्व की आद्र भूमि या वेटलैंड की भूमि को कहा जाता है। रामसर कन्वेंशन संधि के तहत वैश्विक संरक्षण के लिए इन्हें मान्यता दी जाती है ।
पर्यावरण संरक्षण हेतु ईरान के रामसर शहर में 2 फरवरी 1971 को यह संधि की गई थी। आद्र भूमि में दलदली जमी, झील, नदियां , डेल्टा और जैव विविधताएं आती हैं ।
किसी भी रामसर स्थल के लिए 9 मानक तय होते हैं जिन पर खरा उतरने के बाद उन स्थलों को रामसर स्थल घोषित किया जाता है और वैश्विक स्तर पर उनका संरक्षण और संवर्धन किया जाता है।