12/04/2026
आज दिनांक 10/04/2026 को शशि भूषण बालिका विद्यालय डिग्री कॉलेज, लखनऊ के "पंडित बिरजू महराज कल्चरल क्लब" द्वारा महाविद्यालय की छात्राओं को नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान में स्थित राज्य संग्रहालय का भ्रमण कराया गया। संग्रहालय अवध की नवाबी संस्कृति, प्राचीन भारतीय कला, पुरातत्व, प्राकृतिक इतिहास और विश्व स्तर की दुर्लभ वस्तुओं का संरक्षण करता है। इसका मुख्य आकर्षण लगभग 3000 वर्ष पुरानी मिस्र की ममी (13 वर्षीय लड़की की ममी) है, जिसके कारण इसे कभी-कभी 'मुर्दा अजायबघर' भी कहा जाता है।
संग्रहालय में छात्राओ को ममी वीथिका, जैन वीथिका,बौद्ध वीथिका, मृण्मूर्तियों और प्राचीन सिक्कों का अवलोकन कराया गया | ममी वीथिका में संरक्षित राजकुमारी की ममी को देखा और किस तरह से प्राचीन समय में ममी को संरक्षित किया जाता था और किन लोगों को ममी के रूप में पिरामिड में रखा जाता था इसकी विस्तृत जानकारी दी गई| उसके पश्चात जैन वीथिका में 24 तीर्थकरों की मूर्तियों में किन प्रतीक चिन्हों के आधार पर उनकी पहचान कर सकते, इस विषय में बताया गया और बौद्ध मूर्तियाँ किस तरह से जैन मूर्तियों से अलग है। पुरातात्विक वीथिका में उत्खनन से प्राप्त पुरावशेष और मृणमूर्तियाँ को देखा ।तत्पश्चात प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय का भ्रमण किया और विलुप्त पशुओ और पक्षियों का अवलोकन कर उसके विषय में जानकारी प्राप्त की |
मिस्र गैलरी: 3000 वर्ष पुरानी मिस्र की ममी और लकड़ी का सरकोफैगस (सबसे प्रसिद्ध वस्तु)।
पुरातत्व गैलरी: 3वीं शताब्दी ई. की मूर्तियां, बौद्ध कला, जैन कला, हड़प्पा, मौर्य, शुंग, कुशाण काल की कलाकृतियां।
अवध कला गैलरी: नवाबी चित्रकारी, सिक्के, धातु कला, वस्त्र, सजावटी कलाएं और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित वस्तुएं।
प्राकृतिक इतिहास गैलरी: जीवाश्म, पाषाण युग की वस्तुएं, पशु-पक्षी के नमूने।
अन्य गैलरियां: मानवशास्त्र (anthropology), बौद्ध थांगका, चित्रकला, हथियार, प्राचीन सिक्के आदि।
संग्रहालय में अवध की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ पूरे भारत की प्राचीन कलाकृतियां देखने को मिलती हैं। यह संग्रहालय लखनऊ और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का प्रमुख केंद्र है। यहाँ छात्राओं ने नवाबी लखनऊ की झलक, प्राचीन भारतीय कला और विश्व इतिहास (मिस्र की ममी) का अनोखा मिश्रण देखा ।
कल्चरल क्लब के सदस्यों में प्रोफेसर बिंदु(प्रभारी), डॉ. सौरभ कुमार मिश्रा (सहप्रभारी), डॉ अनामिका मौर्या ( समन्वयक) और वरिष्ठ शिक्षिका प्रोफेसर मधु चौहान ने छात्राओं के साथ भ्रमण किया |