12/04/2026
प्रवेश प्रारम्भ (सत्र 2026-2027 )
Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Shashi Bhushan Balika Vidyalaya Degree College, Education, 61Guru Govind Singh Marg, Laalkuan, Lucknow.
12/04/2026
प्रवेश प्रारम्भ (सत्र 2026-2027 )
12/04/2026
आज दिनांक 10/04/2026 को शशि भूषण बालिका विद्यालय डिग्री कॉलेज, लखनऊ के "पंडित बिरजू महराज कल्चरल क्लब" द्वारा महाविद्यालय की छात्राओं को नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान में स्थित राज्य संग्रहालय का भ्रमण कराया गया। संग्रहालय अवध की नवाबी संस्कृति, प्राचीन भारतीय कला, पुरातत्व, प्राकृतिक इतिहास और विश्व स्तर की दुर्लभ वस्तुओं का संरक्षण करता है। इसका मुख्य आकर्षण लगभग 3000 वर्ष पुरानी मिस्र की ममी (13 वर्षीय लड़की की ममी) है, जिसके कारण इसे कभी-कभी 'मुर्दा अजायबघर' भी कहा जाता है।
संग्रहालय में छात्राओ को ममी वीथिका, जैन वीथिका,बौद्ध वीथिका, मृण्मूर्तियों और प्राचीन सिक्कों का अवलोकन कराया गया | ममी वीथिका में संरक्षित राजकुमारी की ममी को देखा और किस तरह से प्राचीन समय में ममी को संरक्षित किया जाता था और किन लोगों को ममी के रूप में पिरामिड में रखा जाता था इसकी विस्तृत जानकारी दी गई| उसके पश्चात जैन वीथिका में 24 तीर्थकरों की मूर्तियों में किन प्रतीक चिन्हों के आधार पर उनकी पहचान कर सकते, इस विषय में बताया गया और बौद्ध मूर्तियाँ किस तरह से जैन मूर्तियों से अलग है। पुरातात्विक वीथिका में उत्खनन से प्राप्त पुरावशेष और मृणमूर्तियाँ को देखा ।तत्पश्चात प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय का भ्रमण किया और विलुप्त पशुओ और पक्षियों का अवलोकन कर उसके विषय में जानकारी प्राप्त की |
मिस्र गैलरी: 3000 वर्ष पुरानी मिस्र की ममी और लकड़ी का सरकोफैगस (सबसे प्रसिद्ध वस्तु)।
पुरातत्व गैलरी: 3वीं शताब्दी ई. की मूर्तियां, बौद्ध कला, जैन कला, हड़प्पा, मौर्य, शुंग, कुशाण काल की कलाकृतियां।
अवध कला गैलरी: नवाबी चित्रकारी, सिक्के, धातु कला, वस्त्र, सजावटी कलाएं और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित वस्तुएं।
प्राकृतिक इतिहास गैलरी: जीवाश्म, पाषाण युग की वस्तुएं, पशु-पक्षी के नमूने।
अन्य गैलरियां: मानवशास्त्र (anthropology), बौद्ध थांगका, चित्रकला, हथियार, प्राचीन सिक्के आदि।
संग्रहालय में अवध की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ पूरे भारत की प्राचीन कलाकृतियां देखने को मिलती हैं। यह संग्रहालय लखनऊ और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का प्रमुख केंद्र है। यहाँ छात्राओं ने नवाबी लखनऊ की झलक, प्राचीन भारतीय कला और विश्व इतिहास (मिस्र की ममी) का अनोखा मिश्रण देखा ।
कल्चरल क्लब के सदस्यों में प्रोफेसर बिंदु(प्रभारी), डॉ. सौरभ कुमार मिश्रा (सहप्रभारी), डॉ अनामिका मौर्या ( समन्वयक) और वरिष्ठ शिक्षिका प्रोफेसर मधु चौहान ने छात्राओं के साथ भ्रमण किया |
12/04/2026
आज दिनांक 08/04/2026 को शशि भूषण बालिका विद्यालय डिग्री कॉलेज, लखनऊ के " पंडित बिरजू महाराज कल्चरल क्लब " द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय कथक कार्यशाला का समापन किया गया l कार्यक्रम का शुभारंभ 06/04/2026 को किया गया | इस कार्यशाला का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक की पारंपरिक शैली को नए पीढ़ी के नृत्य प्रेमियों तक पहुँचाना तथा उन्हें इस कला की बारीकियों से परिचित कराना था। कथक नृत्य, जिसकी उत्पत्ति उत्तर भारत में हुई है, कहानी कहने की कला पर आधारित है। “कथा कहे सो कथक कहावे” – इस सूत्र को ध्यान में रखते हुए कार्यशाला में नृत्य, लय, ताल और अभिनय पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला की शुरुआत वार्म-अप और बुनियादी अंग संचालन से हुई। प्रतिभागियों को कथक की मूल मुद्राएँ, हस्तक, चक्कर और पद संचालन सिखाया गया। कथक शिक्षिका ने लखनऊ घराने की शैली में तत्कार और आमद की शिक्षा दी। तबला संगत के साथ रियाज सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने सीखी गई गतियों का अभ्यास किया।
दूसरे दिन फोकस अभिनय और भाव प्रस्तुति पर रहा। प्रतिभागियों को विभिन्न रसों (शृंगार, वीर, करुण आदि) के माध्यम से भाव व्यक्त करने की ट्रेनिंग दी गई। टुकड़े, परन और गत जैसे महत्वपूर्ण अंश सिखाए गए। इस में छात्रों को जोड़ियों में अभ्यास कराया गया, जिससे सामूहिक नृत्य की समझ बढ़ी।
अंतिम दिन एडवांस्ड स्तर के छात्रों को चक्रदर, परमेलू और छोटे नृत्यांशों की ट्रेनिंग दी गई। कार्यशाला के समापन से पहले एक छोटा प्रदर्शन सत्र रखा गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने अपनी सीखी हुई कलाओं का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजुम इस्लाम एवं सांस्कृतिक क्लब के पदाधिकारी प्रो.बिंदु (प्रभारी), डॉ. सौरभ कुमार मिश्रा (सह प्रभारी),श्रीमती रमा मिश्रा (कोषाध्यक्ष) एवं डॉ. अनामिका मौर्या ( समन्वयक) उपस्थित रहे | मंच का सफल संचालन डॉ. अंशुल सिंह ने किया | छात्रों के उत्साहवर्धन हेतु वरिष्ठ शिक्षिका प्रो. मधु चौहान,प्रो. चन्दना बोस एवं महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं |
28/02/2026
Holi Celebration 🎉🎊🎊
28/02/2026
Workshop on POSH Act 2013 Organized at Shashi Bhushan Balika Vidyalaya Degree College, Lucknow
Today, a workshop was organized at Shashi Bhushan Balika Vidyalaya Degree College, Lucknow, under the guidance of the University Grants Commission (UGC) and the University of Lucknow, on the subject of the Prevention of Sexual Harassment Act, 2013 (POSH Act). As part of the workshop, students of the college were shown an informative video based on the POSH Act, following which the students shared their personal experiences related to the subject.
Subsequently, a Poster Competition and a Slogan Writing Competition were organized in connection with the theme of the workshop. After the compitition prize distribution ceremony was conducted .The students also took a pledge. Thereafter, five students were nominated as POSH Ambassadors for the college campus.
The Programme Coordinator, Prof. Bindu , along with members Dr. Anshul Singh, Dr. Anamika Maurya, and Mrs. Rama Mishra, briefed the students and teachers with the provisions and significance of the POSH Act. In conclusion of the programme, feedback was collected from the students.
The programme was graced by the presence of the college Principal Prof. Anjum Islam, along with Prof. Chandana Bose, Prof. Madhu Chauhan, Prof. Richa Mishra,Dr. Ragini, Dr. Sneha, Dr. Vandana, Dr. Suman, and all other members of the college staff.
23/02/2026
आज दिनांक 23/02/26 को शशि भूषण बालिका विद्यालय डिग्री कॉलेज, लखनऊ के " पंडित बिरजू महाराज कल्चरल क्लब " द्वारा कथक कार्यशाला का शुभारंभ किया गया l कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजुम इस्लाम एवं सांस्कृतिक क्लब के पदाधिकारी प्रो.बिंदु (प्रभारी), डॉ. सौरभ कुमार मिश्रा (सह प्रभारी),श्रीमती रमा मिश्रा (कोषाध्यक्ष),एवं डॉ. अनामिका मौर्या ( समन्वयक) उपस्थित रहे | कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अंशुल सिंह ने किया | छात्रों के उत्साहवर्धन हेतु वरिष्ठ शिक्षिका प्रो. मधु चौहान एवं महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं |
21/02/2026
20/02/2026
शशि भूषण बालिका विद्यालय डिग्री कॉलेज, लखनऊ में सात दिवसीय (दिनांक 13 फरवरी 2026 से 20 फरवरी 2026तक )‘महिंद्रा प्राइड क्लासरूम' प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 20 फरवरी 2026 को नांदी फाउंडेशन के महिंद्रा प्राइड क्लासरूम (MPC) द्वारा आयोजित सात दिवसीय 'एम्प्लॉयबिलिटी एवं डोमेन स्किल्स' (रोजगारपरकता और कौशल विकास) प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन आज 20 फरवरी 2026 को यह कार्यक्रम शशि भूषण बालिका विद्यालय डिग्री कॉलेज, 61 गुरु गोविंद सिंह मार्ग, लालकुआं, हुसैनगंज, लखनऊ के परिसर में दोपहर 12:00 बजे आयोजित किया गया ।
पिछले सात दिनों से चल रहे इस सघन प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आधुनिक रोजगार बाजार की चुनौतियों के लिए तैयार करना और उनके व्यावसायिक कौशल (Domain Skills) को निखारना है। महिंद्रा प्राइड क्लासरूम के माध्यम से छात्राओं को सॉफ्ट स्किल्स, कम्युनिकेशन, इंटरव्यू की तैयारी और डिजिटल साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया गया है, ताकि उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
समापन सत्र के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किया गया तथा प्रशिक्षकों द्वारा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया । कार्यक्रम में महाविद्यालय के मैनेजर श्री पंकज भट्टाचार्य, प्राचार्या प्रोफेसर अंजुम इस्लाम,उपप्रचार्या डॉ चंदना बोस,नांदी फाउंडेशन के प्रतिनिधि डॉ सुनित कुमार सोनकर महाविद्यालय की प्रोग्राम समन्वयक प्रोफेसर बिंदु , डॉ सौरभ कुमार मिश्रा एवं एवं सह समन्वयक डॉ अंशुल सिंह, डॉ अनामिका मौर्य एवं वरिष्ठतम शिक्षिका प्रोफेसर मधु चौहान तथा समस्त शिक्षिकाएं और शहर के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहें।
15/08/2025
79वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
14/08/2025
आज दिनांक 14.8.2025 को भाषा विभाग उत्तरप्रदेश शासन के नियंत्रणाधीन उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान एवं शशि भूषण महा विद्यालय लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज के सभागार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर "विभाजन विभीषिका: एक त्रासदी" विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह आयोजन मातृ भूमि के उन परिवारों को नमन करते हुए, जिन्हें भारत के विभाजन के दौर में अपने प्राण न्योछावर करने पड़े , उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए मनाया गया। कार्यक्रम का आरंभ सरस्वती देवी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण कर किया गया साथ ही चंद्र शेखर आज़ाद, शहीद भगत सिंह इत्यादि देश की स्वतंत्रता के लिए प्राणों का उत्सर्ग करने वाले वीरों को नमन कर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। भाषा संस्थान के निदेशक श्री विनय श्रीवास्तव जी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में विभाजन के दौरान विस्थापित परिवारों के सदस्यों को आमंत्रित कर उन्हें सम्मानित किया गया। समाज सेवी श्री सुमित कालरा ने विभाजन विभीषिका को याद करते हुए कहा कि मेरी दादी उस वक्त अनेक प्रकार के कष्टों को झेलते हुए यहां आई, उनके मुख से उन किस्सों को सुनकर हम सबके रोंगटे खड़े हो जाते थे। यह सही है कि 15अगस्त, 1947को भारत ने आजादी का अमृत पान किया, मगर स्वतंत्रता हमें काफी कठिनाइयो और जुल्मी को सहने के बाद मिली। इस विभाजन ने हजारों परिवारों को अपनी जड़ों से जुदा कर दिया। हजारों महिलाओं को अत्याचार और अपमान सहना पड़ा ,अनेक बच्चे अनाथ हो गए ।यह केवल भौगोलिक विभाजन नहीं था, यह दिलों का भी विभाजन था। श्री प्रकाश गोधवानी जी ने बताया कि उस समय मेरी आयु चार या पांच साल की रही होगी और तब हम जीविका चलाने के टॉफी बेचते थे या फिर किसी दुकान में इस लिए रख लिया जाता था कि हम ग्राहकों को बुला कर समान लेने के आवाज लगाएं। बहुत ही मुसीबत और कष्ट भरें दिन थे। यह विभाजन त्रासदी की विभीषिका अपने साथ लाया था और हम सब भोगने को मजबूर थे। लगभग डेढ़ करोड़ लोग विस्थापित हुए, दस लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई। आज हमें उस त्रासदी से शिक्षा लेनी चाहिए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो। उन्होंने कविता की पंक्तियां दोहराते हुए कहा,
संवेदना जगाने को एक चुभन काफी है।
धरा दुलारने को एक गगन काफी है।।
मुख्य वक्ता डॉ प्रेम कुमार जी ने विभाजन विभीषिका को तथ्य परक ढंग से रेखांकित करते हुए कहा कि आजादी के शोर में हमेशा से दब गई विभाजन विभीषिका को आज स्वर मिला है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सीख होगी। आज़ादी के साथ विभाजन का द्वैध हमेशा के लिए सामने रहना चाहिए ताकि किन दुर्गम रास्तों से हम यहां तक आए हैं, यह याद रहे। इस यात्रा की त्रासदियां ही भविष्य के लिए सीख का काम करेंगी। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ अंजुम इस्लाम ने कहा कि अंग्रेज अपनी फूट डालो और राज करो कि कुत्सित नीति में सफल हो गए। जब कि हम आज भी उस विभीषिका से उबर नहीं पाए। यदि विभाजन न होता तो आतंकवाद भी न होता। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें वैमनस्य, भेद भाव और दुर्भावनाओं को खत्म करने की याद दिलाएगा तथा आपसी सहयोग व सामाजिक समरसता , सद्भाव के लिए प्रेरित करेगा। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए व देशभक्तिपरक गीतों का गायन किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ सौरभ कुमार मिश्र ने किया। कार्यक्रम में छात्राओं, अध्यापकों, अध्यापिकाओं के साथ ही वरिष्ठ साहित्यकार एवं विस्थापित परिवारों के परिजन उपस्थित थे। सभी लोगों ने कार्यक्रम की सराहना की तथा आगे भी इस तरह के आयोजन किए जाने इच्छा जताई।
21/06/2025
आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शशि भूषण बालिका विद्यालय डिग्री कॉलेज में पंडित बिरजू महाराज कल्चरल क्लब के तत्वावधान में छात्राओं द्वारा योगाभ्यास किया गया। इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर अंजुम इस्लाम ने छात्राओं को संबोधित करते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। योग मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ करता है।
कार्यक्रम में डॉ. सौरभ कुमार मिश्रा, कॉलेज की शिक्षिकाएं, कल्चरल क्लब के सभी सदस्यगण एवं अनेक छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं उन्हें नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित करना रहा।