01/05/2026
एक बच्ची जो न दुनिया को देख सकती थी, न आवाजें सुन सकती थी और न ही अपने शब्दों में कुछ व्यक्त कर सकती थी, उसने अपनी चुप्पी और अंधेरे को ही अपनी ताकत बना लिया। लखनऊ की सारा मोइन ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, परिवार के सहयोग और तकनीक के सहारे वह मुकाम हासिल किया है, जिसे सुनकर हर कोई प्रेरित हो रहा है। ये कहानी सिर्फ एक टॉपर की नहीं है, बल्कि उस संघर्ष की है जिसमें हर दिन पढ़ाई एक चुनौती थी और हर परीक्षा जीवन की एक नई लड़ाई।
सारा की मां की उंगलियां जब उनकी हथेली पर अक्षर बनाती थीं, तो वही उनके लिए किताबें बन जाते थे और वही अक्षर मिलकर उनके सपनों की भाषा बनते थे। इस जद्दोजहद के बीच सारा ने ISC कक्षा 12 में 98.7 प्रतिशत अंक हासिल कर न सिर्फ अपनी कक्षा में टॉप किया, बल्कि यह साबित कर दिया कि हौसलों के सामने हालात कभी हार नहीं मना सकते।
01/05/2026
18/02/2026