24/10/2025
A Rangoli Contest was organised by the school where students participated in making and decorating Reception Area of the school building by Rangoli under the guidance of their teachers. It was really fun seeing their skills to make Rangoli... Atul Srivastava Arun Srivastava Amit Srivastava Indus International Academy Lucknow
24/10/2025
On Dhanteras, before the school closed for Deepawali Vacations, Deepawali Celebration was done by students where students under the guidance of their teachers made Rangoli and other smaller kids enjoyed Deep Prajjwalan and Rangoli with their teachers and set off for homes to celebrate Deepawali after that... Atul Srivastava Arun Srivastava Amit Srivastava Indus International Academy Lucknow
19/10/2025
आप सभी को नरक चतुर्दशी यानि कि छोटी दीपावली की सुखद शुभकामनाएं 😊👌❤️ Atul Srivastava Arun Srivastava Amit Srivastava Indus International Academy Lucknow
18/10/2025
कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन समुद्र-मंन्थन के समय भगवान धन्वन्तरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन धन के देवता कुबेर, मृत्यु के देवता यमराज और धनवंतरी भगवान की पूजा की जाती है। इस दिन एक-दूसरे को धनतेरस की शुभकामनाएं देना मात्र औपचारिकता नहीं, बल्कि शुभ ऊर्जा और सकारात्मकता बांटने का तरीका है जब हम किसी को शुभकामनाएं देते हैं, तो उनके लिए मंगल की कामना करते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा दोनों के जीवन में प्रवाहित होती है। इस दिन की गई शुभकामनाएं दरअसल लक्ष्मी और धनवंतरी की कृपा के निमंत्रण के समान हैं। भारत सरकार ने धनतेरस को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। आप सभी को धन त्रयोदशी की असीम शुभकामनाएं 😊👌❤️❤️❤️ Atul Srivastava Arun Srivastava Amit Srivastava Indus International Academy Lucknow
02/10/2025
आज 2 अक्टूबर है और आज मैं आप सभी को इस माटी के लाल श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे में बताने जा रहा हूं जिन्हें पर्याप्त सरकारी इच्छाशक्ति के अभाव में भुला दिया गया।
श्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सात मील दूर एक छोटे से रेलवे टाउन, मुगलसराय में शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर को शरद प्रसाद श्रीवास्तव और रामदुलारी देवी के घर हुआ था। उनके पिता एक स्कूल शिक्षक थे। जब लाल बहादुर शास्त्री केवल डेढ़ वर्ष के थे तभी उनके पिता का देहांत हो गया था। उनकी माँ अपने तीनों बच्चों के साथ अपने पिता के घर जाकर बस गईं।
सरलता और सादगी की मिसाल भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी जय जवान, जय किसान का प्रसिद्ध नारा देने वाले विनम्र, सहिष्णु, दृढ़ और जबर्दस्त आंतरिक शक्ति वाले शख्स थे। शास्त्री जी ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारत के रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी का कार्यकाल भले ही सिर्फ 18 महीने का रहा हो लेकिन इस छोटी से अवधि में उन्होंने अपने कड़े फैसलों और तगड़ी कार्यक्षमता से दुनिया भर को अपना कायल बना दिया था। उन्होंने अपने प्रधानमंत्रित्व काल में देश को यशस्वी नेतृत्व प्रदान किया। उनके नेतृत्व में ही भारत ने 1965 की जंग में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी।
शास्त्री जी की साफ-सुथरी छवि, लोकप्रियता और मजबूत व्यक्तित्व के चलते जवाहरलाल नेहरू के आकस्मिक निधन के बाद उन्हें प्रधानमंत्री बनाया गया। जब शास्त्री जी प्रधानमंत्री बने, तब भारत में खाद्य पदार्थों का संकट था। 1965 में एक तरफ पाकिस्तान के साथ जंग और दूसरी तरफ भयानक सूखा। उन्होंने इस मुश्किल दौर में देश का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। जब भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना के बुरी तरह परास्त किया तब वह ही पीएम थे। उस समय लाल बहादुर शास्त्री जी ने देश के लोगों से दो महत्वपूर्ण आह्वान किये थे। एक तो हर खाली जमीन पर अनाज और सब्जियां बोई जाएं और दूसरा यह कि हर कोई सप्ताह में एक दिन उपवास रखे।
आधिकारिक तौर पर उनकी मृत्यु 11 जनवरी, 1966 को ताशकंद में दिल का दौरा पड़ने से हुई थी. हालांकि, उनकी अचानक मृत्यु के बाद ज़हर देकर मारने और अन्य साजिशों के सिद्धांत सामने आए, लेकिन इन दावों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है या हम यूं भी कह सकते हैं कि इन सबूतों को हासिल करने के लिए तत्कालीन सरकार में पर्याप्त इच्छा शक्ति ही नहीं थी। शास्त्री जी की मृत्यु 1965 के भारत-पाक युद्ध को समाप्त करने वाले ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद हुई थी। आधिकारिक तौर पर उनके निधन का कारण मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (हृदयाघात) बताया गया है।
शास्त्री जी की मृत्यु के बाद, कई लोगों, जिनमें उनके परिवार के सदस्य भी शामिल थे, ने इस बात पर संदेह जताया कि यह प्राकृतिक मौत थी। यहां तक कि उनकी मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम तक नहीं हुआ, और उनके शरीर पर नीले निशान देखे जाने जैसी बातें भी थीं, जिससे ज़हर दिए जाने की अटकलें लगाई गईं। 1977 में, राज नारायण समिति का गठन शास्त्री जी की मृत्यु की जांच के लिए किया गया था, लेकिन इस समिति की रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं की गई।
शास्त्री जी की मृत्यु से जुड़े दस्तावेज़ों को प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा सार्वजनिक करने से इनकार किए जाने से भी मामले में रहस्य बना हुआ है। अपने छोटे से 18 माह के कार्यकाल में शास्त्री जी की बड़ी उपलब्धियां थीं जिन्हें भुला दिया गया था। वे वास्तव में गुदड़ी के लाल थे 🤔 उनकी जयंती पर उनको शत शत नमन 🌺🙏🌺
टीम एडमिन
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30/09/2025
Continuing with the tradition of previous years, the students of Indus International Academy prepared Rwan, Meghnad & Kumbhkarn and before the school was closed for Dussera Holidays Rawan Dahan was performed by the Chairman Sri Atul Srivastava accompanying Ram. The students and teachers enjoyed a lot in this event. As a tradition, school celebrates almost all the festivals with the students... Indus International Academy Lucknow Atul Srivastava Arun Srivastava Amit Srivastava
30/09/2025
इंडस इंटरनेशन एकेडमी में क्रिकेट अकादमी का शुभारंभ* इंडस इंटरनेशनल एकेडमी में आज क्रिकेट अकादमी का भव्य शुभारंभ किया गया। इस शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री राम चन्द्र सिंह प्रधान (सदस्य, विधान परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ-उन्नाव) पधारे। साथ ही क्षेत्रीय सभासद भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संस्था के चेयरमैन श्री अतुल श्रीवास्तव जी ने मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि को फूलों के गुलदस्ते व शाल पहनाकर स्वागत किया। साथ आए अन्य अतिथियों का स्वागत संस्था के अन्य पदाधिकारियों द्वारा माल्यार्पण करके किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात् मुख्य अतिथि श्री रामचंद्र प्रधान जी ने चेयरमैन श्री अतुल श्रीवास्तव व विशिष्ट अतिथि महोदय के संग फ्रेंडली मैच खेलने वाली चारों टीम और टीम के कोच से हाथ मिलाकर परिचय लिया और एक बार पिच पर बैटिंग करके इनौगरल शौट खेलकर मैच की शुरुआत की। श्री रामचंद्र प्रधान जी को हमारे क्षेत्रीय सभासद जी ने जोकि विशिष्ट अतिथि थे, बालिंग की थी जिसपर प्रधान जी ने इनौगरल शाट लगाया था। विद्यालय की टीमों के बीच एक रोमांचक मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया था। खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल भावना और अनुशासन का परिचय देते हुए दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर विजेता खिलाड़ियों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्य अतिथि श्री राम चन्द्र सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि – “क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, परिश्रम और टीम भावना का पाठ भी पढ़ाता है। ऐसी अकादमियां ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच प्रदान करती हैं।” विशिष्ट अतिथि ने विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की और छात्रों को खेल-कूद के साथ शिक्षा में भी उत्कृष्टता प्राप्त करने का संदेश दिया। विद्यालय के चेयरमैन अतुल श्रीवास्तव ने भी अपने संबोधन में कहा कि – “हमारा लक्ष्य बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी अवसर प्रदान करना है। क्रिकेट अकादमी का यह शुभारंभ इसी दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है, जिससे हमारे विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकेंगे।” प्रधानाचार्या शैलजा छिकारा ने बताया कि क्रिकेट अकादमी के माध्यम से छात्रों को पेशेवर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा ताकि भविष्य में वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय एवं क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें। कार्यक्रम का समापन समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसने इस शुभारंभ को यादगार बना दिया।... Indus International Academy Lucknow fans Atul Srivastava Arun Srivastava Amit Srivastava