19/05/2021
हाई स्कूल छमाही और प्री बोर्ड के अंक अपलोड करने के लिए कम से कम 10 दिन का समय दिया जाए -आनंद द्विवेदी
यूपी बोर्ड देश का ही नहीं वरन विश्व का सबसे बड़ा बोर्ड है। जिसमें प्रति वर्ष लगभग 56 लाख विद्यार्थियों बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होते है। पिछले वर्ष कोविड-19 के कारण अल्प समय के लिए ही कक्षाएं संचालित हो पाई।कई बार प्रशासन द्वारा लंबे समय तक के लिए विद्यालय के कार्यालय तक बंद करा दिए गए। वर्तमान में विद्यालय के कार्यालय इत्यादि बंद होने के कारण विद्यालय के शिक्षक और प्रधानाचार्य अपने अपने गृह जनपद चले गए हैं। ऐसे में हथेली पर सरसों उगाने को प्रतिबद्ध बोर्ड के अधिकारियों संयुक्त शिक्षा निदेशक एवं डीआईओएस महोदय तुगलकी फरमान जारी करते हैं कि कुछ शेष घंटों में ही हाई स्कूल के छमाही और प्री बोर्ड के अंक अपलोड करा दिए जाएं यह बिल्कुल उचित नहीं है। स्ववित्तपोषित विद्यालय प्रबंधक एसोसिएशन इसका विरोध करती है और बोर्ड से मांग करती है कि हाई स्कूल छमाही और प्री बोर्ड के अंक अपलोड करने हेतु विद्यालयों को कम से कम 10 दिन का समय अवश्य दिया जाए जिससे सभी विद्यालय प्रबंधक अपने प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को बुलाकर यह कार्य संपादित करवा सकें। उक्त बातें स्ववित्तपोषित विद्यालय प्रबंधक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने वार्ता में कही। एसोसिएशन के प्रदेश मीडिया प्रभारी लक्ष्मीकांत तिवारी ने बताया कि
संज्ञान में आया है , कई विद्यालय कोविड-19 की वजह से अर्धवार्षिक परीक्षाएं और प्री बोर्ड परीक्षाएं संपादित नहीं कर सके परंतु लखनऊ डीआईओएस डॉ मुकेश कुमार सिंह के हवाले से एक चर्चित समाचार पत्र की सूचना अनुसार सभी 778 हाई स्कूलों ने अर्धवार्षिक परीक्षा और प्री बोर्ड परीक्षा कराने का दावा किया है। यह दावे विद्यालयों की तरफ से नहीं स्वयं लखनऊ डीआईओएस ने अति उत्साह में अपने आप को श्रेष्ठ घोषित करने के लिए किए हैं।