Bablu Yadav

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Photos from Bablu Yadav's post 24/07/2023

जिंदगी एक सफर है सुहाना.,
,,,ज्यादा ख़्वाहिशें न रखिये जिंदगी से,
बस अगला कदम पिछले से बेहतरीन होना चाहिए..!!

14/07/2023
08/06/2023

Jai shree krishna Radhe Radhe

03/05/2023

*बड़ों की 'ना' हो या हाँ हो उसमें हमारा हित छुपा होता है*
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🔷 एक बड़ी सी नदी के किनारे कुछ वृक्ष थे, जिनकी टहनियां नदी की धारा के ऊपर तक फैली हुईं थीं । एक दिन चिड़ियों का झुंड घोंसले की तलाश में भटकते हुए उस नदी के किनारे पहुँचा । चिड़ियों ने एक वृक्ष देखा और उससे पूछा - 'हम सब काफी समय से अपने लिए एक नया मजबूत घर बनाने के लिए वृक्ष तलाश रहे हैं, आपको देखकर हमें बड़ी प्रसन्नता हुई । आपकी मजबूत शाखाओं पर हम एक अच्छा सा घोंसला बनाना चाहते हैं, ताकि बरसात शुरु होने से पहले हम खुद को सुरक्षित रख सकें । क्या आप हमें इसकी अनुमति देंगे ?'

🔷 वृक्ष ने उनकी बातों को सुनकर साफ इन्कार कर दिया और कहा - 'मैं तुम्हें इसकी अनुमति नहीं दे सकता, जाओ कहीं और अपनी तलाश पूरी करो ।'

🔷 चिड़ियों को वृक्ष का इन्कार करना बहुत बुरा लगा । वे उसे भला-बुरा कहकर सामने ही एक दूसरे वृक्ष के पास पहुँचीं और उस वृक्ष से भी उन्होंने घोंसला बनाने की अनुमति मांगी । इस वृक्ष ने उन्हें खुशी खुशी रहने की अनुमति प्रदान की । चिड़ियों ने उस वृक्ष की खूब प्रशंसा की और अपना अपना घोंसला बनाकर वहां रहने लगीं ।

🔷 समय बीता, बरसात का मौसम शुरु हो गया । इस बार बारिश भी भयानक थी । नदियों में बाढ़ आ गयी । नदी अपने तेज प्रवाह से मिट्टी काटते-काटते और चौड़ी हो गयी । एक दिन तो इतनी तेज बारिश हुई कि नदी में बाढ़ आ गयी । बहुत से पेड़-पौधे अपनी जड़ों से उखड़कर नदी में बहने लगे । इन पेड़-पौधों में वह पहला वृक्ष भी शामिल था जिसने उन चिड़ियों को अपनी शाखाओं पर घोंसला बनाने की अनुमति नहीं दी थी । उस वृक्ष को जड़ों सहित उखड़कर नदी में बहता देख चिड़ियां खुश हो गयीं, मानो कुदरत ने उस वृक्ष से उनका बदला ले लिया हो ।

🔷 चिड़ियों ने पेड़ की तरफ उपेक्षा भरी नज़रों से देखा और कहा - 'एक समय जब हम तुम्हारे पास अपने लिए मदद मांगने आए थे तो तुमने हमें साफ इन्कार कर दिया था । अब देखो तुम्हारे इसी स्वभाव के कारण तुम्हारी यह दशा हो गई है ।'

🔷 इस पर उस वृक्ष ने मुस्कुराते हुए कहा - 'मैं जानता था कि मेरी उम्र अब पूरी हो चली है और इस बरसात के मौसम में मेरी कमजोर पड़ चुकी जडें टिक नहीं पाएंगी, मात्र यही कारण था कि मैंने तुम्हें इन्कार कर दिया था । क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मेरी वजह से तुम्हारे ऊपर भी विपत्ति आए । फिर भी मेरे मना करने से तुम्हारे दिल को जो चोट पहुंची है उसके लिए मुझे क्षमा करना ।' ऐसा कहते हुए वह वृक्ष पानी में बह गया । चिड़ियों को अपने इस व्यवहार पर बड़ा पछतावा हुआ ।

*🔹 शिक्षा 🔹*
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🔶 अक्सर हम दूसरों के रुखे व्यवहार का बुरा मान जाते हैं । लेकिन कईं बार इसी तरह के व्यवहार में हमारा हित छुपा होता है । खासतौर पर जब बड़े-बुजुर्ग या माता-पिता बच्चों की कोई बात नहीं मानते तो बच्चे उन्हें अपना दुश्मन समझ बैठते हैं, जबकि सच्चाई कुछ और ही होती है । वे हमेशा अपने बच्चों की भलाई के बारे में ही सोचते हैं । इसलिए यदि आपको भी कहीं से कोई इन्कार मिले तो उसका बुरा ना मानें, क्या पता उन चिड़ियों की तरह उनकी एक 'ना' आपके जीवन में आने वाली किसी बड़ी विपत्ति का संकेत हो ।
आपको यह जानकारी कैसी लगी कमेंट्स में बताइए ||

Photos from Bablu Yadav's post 03/01/2023

I know that these words would not be able to convey how awesome you are, but we’ll still attempt it. You are a wonderful person, and we are glad you are our leader. Happy birthday dear Neta ji 😘😘😘😘❤❤ ❤😘 Nirbhay Singh Gahalot

15/03/2022

Happy Holi

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