प्रेम प्रेम सब कोउ कहै, कठिन प्रेम की फाँस। प्रान तरफि निकरै नहीं, केवल चलत उसाँस ॥
Krishna Kids Classes
Teacher
सूरदास जी..
तुलसीदास जी
तुलसीदास जी के दोहे..
राष्ट्र कथा नंदनी नगर गोंडा
02/01/2026
31/12/2025
मातॄवत्परदारेषु परद्रव्येषु लोष्टवत् ।
आत्मवत्सर्वभूतेषु य: पश्यति स पश्यति ॥
जो व्यक्ति धार्मिक प्रावॄत्ती का है वो परस्त्री को माते समान परद्रव्य को माटी समान तथा अन्य सभी प्रााणिमात्रोंको स्वयं के समान मानता है ।
यही धर्म के सही लक्षण है ।
30/12/2025
यथा चित्तं तथा वाचो यथा वाचस्तथा क्रिया: ।
चित्ते वाचि क्रियायांच साधुनामेकरूपता ॥
अच्छे लोग वही बात बोलते हैं जो उनके मन में होती है।
अच्छे लोग जो बोलते हैं वही करते हैं।
ऐसे पुरुषों के मन, वचन व कर्म में समानता होती है।
29/12/2025
शुभ रात्रि मित्रों..
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Address
Lucknow