02/01/2024
*सुखं दु:खं भयं क्षेमं कर्मणैवाभिपद्यते* अर्थात् सुख,दुःख,भय और अभय(सुरक्षा) की ये सभी परिस्थितियां कर्म करने से ही आती हैं। और आज मेरे जीवन में कुछ ऐसा ही विशेष क्षण जिसे बताने में मुझे अत्यंत हर्षानुभूति है कि हाल ही में प्रकाशित मेरी पुस्तक *वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी योगी सरकार* के खंड 2, अध्याय 11 में वर्णित जिस *विज्ञान पथ* का विचार प्रस्तुत किया था , वह प्रदेश की सरकार द्वारा स्वीकृत कर लिया गया है जिसे अति शीघ्र साकार रूप में लाने हेतु कार्य आरंभ किया जाएगा।
यह आप सभी सहयोगियों एवं मेरे शुभ चिंतकों की प्रेरणा का परिणाम है जो मुझे सदैव प्रगतिशील रहने हेतु उत्साहित करते हैं, मैं आपके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।
28/11/2023
28/11/2023
26/11/2023
24/11/2023
23/11/2023
23/11/2023
21/11/2023