13/10/2025
निचले सिरे के पत्ते डालियों की कटिंग कर देना चाहिए,,इस तरह से
फायदा: ऐसा करने से जो भी जमीन में माइक्रोन्यूट्रेंट है वो फल फूल टमाटर के साइज में लाभकारी होगा।
Group
दोस्तों , इस चैनल पर कृषि क्षेत्र से संबंधित सवाल जवाब मिलेंगे तो आप लोग इस चैनल को फालो ,शेयर और कमेंट कर सकते है ।
13/10/2025
निचले सिरे के पत्ते डालियों की कटिंग कर देना चाहिए,,इस तरह से
फायदा: ऐसा करने से जो भी जमीन में माइक्रोन्यूट्रेंट है वो फल फूल टमाटर के साइज में लाभकारी होगा।
Group
आवश्यक सूचना -
इस बार हम आलू की कई वैरायटियां लगायेंगे जो इस प्रकार है
1- CPRI पुखराज
गंगा
मोहन
ख्याती
2- CPRI चिप्सोना-1
सूर्या
3- CPRI कुफरी बहार 3797
4- CPRI लोहित
सिंदूरी
5- डायमंड
विक्टर
चेम्पियन
कुल 12 वैरायटी लगेंगी।
13/10/2025
कुसुम बीज का भाव नीमच मंडी
Quiz practice session start
Jion to all and share and fallow this group forbetter knowledge
13/10/2025
Answer
❤️फूलगोभी
🔥पत्तागोभी
👍प्याज
👏टमाटर
(React with the correct answer)
13/10/2025
५ हजार फॉलोअर्स के पूरा होने पर हम एक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन करेंगे, जिसमें आप सभी अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं और जीतने वाले को एक सरप्राइज गिफ्ट दिया जाएगा। आप सभी से अनुरोध है कि हमें फॉलो करें और हमारे पेज को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर शेयर करें ताकि हम अधिक लोगों तक अपनी प्रेरणा पहुंचा सकें। धन्यवाद।
Upon reaching 5,000 followers, we'll be hosting a quiz contest where you can showcase your talents, and the winner will receive a surprise gift. We encourage you all to follow us and share our page on your social media accounts so we can inspire more people. Thank you.
13/10/2025
पारिजात वृक्ष - सबसे अप्रत्याशित स्थानों में एक दुर्लभ वृक्ष है। इसको छूने का हक सिर्फ #उर्वशी को था,,,
समुद्र मंथन के समय निकले बहुमूल्य रत्नों में एक ये वृक्ष भी था,, #पारिजात नाम है इसका,,इसे ही #कल्पवृक्ष भी कहा गया है,,
⚜️ पूरी रात सुगंधी बिखेरता पारिजात,भोर होते ही अपने सभी फूल पृथ्वी पर बिखेर देता है!अलौकिक सुगंध से सराबोर इसका पुष्प केवल मन को ही प्रसन्न नहीं करता,अपितु तन को भी शक्ति देता है ! एक कप गर्म पानी में इसका फूल डालकर पियें,अद्भूत ताजगी मिलेगी....
⚜️यह पश्चिम बंगाल का राजकीय पुष्प है....
⚜️इंद्र के बगीचे में स्थित इस वृक्ष को सिर्फ उर्वशी को छूने का अधिकार था,,, इसके नीचे बैठने, या छूने मात्र से थकान दूर हो जाती है और नई ऊर्जा का संचार होता है। स्वर्ग में इसको छूने से देव नर्तकी उर्वषी की थकान मिट जाती थी,पारिजात नाम के इस वृक्ष के फूलों को देव मुनि नारद ने श्रीकृष्ण की पत्नी सत्यभामा को दिया था,इन अदभूत फूलों को पाकर सत्यभामा भगवान श्री कृष्ण से जिद कर बैठी कि पारिजात वृक्ष को स्वर्ग से लाकर उनकी वाटिका में रोपित किया जाए!
⚜️सत्यभामा की जिद पूरी करने के लिए जब श्री कृष्ण ने पारिजात वृक्ष लाने के लिए नारद मुनि को स्वर्ग लोक भेजा तो इन्द्र ने श्री कृष्ण के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और पारिजात देने से मना कर दिया,जिस पर भगवान श्री कृष्ण ने गरूड पर सवार होकर स्वर्ग लोक पर आक्रमण कर दिया और परिजात को प्राप्त कर लिया,श्री कृष्ण ने यह पारिजात लाकर सत्यभामा की वाटिका में रोपित कर दिया!
⚜️भगवान श्री कृष्ण ने पारिजात को लगाया तो था सत्यभामा की वाटिका में,परन्तु उसके फूल उनकी दूसरी पत्नी रूकमणी की वाटिका में गिरते थे,एक मान्यता के अनुसार परिजात वृक्ष की उत्पत्ति समुन्द्र मंथन से हुई थी, जिसे इन्द्र ने अपनी वाटिका में रोप दिया था!
⚜️यह वृक्ष एक हजार से पांच हजार वर्ष तक जीवित रह सकता है,पारिजात वृक्ष के वे ही फूल उपयोग में लाए जाते है,जो वृक्ष से टूटकर गिर जाते है,यानि वृक्ष से फूल तोड़ने की पूरी तरह मनाही है!
⚜️यह वृक्ष आसपास लगा हो खुशबू तो प्रदान करता ही है,साथ ही नकारात्मक उर्जा को भी भगाता है,इस उपयोगी वृक्ष को अवश्य ही घर के आसपास लगाना चाहिए!!!
पारिजात एक पुष्प देने वाला वृक्ष है, इसका वृक्ष 10 से 15 फीट ऊँचा होता है...... पारिजात पर सुन्दर व सुगन्धित फूल लगते हैं....इसकी सबसे बड़ी पहचान है सफ़ेद फूल और केसरिया डंडी होती है... इसके फूल रात में खिलते है और सुबह सब झड जाते है ...।
पारिजात अत्यंत लाभकारी ओषधि हैं.... जो अनेक रोगों को दूर करने में सहायक है...।
#साइटिका का सफल इलाज...
एक पैर मे पंजे से लेकर कमर तक दर्द होना साइटिका या रिंगण बाय कहलाता है....प्रायः पैर के पंजे से लेकर कूल्हे तक दर्द होता है जो लगातार होता रहता है... मुख्य लक्षण यह है कि दर्द केवल एक पैर मे होता है.... दर्द इतना अधिक होता है कि रोगी सो भी नहीं पाता...... हारसिंगार के 10-15 कोमल पत्ते को कटे फटे न हों तोड़ लाएँ...... पत्ते को धो कर थोड़ा सा कूट ले या पीस ले.....बहुत अधिक बारीक पीसने कि जरूरत नहीं है। लगभग 200-300 ग्राम पानी (2 कप) मे धीमी आंच पर उबालें.....तेज आग पर मत पकाए....चाय की तरह पकाए,चाय कि तरह छान कर गरम गरम पानी (काढ़ा) पी ले... पहली बार मे ही 10% फायदा होगा.... प्रतिदिन 2 बार पिए ... इस हरसिंगार के पत्तों के काढ़े से 15 मिनट पहले और 1 घंटा बाद तक ठंडा पानी न पीए,दही लस्सी और आचार न खाएं.
अब यह वृक्ष धरती पर है इस पेड़ के #बीज बनते हैं,, और इसको #कलम विधि के द्वारा पैदा किया जा सकता है।
रात को इसके फूल खिलते हैं,,और गंध इतनी दिव्य है कि इस लोक की लगती ही नहीं है,,, ईश्वर के आशीर्वाद अद्भुत और विचित्र हैं,,
13/10/2025
शहर की भीड़-भाड़ से दूर, गाँव की वो सड़क जहाँ शांति भी है, सुकून भी — बस पेड़ों की छाँव और मिट्टी की खुशबू साथ चलती है 🌿🚶♂️✨
19/08/2025
धान में काली जड़ सड़न ग्रब लाल कीड़ा #धान
19/08/2025
धान की लास्ट डोज ,खाली +जिंक +पोटाश +यूरिया
फसलों में खरपतवार नाशी (Herbicide) का छिड़काव करते समय कुछ महत्वपूर्ण सावधानियाँ रखना बहुत जरूरी होता है ताकि फसल को नुकसान न हो, और छिड़काव प्रभावी रहे। नीचे प्रमुख सावधानियाँ दी गई हैं:
🌾 *1. सही खरपतवारनाशी का चयन करें*
फसल की किस्म, खरपतवार का प्रकार (एकबीजपत्री या द्विबीजपत्री), और खेत की स्थिति के अनुसार ही खरपतवारनाशी चुनें।
लेबल पर दी गई जानकारी पढ़कर ही चयन करें।
*🕐 2. छिड़काव का सही समय*
खरपतवार की प्रारंभिक अवस्था में छिड़काव करें, जब वे छोटे हों (2–4 पत्तियों की अवस्था)।
प्री-इमर्जेंस (बुआई के तुरंत बाद) या पोस्ट-इमर्जेंस (खरपतवार उगने के बाद) का सही समय तय करें।
⚖️ *3. सही मात्रा और घोल का अनुपात*
अनुशंसित मात्रा में ही उपयोग करें (अधिक या कम मात्रा से फसल को नुकसान या खरपतवार नियंत्रण असफल हो सकता है)।
साफ पानी में सही अनुपात में मिलाएँ।
🧪 *4. मिश्रण करते समय सावधानी*
किसी अन्य कीटनाशी या उर्वरक के साथ मिलाने से पहले अनुकूलता जांच करें।
मिश्रण से पहले छोटा परीक्षण करें।
☀️ *5. मौसम का ध्यान रखें*
तेज धूप, बारिश या तेज हवा में छिड़काव न करें।
सुबह या शाम के समय, जब हवा कम हो, तब छिड़काव करें।
🧤 *6. सुरक्षा के उपाय अपनाएं*
दस्ताने, मास्क, चश्मा, और पूरी बांह के कपड़े पहनें।
छिड़काव के बाद हाथ-पैर और चेहरे को अच्छे से धोएं।
बचा हुआ घोल जल स्रोतों में न डालें।
🚜 *7. यंत्रों की सफाई*
छिड़काव यंत्र को प्रयोग से पहले और बाद में अच्छे से साफ करें।
किसी दूसरी फसल में उपयोग से पहले यंत्र में शेष बचा घोल न हो।
🚫 *8. फसल पर न गिरे*
जो खरपतवारनाशी सिर्फ खरपतवार के लिए हो, वह फसल पर गलती से न गिरे।
धारदार नोजल और समतल छिड़काव करें।
🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱〽️
क्या आप चाहते हैं कि आपकी ज़मीन भी उपजाऊ, जलधारण क्षमता से भरपूर और खरपतवार रहित बनी रहे?
तो खेती में ढैंचा (Dhaincha) ज़रूर अपनाएँ!
ढैंचा एक चमत्कारी हरी खाद (Green Manure) है, जो ना केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है, बल्कि फसल की पैदावार और गुणवत्ता को भी सुधारती है। इसका वैज्ञानिक नाम Sesbania bispinosa है और यह एक दलहनी (legume) फसल है, जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन को बाँधकर मिट्टी में मिलाती है।
🌱 ढैंचा के प्रमुख लाभ:
🧪 मिट्टी सुधार में अद्वितीय योगदान
1.नाइट्रोजन फिक्सेशन द्वारा रासायनिक खाद की जरूरत कम करता है।
2.मिट्टी को भुरभुरी और जलधारण में सक्षम बनाता है।
3.बंजर, क्षारीय व रेतीली मिट्टी को भी खेती योग्य बना देता है।
🌾 मुख्य फसलों के लिए सहायक
1.धान, गेहूं जैसी फसलों से पहले खेत की तैयारी करता है।
2.खरपतवार और कीट नियंत्रण में मदद करता है।
3.जैविक खेती को बढ़ावा देता है।
💰 किसान को सीधा लाभ
1.खाद पर खर्च घटाकर उत्पादन लागत कम करता है।
2.सीमित रूप से पशु चारे के रूप में भी उपयोगी।
3.कम पानी और गर्म जलवायु में भी अच्छी पैदावार देता है।
🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱〽️