Anoop Maurya history Sansar

Anoop Maurya history Sansar

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study and comptition

14/04/2026

सख़्त राहों में भी आसान सफ़र लगता है
ये मेरे बाबा की दुआओं का असर लगता है

मैंने जिस वक़्त तेरे दर पे किया है सजदा
आसमानों से भी ऊंचा मेरा सर लगता है

एक वीराना जहां उम्र गुज़ारी मैंने
तेरी तस्वीर लगा दी है तो घर लगता है
डॉ भीम राव अंबेडकर जी जयंती पर उन्हें सादर नमन 🙏 ♥️💐

02/03/2026
02/03/2026

Up टीजीटी पीजीटी

11/02/2026

Bpsc notice tre

11/02/2026

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! POhit Pandya, Ranjana Anoop Maurya

08/02/2026

Mission UP TGT PGT

04/02/2026

इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है
नाव जर्जर ही सही लहरों से टकराती तो है

एक चिंगारी कहीं से ढूँढ लाओ दोस्तो
इस दिये में तेल से भीगी हुई बाती तो है

एक खंडर के हृदय सी एक जंगली फूल सी
आदमी की पीर गूँगी ही सही गाती तो है

एक चादर साँझ ने सारे नगर पर डाल दी
ये अँधेरे की सड़क उस भोर तक जाती तो है

निर्वचन मैदान में तेटी हुई है जो नदी
पत्थरों से ओट में जो जा के बतियाती तो है

दुख नहीं कोई कि अब उपलब्धियों के नाम पर
और कुछ हो या न हो आकाश सी छाती तो है

दुष्यंत कुमार

#गजल #कविता

04/02/2026

जॉन रॉल्स का न्याय सिद्धांत (Theory of Justice)

जॉन रॉल्स ने 1971 में अपनी पुस्तक "A Theory of Justice" में एक वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। रॉल्स का न्याय सिद्धांत समानता, निष्पक्षता और व्यक्तिगत अधिकारों पर केंद्रित है.

1. समान स्वतंत्रता का सिद्धांत (Principle of Equal Liberty):

सभी को समान मौलिक स्वतंत्रताएं मिलनी चाहिए, जैसे बोलने की आजादी, वोट देने का अधिकार आदि।

2. अंतर का सिद्धांत (Difference Principle):

समाज में असमानताएं तभी स्वीकार्य हैं जब वे सबसे कमजोर वर्ग के लिए लाभकारी हों।

3. समान अवसर का सिद्धांत (Fair Equality of Opportunity):

प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर मिलना चाहिए, और किसी को उनके जन्म, जाति, धर्म, या लिंग के आधार पर वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

4. अज्ञान का आवरण (Veil of Ignorance):

रॉल्स का यह विचार कहता है कि यदि लोग यह नहीं जानते कि समाज में उनका स्थान क्या होगा (अमीर, गरीब, पुरुष, महिला, आदि), तो वे निष्पक्ष और समान कानून बनाएंगे।

यह दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी नीति में किसी के साथ भेदभाव न हो।

जॉन रॉल्स की नजर में बेंथम की आलोचना

1. अल्पसंख्यकों की अनदेखी:

रॉल्स ने कहा कि बेंथम का उपयोगितावाद बहुसंख्यक की खुशी को प्राथमिकता देता है, जबकि अल्पसंख्यकों के अधिकारों और समस्याओं को नजरअंदाज करता है।

उदाहरण: यदि बहुसंख्यक समुदाय के लिए एक नीति लाभदायक है लेकिन अल्पसंख्यक के लिए अन्यायपूर्ण है, तो बेंथम इसे सही मानेंगे, लेकिन रॉल्स इसे गलत मानते हैं।

2. न्याय और समानता:

बेंथम के सिद्धांत में "सुख" को अधिक महत्व दिया गया है, जबकि रॉल्स के अनुसार, समाज का मुख्य उद्देश्य "न्याय" होना चाहिए।

रॉल्स ने कहा कि खुशी और उपयोगिता के बजाय, समाज को समान अवसर और व्यक्तिगत अधिकारों पर ध्यान देना चाहिए।

3. अज्ञान का आवरण बनाम हेडोनिक कैलकुलस:

बेंथम का हेडोनिक कैलकुलस मानता है कि खुशी को मापा जा सकता है, लेकिन रॉल्स ने इसे अव्यावहारिक और अनुचित बताया।

अज्ञान का आवरण यह सुनिश्चित करता है कि हर व्यक्ति निष्पक्षता से निर्णय ले सके।

4. मानव अधिकारों का महत्व:

रॉल्स के सिद्धांत में प्रत्येक व्यक्ति के मौलिक अधिकार और स्वतंत्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जो बेंथम के उपयोगितावाद में नहीं है।

जेरेमी बेंथम का उपयोगितावाद बहुसंख्यक की खुशी पर आधारित है, जबकि जॉन रॉल्स का न्याय सिद्धांत अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

रॉल्स का सिद्धांत आधुनिक लोकतांत्रिक समाजों में न्याय, समानता और निष्पक्षता के लिए अधिक उपयोगी माना गया है।

02/02/2026

Q.79 पंचवर्षीय योजनाओं के उद्देश्य थे :

A. राष्ट्रीय और प्रति व्यक्ति आय का उच्च स्तर प्राप्त करना

B. पूर्ण रोजगार का लक्ष्य प्राप्त करना

C. साम्यवादी आदर्शों को लागू करना

D. धन-संपत्ति की असमानताओं को कम करना

E. मिश्रित अर्थव्यवस्था को समाप्त करना नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें,ugc net pyq2025

(1) केवल C, D, E

(2) केवल B, C, D

(3) केवल A, B, C

(4) केवल A, B, D

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