04/05/2021
*लखनऊ चाँद है, कोई टूटता तारा नहीं है,*
*लखनऊ खामोश है बस,लखनऊ हारा नहीं है...!!*
*बहुत शान्त हैं गलियां अमीनाबाद की,*
*चहल कदमी भी कम है चौक में,*
*हां ये सच है -*
*लखनऊ खामोश है, मगर लखनऊ हारा नहीं है....!!*
*सच है कि आज ऐश करता नहीं ऐशबाग,*
*आलम बाग का आलम भी बहुत गमगीन है,*
*लखनऊ ये कर रहा है अपनी हिफाजत के लिये,*
*लखनऊ आज चुप है कल ये फिर तराने गायेगा..!!*
*लखनऊ आज खामोश है,* *मगर*
*कल ये फिर मुस्कुरायेगा..*
🙏🏻🌹 *लखनऊ जिंदाबाद*🌹🙏🏻