17/08/2025
पौधे उपलब्ध है। #अमरूद #ग्वावा #पौधा #बागवानी #कृषि #प्रकृति #हरियाली #फल #घरेलूबागवानी #पेड़पौधे #अमरूदकापौधा #नेचरलव #हॉर्टीकल्चर #फलदारपौधे #ग्रीनरी
G VILAS PASAND BULAKIHAR
17/08/2025
पौधे उपलब्ध है। #अमरूद #ग्वावा #पौधा #बागवानी #कृषि #प्रकृति #हरियाली #फल #घरेलूबागवानी #पेड़पौधे #अमरूदकापौधा #नेचरलव #हॉर्टीकल्चर #फलदारपौधे #ग्रीनरी
16/08/2025
किन्नू (Kinnu) एक लोकप्रिय साइट्रस फल है, जो मुख्य रूप से भारत में उगाया जाता है, खासकर पंजाब, हिमाचल प्रदेश, और उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों में। यह संतरे और नींबू का एक संकर (हाइब्रिड) है, जिसे अंग्रेजी में "Kinnow" कहा जाता है। इसका स्वाद मीठा-खट्टा होता है, और यह रसदार, सुगंधित और पौष्टिक होता है। किन्नू में विटामिन C, फाइबर, और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। #किन्नू
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29/07/2025
रेड डायमंड अमरूद, जिसे जापानी रेड एक उन्नत और उच्च उपज वाली अमरूद की किस्म है। यह अपने गहरे लाल (रूबी रेड) गूदे, मीठे स्वाद और कम बीजों के लिए प्रसिद्ध है। यह किस्म विशेष रूप से ताजे फल, ज्यूस, जैम, जैली और फ्रूट प्रोसेसिंग उद्योग में लोकप्रिय है। यहाँ इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है:
विशेषताएँ:
स्वाद और रंग: इसका गूदा तरबूज जैसा लाल और स्वाद नाशपाती जैसा मीठा होता है, जिसमें हल्की खटास भी हो सकती है। फल का बाहरी रंग हल्का हरा और पकने पर हल्का पीला होता है।
कम बीज: यह लगभग बीज रहित होता है, जो इसे उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक बनाता है।
उत्पादन: यह किस्म साल में दो से तीन बार फल देती है, और रोपण के 6 महीने बाद फल देना शुरू कर सकती है।
शेल्फ लाइफ: इसकी बेहतर शेल्फ लाइफ इसे निर्यात के लिए उपयुक्त बनाती है।
पौधे का आकार: मध्यम आकार का पौधा (10-15 मीटर), जो तेजी से बढ़ता है और 5-15 साल तक फल दे सकता है।
28/07/2025
ताइवान पिंक अमरूद (Taiwan Pink Guava) एक उन्नत किस्म का अमरूद है, जो भारत में किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह अपनी मीठी और कुरकुरी बनावट, गुलाबी रंग के गूदे, और कम बीजों के लिए जाना जाता है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं और खेती से जुड़ी जानकारी निम्नलिखित है:
विशेषताएं:
स्वाद और बनावट:
इसका गूदा गुलाबी रंग का होता है, जो खाने में मीठा, कुरकुरा और स्वादिष्ट होता है।
बीज नरम और कम होते हैं, जिससे खाने में सुविधा होती है।
इसमें विटामिन A, विटामिन C, और अन्य पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
फलन का समय:
पौधा लगाने के 6-8 महीने बाद ही फल देना शुरू कर देता है, जो अन्य अमरूद की किस्मों (2-3 साल) की तुलना में बहुत तेज है।
साल में दो से तीन बार फल देता है, जिससे किसानों को नियमित आय मिलती है।
पौधे की विशेषताएं:
पौधा 6-7 फीट ऊंचाई तक बढ़ता है, जिससे फल तोड़ना आसान होता है।
एक फीट की ऊंचाई पर ही फल लगने शुरू हो जाते हैं।
एक पौधे से 30-50 किलो फल का उत्पादन हो सकता है।
वजन और बाजार मूल्य:
एक फल का वजन 200-600 ग्राम तक हो सकता है।
बाजार में इसकी कीमत 60-120 रुपये प्रति किलो तक हो सकती है, जो इसे लाभकारी बनाती है।
26/07/2025
अमरूद L49 की नर्सरी 2-3 फीट का पौधा तैयार और यह समय बगीचा लगाने का सबसे अच्छा है। L49 अमरूद (Psidium guajava L49) एक लोकप्रिय और उन्नत किस्म का अमरूद है, जिसे भारत में विशेष रूप से इसकी उच्च उत्पादकता, स्वादिष्ट फल और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जाना जाता है। यह किस्म भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित की गई है और इसे व्यावसायिक खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है।
L49 अमरूद के बारे में मुख्य जानकारी:
1-फल की विशेषताएँ:
आकार और रंग: फल मध्यम से बड़े, गोलाकार, चिकने छिलके वाले और हल्के हरे से पीले रंग के होते हैं।
स्वाद: मांसल हिस्सा सफेद, रसदार, और मीठा (उच्च चीनी सामग्री, लगभग 10-12% ब्रिक्स) होता है।
बीज: इसमें बीज कम और नरम होते हैं, जिससे यह खाने के लिए अधिक पसंद किया जाता है।
2-वजन:
एक फल का औसत वजन 150-200 ग्राम होता है।
3-उत्पादकता:
L49 अमरूद की प्रति पेड़ उपज 50-60 किलोग्राम तक हो सकती है, जो मिट्टी और देखभाल पर निर्भर करता है।
यह साल में दो बार फल दे सकता है, मुख्यतः मानसून (जुलाई-अगस्त) और शीतकाल (नवंबर-दिसंबर) में।
4-खेती और जलवायु:
जलवायु: यह उष्णकटिबंधीय और उप-उष्णकटिबंधीय जलवायु में अच्छी तरह विकसित होता है। यह 15-35 डिग्री सेल्सियस तापमान में अच्छा प्रदर्शन करता है।
मिट्टी: अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी इसके लिए उपयुक्त है। यह हल्के क्षारीय और अम्लीय मिट्टी (pH 5.5-7.5) में भी उगाया जा सकता है।
रोपण: पौधे 5x5 मीटर या 6x6 मीटर की दूरी पर रोपे जाते हैं।
5-रोग और कीट प्रतिरोध:
L49 अमरूद फल मक्खी और कुछ सामान्य रोगों जैसे विल्ट (उकठा रोग) के प्रति अपेक्षाकृत सहनशील है।
उचित देखभाल और समय-समय पर कीटनाशक छिड़काव से इसे स्वस्थ रखा जा सकता है।
6-वाणिज्यिक महत्व:
इसकी लंबी शेल्फ लाइफ और परिवहन में सहनशीलता के कारण यह बाजार में बहुत पसंद किया जाता है।
इसका उपयोग ताजा खाने, जूस, जैम, जेली और अन्य प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए किया जाता है।
यह किसानों के लिए लाभकारी है क्योंकि इसकी मांग स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रहती है।
7-देखभाल और प्रबंधन:
सिंचाई: नियमित सिंचाई, विशेष रूप से फलने के दौरान आवश्यक है। ड्रिप इरिगेशन इसके लिए आदर्श है।
छंटाई: उत्पादन बढ़ाने और पेड़ को आकार देने के लिए हल्की छंटाई जरूरी है।
उर्वरक: नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश युक्त उर्वरकों का संतुलित उपयोग करें।
8-लोकप्रियता:
L49 को भारत में "सरदार अमरूद" के नाम से भी जाना जाता है, विशेष रूप से गुजरात, महाराष्ट्र, और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में।
यह छोटे और बड़े पैमाने के बागवानों के लिए पसंदीदा विकल्प है।
9-सुझाव:
रोपण सामग्री: विश्वसनीय नर्सरी से L49 किस्म के स्वस्थ पौधे लें।
02/05/2025
अमरूद की तुड़ाई माई के महीने मे हो रही है । रे भी बहुत अच्छा है।
13/04/2025
नर्सरी मे उपयोग होने वाले कटर
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12/04/2025
अमरूद के नय पौधे लगभग तैयार हो गए है।
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