17/02/2026
धन की अंतिम गति...
जबलपुर की प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव (82) के निधन के बाद उनकी ₹60 करोड़ मूल्य की संपत्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। राइट टाउन स्थित करीब 25 हजार वर्ग फीट की इस बेशकीमती जमीन पर अधिकार के लिए फिलहाल कई दावेदार सामने आ रहे हैं।
विवाद का मुख्य कारण दो अलग-अलग 'गिफ्ट डीड' हैं। डॉ. सुमित जैन ने 11,000 वर्ग फीट और गायत्री परिवार ने 14,000 वर्ग फीट जमीन दान में मिलने का दावा किया है। हालांकि, मौत से पहले डॉ. हेमलता ने एक वीडियो के जरिए आरोप लगाया था कि उनसे बीमारी की हालत में धोखे से कागजात पर दस्तखत कराए गए थे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की थी।
जिला प्रशासन के अनुसार, यह संपत्ति 'लीजहोल्ड' श्रेणी में आती है, जिसे नियमों के मुताबिक सीधे तौर पर दान नहीं किया जा सकता। वर्तमान में प्रशासन ने पूरी संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया है और मामला एसडीएम (SDM) कोर्ट में विचाराधीन है। डॉ. हेमलता के पति और इकलौते बेटे की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी।
इसीलिए कहा गया है कि धन की केवल 3 ही गतियाँ हैं- दान, भोग और नाश। इसमें सर्वश्रेष्ठ गति दान है, उसके बाद भोग और अंतिम गति नाश...
काश! इन माता जी ने अपने जीवित रहते अपनी इस संपत्ति को किसी धर्महित में कार्य करने वाली संस्था अथवा समूह को दान कर दिया होता तो उसका इस तरह नाश न होता और परलोक में उनको भी सद्गति प्राप्त होती...
धर्मो रक्षति रक्षितः 🚩
-टीम तक्षशिला 🚩