26/06/2026
📌 पांच दिवसीय "प्रांतीय घोष प्रशिक्षण वर्ग" का भव्य समापन: अंतिम दिन वंदना और समापन सत्र के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम! 🎺🥁✨
लहरपुर, सीतापुर। स्थानीय जुगुल किशोर गोविन्द प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लहरपुर के प्रांगण में विद्या भारती अवध प्रांत द्वारा आयोजित पांच दिवसीय "प्रांतीय घोष प्रशिक्षण वर्ग" का आज पांचवें और अंतिम दिवस पर 'वंदना तथा समापन सत्र' के साथ अत्यंत गरिमामय और भव्य समापन हो गया।
इस प्रशिक्षण वर्ग में अवध प्रांत के विभिन्न विद्यालयों से आए भैया-बहनों (छात्र-छात्राओं) ने अपनी कला, अनुशासन और लयबद्ध संगीत का अद्भुत परिचय दिया।
🗓️ पाँच दिवसीय संक्षिप्त विवरण (5 Days Briefing):
प्रथम दिवस (उद्घाटन एवं स्वर साधना): वर्ग का शुभारंभ माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्रथम दिन प्रांत से आए घोष प्रशिक्षकों द्वारा भैया-बहनों को घोष के विभिन्न वाद्यों (वेणु, आनक, शंख आदि) के बुनियादी नियमों और अनुशासन से परिचित कराया गया।
द्वितीय दिवस (वादन अभ्यास व संचलन): प्रशिक्षण के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं ने विभिन्न वादन रचनाओं और कदमताल के साथ संचलन (मार्च पास्ट) का कड़ा अभ्यास किया, जिससे उनमें एकाग्रता और सामूहिकता की भावना जागृत हुई।
तृतीय दिवस (प्रांतीय रचनाओं का अभ्यास): अवध प्रांत के कुशल प्रशिक्षकों की देखरेख में भैया-बहनों ने घोष की कठिन और सुरीली प्रांतीय रचनाओं को बजाने का सामूहिक अभ्यास किया।
चतुर्थ दिवस (पूर्ण संचलन प्रदर्शन): चतुर्थ दिन विद्यालय परिसर में घोष टोली द्वारा पूर्ण वेशभूषा में आकर्षक संचलन और प्रदर्शन किया गया, जिसने सभी का मन मोह लिया।
पंचम एवं अंतिम दिवस (वंदना एवं समापन सत्र): अंतिम दिन की शुरुआत पवित्र वंदना सत्र से हुई, जिसके बाद मुख्य समापन समारोह और विदाई/अतिथि परिचय सत्र का आयोजन किया गया।
🤝 समापन सत्र के मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ पदाधिकारीगण (Guest & Officials Introduction):
अंतिम दिन आयोजित समापन सत्र में उपस्थित विद्वत जनों ने भैया-बहनों का मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन किया:
🗣️ मुख्य उद्बोधन: श्रीमान सुरेश सिंह जी (प्रान्तीय शैक्षिक प्रमुख) ने अपने मुख्य उद्बोधन में घोष की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि घोष वादन केवल संगीत नहीं, बल्कि चित्त की एकाग्रता, अनुशासन और सामूहिक राष्ट्रभक्ति का प्रकटीकरण है।
🎓 विशिष्ट अतिथि: श्रीमान ओमकार सिंह जी (खण्ड शिक्षा अधिकारी, सकरन) ने सुदूर विद्यालयों से आए भैया-बहनों के कौशल की सराहना की और इसे शिक्षा का एक अत्यंत अनिवार्य अंग बताया।
🌟 विशेष गरिमामयी उपस्थिति: श्रीमान गोपाल राम मिश्र जी (संभाग निरीक्षक, साकेत संभाग) ने प्रशिक्षण वर्ग के अनुशासन और व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए भैया-बहनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
💼 अन्य सम्मानित अधिकारीगण: कार्यक्रम में श्रीमान मुनेंद्र दत्त शुक्ल जी (पूर्णकालिक) और विद्यालय के श्रीमान राजेश्वर रस्तोगी जी (सह प्रबंधक, जुगुल किशोर गोविन्द प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लहरपुर) की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने संभागियों का उत्साहवर्धन किया।
🏫 आयोजक एवं प्रबन्धन टोली (Organizing Team):
इस पांच दिवसीय भव्य आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय प्रबंधन और आयोजक टोली की मुख्य भूमिका रही:
श्रीमान निरंकार मेहरोत्रा जी (प्रबंधक, सरस्वती शिशु मंदिर एवं शिशु वाटिका, लहरपुर)
श्रीमान आशीष मेहरोत्रा जी (प्रबंधक, जुगुल किशोर गोविन्द प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लहरपुर)
श्रीमान अनुराग मिश्र जी (प्रधानाचार्य, जुगुल किशोर गोविन्द प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लहरपुर - मुख्य आयोजक)
प्रबन्धन एवं आयोजक टोली ने सभी आगंतुक अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागी भैया-बहनों को स्मृति चिह्न वितरित किए।
🎯 मुख्य निष्कर्ष:
इस प्रांतीय घोष प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से अवध प्रांत के भैया-बहनों ने न केवल घोष वादन की बारीकियां सीखीं, बल्कि राष्ट्रीयता, नेतृत्व क्षमता और कड़े अनुशासन का भी पाठ पढ़ा। अब ये भैया-बहन अपने-अपने विद्यालयों में जाकर अन्य छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित करेंगे।