Buddha P G College, Kushinagar

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Photos from Buddha P G College, Kushinagar's post 09/04/2025

Glimpse from today's enlightening Session 'How can one make their dreams a reality' organised by Department of Commerce.
Keynote speaker : Vashihtha Chaudhary Ji (Director general of GST Intelligence, ADG, DGGI)

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बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर के बीएड विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय स्काउट और गाइड प्रशिक्षण शिविर में दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष शिक्षा संकाय गोरखपुर विश्वविद्यालय,प्रो राजेश कुमार सिंह का मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्रशिक्षुओं को प्राप्त हुआ।इस अवसर पर प्राचार्य प्रो विनोद मोहन मिश्र, विभागाध्यक्ष प्रो विभ्राट चंद कौशिक, डॉ निगम मौर्य, डॉ दुर्ग विजय पाल सिंह एवं डॉ विवेक कुमार श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

Photos from Buddha P G College, Kushinagar's post 09/04/2025

हिंदी विभाग, बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर द्वारा 'भक्ति काव्य की प्रासंगिकता' विषय पर दिनांक 04/04/2025 को आयोजित हुई संगोष्ठी की मीडिया कवरेज।

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भक्ति कविता मनुष्य की आकांक्षा की कविता है। यह आकांक्षा विभिन्न सामाजिक बंधनों और कुरीतियों से मुक्ति की है। पूरे देश में भक्ति आंदोलन लगभग एक साथ उत्पन्न हुआ। मतलब यह कि पूरा देश मुक्ति की तलाश कर रहा था। कविता वही सार्थक होती है जो सबके लिए हो। उक्त बातें दिल्ली विश्वविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य और अंतरराष्ट्रीय संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर अनिल राय ने बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर के हिंदी विभाग द्वारा 4 अप्रैल 2025 को आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में उद्बोधन देते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सिद्धों और नाथों ने सामाजिक कुरीतियों का खूब विरोध किया। यह विरोध छनकर और मुखरित होकर भक्ति साहित्य में आया है। बौद्ध और जैन साहित्य ने हिंदू धर्म की कुरीतियों के कारण इसपर जो कुठाराघात किया था शंकराचार्य ने उन कमियों को समझते हुए अपने प्रस्थान त्रई के माध्यम से इससे मुक्त करने का प्रयास करते हुए इसका पुनरुत्थान किया। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए प्रो राय ने कहा कि संतो का साहित्य ज्ञान की कविता है। यह कविता प्रेम से भी लबालब भरी हुई है। यह सामाजिक समरसता के भाव की भी कविता है। तुलसीदास कहते हैं कि मनुष्य को ऐसा होना चाहिए कि उसके जाने के बाद लोग उसके लिए रोएं न कि उसकी उपस्थिति रोने का कारण बने।
अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो विनोद मोहन मिश्र ने कहा कि भक्ति काव्य ने पूरे समाज को बहुत ज्यादा प्रभावित किया है। लोग बात बात पर भक्त कवियों की कविताओं का उद्धरण देते रहते हैं।
स्वागत भाषण देते हुए प्रो गौरव तिवारी ने कहा कि हिंदी विभाग देश के विभिन्न क्षेत्रों से साहित्य के विद्वानों के ज्ञान से अपने विद्यार्थियों को समृद्ध करने के लिए इस तरह की गोष्ठियों के आयोजन में वर्ष पर्यंत लगा रहता है। उसी श्रृंखला में यह संगोष्ठी हो रही है।
आभार ज्ञापित करते हुए प्रो राजेश कुमार सिंह ने कहा कि तुलसी से बड़ा ज्ञानी और भक्त कोई नहीं हुआ। वह पूरे समाज को एक साथ लेकर चलने की बात करते हैं। सभी भक्त कवि अपने विचारों के कारण प्रासंगिक हैं।
संगोष्ठी का संचालन करते हुए कार्यक्रम संयोजक डॉ आशुतोष तिवारी ने गुरु की महत्ता बताई और उसे भक्तिकाल और आज के संदर्भ से जोड़ा। संगोष्ठी में पूर्व प्राचार्य प्रो अमृतांशु शुक्ल, प्रो रामभूषण मिश्र, डॉ राघवेंद्र मिश्र, प्रो इंद्रासन प्रसाद, प्रो बीरेंद्र कुमार, प्रो महबूब आलम, प्रो कौस्तुभ नारायण मिश्र, प्रो इंद्रजीत मिश्र, प्रो ज्ञान प्रकाश मंगलम, डॉ अंबिका प्रसाद तिवारी, प्रो सत्येंद्र गौतम, डॉ निगम मौर्य, डॉ कृष्ण कुमार जायसवाल, डॉ दीपक, डॉ रामनवल प्रसाद, डॉ त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, डॉ अभिषेक शुक्ल, डॉ बीरज पाण्डेय, डॉ अनुज कुमार, डॉ पारस नाथ, डॉ शंभू दयाल कुशवाहा, डॉ सुबोध गौतम, डॉ पंकज दुबे, डॉ यज्ञेश नाथ त्रिपाठी, डॉ वीरेंद्र साहू, डॉ रितेश सिंह, डॉ संदीप पाण्डेय, डॉ मनीष जायसवाल, डॉ पुष्पेंद्र, डॉ हिमांशु मिश्र, डॉ शशिकांत पांडेय, डॉ चंद्र प्रकाश सिंह, डॉ अवनीश तिवारी सहित महाविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Photos from Buddha P G College, Kushinagar's post 02/10/2024

महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित सप्तदिवसीय कार्यशाला 30 सितंबर, 2024 (सोमवार) की शाम को प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरण के साथ हुआ सफल समापन

Photos from Buddha P G College, Kushinagar's post 21/09/2024

भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी

सफल वयोवृद्धता : मुद्दे एवम् चुनौतियां
(Successful Ageing: Issues and Challenges)

आगामी 1 एवम् 2 अक्टूबर, 2024 को बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर के मनोविज्ञान विभाग द्वारा "सफल वयोवृद्धता : मुद्दे एवम् चुनौतियां" विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से मनोविज्ञान विषय के आचार्य एवम् अध्येता प्रस्तावित द्वि दिवसीय संगोष्ठी में वयोवृद्धता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शोधपरक विमर्श स्थापित करेंगे। भारतीय सामुदायिक मनोविज्ञान परिसंघ ( Community Psychology Association of India) के द्विवार्षिक अधिवेशन का आयोजन इस बार बुद्ध की धरती कुशीनगर पर पहली बार किया जा रहा है। इससे पूर्व यह आयोजन अक्टूबर 2022 में ओ पी जिंदल यूनिवर्सिटी, सोनीपत, हरियाणा में किया गया था। उल्लेखनीय है कि CPAI प्रस्तावित राष्ट्रीय संगोष्ठी की सह आयोजक भी हैं।
संगोष्ठी में प्रो एन के सक्सेना, कानपुर, प्रो एस पी साहनी, सोनीपत( हरियाणा), प्रो सचिन जैन, यूनिवर्सिटी ऑफ प्रोविडेंस, यूएसए, प्रो नवदीप सिंह तुंग, अमृतसर, प्रो यू के सिन्हा, मानव व्यवहार एवम संबद्ध विज्ञान संस्थान, (IHBAS)नई दिल्ली, प्रो मधुरिमा प्रधान, लखनऊ, प्रो आनंद कुमार, वाराणसी, प्रो ए बी मदनावत, जयपुर, प्रो आराधना शुक्ल, अल्मोड़ा( उत्तराखंड), प्रो नरोत्तम शर्मा, ग्वालियर(मध्य प्रदेश), डॉ कुमुद श्रीवस्तान, लखनऊ, प्रो मानुषी श्रीवास्तव, आई एम एस, वाराणसी, प्रो आभा सिंह, कानपुर, प्रो मधु अस्थाना, वाराणसी, प्रो जितेंद्र मोहन, पंजाब विश्वविद्यालय (चंडीगढ़), प्रो अमरनाथ राय, गाजीपुर, प्रो अजय प्रताप सिंह एवं प्रो अविनाश पथार्दिकर, जौनपुर सहित अन्य तमाम वरिष्ठ सामुदायिक और समाज मनोवैज्ञानिक मिल कर वयोवृद्धता के विविध सामाजिक, सांस्कृतिक, जैविक, चिकित्सकीय, सामुदायिक और साहित्यिक परिप्रेक्ष्यों में विमर्श को नया आयाम देंगे।
1 एवम 2 अक्टूबर, 2024 को होने वाली राष्ट्रीय संगोष्ठी से पूर्व मनोविज्ञान विभाग द्वारा " शोध पद्धति एवम बहुचरीय विश्लेषण" की नवीनतम सॉफ्टवेयर तकनीकों पर आधारित एक सप्त दिवसीय (24-30 सितंबर ) कार्यशाला का आयोजन भी समाज विज्ञानी शोधार्थियों के लिए किया जा रहा है ।इसमें दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों के आचार्य ऑनलाइन/ ऑफलाइन माध्यम से विशिष्ट व्याख्यानों द्वारा शोधार्थियों के लिए उपयोगी अनुसंधान तकनीकों को व्याख्यायित करेंगे, एवं साथ ही उनकी शोध संबंधी समस्याओं के लिए अंतर्क्रियात्मक सत्रों का आयोजन भी किया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रति वर्ष 1 अक्टूबर को वयोवृद्ध जनों के लिए "International day of older persons" के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष इसे हमारे समुदायों में वरिष्ठ जनों की समेकित भूमिका को प्रकाशित करने के रूप में मनाया जाना है। संयुक्त राष्ट्र संघ की इस सोच के साथ भारतीय वसुधैव कुटुंबकम् की भावना के आलोक में मनोविज्ञान विभाग द्वारा अपने अवकाश प्राप्त आचार्यों का स्मरण एवम सम्मान द्वि दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र का एक विशिष्ट आकर्षण होगा।
यह संगोष्ठी भारत सरकार के भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् (ICSSR), नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित है।

Photos from Buddha P G College, Kushinagar's post 22/04/2024

हिंदी विभाग,बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर, बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं द्वारा 'पल्लव' शीर्षक से वार्षिक भित्ति पत्रिका (वॉल मैगज़ीन) के प्रथम अंक का प्रकाशन किया गया, जिसका लोकार्पण आज हिंदी विभाग में संपन्न हुआ।
पत्रिका का प्रकाशन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ.दीपक एवं डॉ. आशुतोष तिवारी के मार्गदर्शन में द्वितीय सेमेस्टर की अनुराधा कुमारी, पुष्पा कुशवाहा,मानसी सिंह, गार्गी मिश्रा, अंजली यादव एवं रजनी के संपादक समूह द्वारा किया गया। पत्रिका में 13 कविताएँ, 3 लघुकथा एवं 3 निबंध संकलित हैं। इन रचनाओं मे से सर्वश्रेष्ठ तीन रचनाओं को हिंदी विभाग की तरफ से पुरस्कृत किया जाएगा।
पत्रिका के लोकार्पण के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि '' 'पल्लव' दीवार पत्रिका का प्रकाशन विभाग की सृजनात्मकता को दर्शाता है।पत्रिका महाविद्यालय की गतिविधियों में एक महत्त्वपूर्ण आयाम बनकर उभरे और विद्यार्थियों की रचनाशीलता को बढ़ावा दे इस हेतु मैं अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ।" हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार सिंह ने कहा कि सीमित संसाधन में विद्यार्थियों की रचनात्मकता को प्रस्तुत करने के लिए दीवार पत्रिकाएं बहुत सुंदर माध्यम हैं।सह- आचार्य डॉ. गौरव तिवारी ने पत्रिका के प्रकाशन को एक सुंदर रचनात्मक पहल बताया।
इस अवसर पर प्रो. के. पी. सिंह,प्रो.महबूब आलम, श्री कृष्ण कुमार जायसवाल,डॉ.सुबोध प्रकाश गौतम एवं बड़ी संख्या में महाविद्यालय के शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।

Photos from Buddha P G College, Kushinagar's post 16/04/2024

, एक युग का अवसान हुआ। प्रबंध समिति के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे सरदार दलीप सिंह मजीठिया जी का आज अंतिम दैहिक संस्कार रुद्रपुर, उत्तरांचल में संपन्न हुआ। आपका स्नेह व आशीर्वाद संस्था को हमेशा पुष्पित और पल्लवित करता रहेगा। नमन शतायु मनीषी 💐🙏

Photos from Buddha P G College, Kushinagar's post 19/03/2024

हिंदी विभाग,बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा महाविद्यालय के 'भंते सभागार' में प्रसिद्ध समकालीन कथाकार प्रो. के. एन. तिवारी के चर्चित उपन्यास ' उत्तर कबीर नंगा फ़कीर' पर एक परिचर्चा आयोजित हुई। परिचर्चा में गोरखपुर विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के आचार्य एवं आलोचक प्रो. अनिल राय ने कहा कि साहित्य एक सांस्कृतिक उत्पादन है। समाज को रचनाकार के प्रति एक ऋण का भाव होना चाहिए। इस तरह की परिचर्चा को हमें इसी रूप में देखना चाहिए। यह उपन्यास स्वातंत्र्योत्तर भारत के राजनीतिक ढांचे एवं भारतीय समाज के बड़े मुद्दों से सीधे तौर पर टकराता है। एक बड़ा रचनाकार दो समयांतराल एवं दो महापुरुषों के बीच किस तरह एक संवाद स्थापित कर देता है, यह उपन्यास इसका उदाहरण है। तिवारी जी, ने जो हमारे सामाजिक सांस्कृतिक नायक हैं, उन्हें अपने इस उपन्यास में नायक बनाया है। यह उपन्यास एक जन अदालत है जिसमें कबीर द्वारा प्रश्न पूछे जाते हैं एवं गाँधी जी द्वारा उत्तर दिये गए हैं ।
डॉ. गौरव तिवारी ने अपने वक्तव्य में 'उत्तर कबीर नंगा फ़कीर' उपन्यास को लेखक की रचनात्मक उपलब्धि बताया तथा इसे स्वाधीन भारत की सर्जनात्मक आलोचना के रूप में देखने की वकालत की।
लेखकीय वक्तव्य में प्रो. के. एन. तिवारी जी ने अपने उपन्यास की रचना प्रक्रिया से सम्बन्धित कई महत्त्वपूर्ण बातें साझा की तथा अपने आगामी महाकाव्य ' स्त्रीगाथा' के बारे में भी चर्चा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने की तथा संचालन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. आशुतोष तिवारी ने किया। एवं उपस्थिति सभी अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापन हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार सिंह ने किया।

परिचर्चा में गोरखपुर विवि के सहायक आचार्य डॉ. अभिषेक शुक्ल, उर्दू विभाग दिल्ली विवि के शोधार्थी जबीउल्ला, हंसराज कॉलेज के छात्र श्री वैभव यादव, महाविद्यालय के प्रो. कौस्तुभ नारायण मिश्र, प्रो. अमृतांशु शुक्ल, प्रो. रामभूषण मिश्र, प्रो. सीमा त्रिपाठी, डॉ. इंद्रजीत मिश्र, प्रो. रेखा तिवारी, डॉ. इंद्रजीत मिश्र, डॉ. अंबिका प्रसाद तिवारी,डॉ. रामनवल, डॉ. दीपक, श्री वीरेंद्र साहू, श्री कृष्ण कुमार जयसवाल, श्री राकेश सोनकर एवं श्री अवनीश तिवारी तथा बड़ी संख्या में महाविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

भगवान ने दिया पांच सेफगार्ड हमारे जीवन रक्षा के लिए जिसे हम खुद कमजोर कर रहे हैं- स्वामी दिव्य स 16/03/2024

राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर में स्वामी दिव्य सागर, 12 मार्च 2024, बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर https://youtu.be/f02u_h8Y-fM?si=IJoQLz7trgqbVGWY
💐भारतीय दर्शन के प्रतिनिधि ग्रंथ *गीता* पर पूरा व्याख्यान सुनें 🙏

भगवान ने दिया पांच सेफगार्ड हमारे जीवन रक्षा के लिए जिसे हम खुद कमजोर कर रहे हैं- स्वामी दिव्य स

Photos from Buddha P G College, Kushinagar's post 14/03/2024

*बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर में वार्षिक खेल महोत्सव का आगाज*
"खेलोगे - कूदोगे,तो होगे खराब।" ऐसी कहावतें अब पुरानी और अप्रासंगिक हो गई हैं। अब खेल मात्र मनोरंजन,स्वास्थ्य लाभ और स्वानुशासन का साधन नही रहे,बल्कि आय और आजीविका के विविध अवसर और नए आयाम उपलब्ध करा रहे हैं। *खेलो इंडिया कार्यक्रम और TOPS योजना* ने भारत के ग्रामीण अंचलों में भी खेल क्रांति ला दी है। खेलों के इन्ही बहुआयामी महत्व के दृष्टिगत आज बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर के क्रीड़ांगन में *सचिव- प्रबंध समिति श्री विरेंद्र सिंह अहलूवालिया की अध्यक्षता, प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र के नेतृत्व तथा प्रो. वीरेंद्र कुमार (अध्यक्ष - क्रीड़ा समिति) और राकेश सोनकर (सचिव- क्रीड़ा समिति)* के निर्देशन में खेल महोत्सव का समारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में *मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी श्री राकेश जायसवाल* (प्रतिनिधि - नगर पालिका परिषद,कुशीनगर) और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महाविद्यालय की एनएसएस इकाई ने स्वयंसेविका सुजाता मिश्रा के नेतृत्व में मार्च पास्ट करके अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि राकेश जायसवाल ने प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खेल और खिलाड़ियों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए स्थानीय खिलाड़ी छात्रों को इन योजनाओं का लाभ उठाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में सचिव विरेंद्र सिंह अहलूवालिया ने कहा कि महाविद्यालय प्रबंध समिति खेलों के विकास हेतु सतत यत्नशील है। इसीलिए विश्वविद्यालय स्तर और अन्य प्रतिस्पर्धाओं में महाविद्यालय के छात्रों का प्रदर्शन निरंतर सुधर रहा है।
*प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र* ने बताया कि महाविद्यालय अपने विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार, स्वावलंबन देने के साथ विद्यार्थियों में सहयोग,सद्भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के विकास के लिए यत्नशील है। खेलों का आयोजन इन्ही उद्देश्यों की पूर्ति करेगा।उन्होंने प्रतिभागी खिलाड़ियों को उत्तम प्रदर्शन पर पुरस्कृत करने और आगे के प्रशिक्षण के लिए महाविद्यालय से सहयोग मिलने का आश्वासन दिया।
खेल महोत्सव के प्रथम दिवस में बालक वर्ग और बालिका वर्ग की दौड़, गोला क्षेपण, लंबी कूद, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शतरंज, कैरम, कबड्डी आदि की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
बालक वर्ग के एकल बैडमिंटन में आकाश कुमार गुप्ता, बालिका वर्ग में आशिया खातून, डबल्स बैडमिंटन में आकाश कुमार गुप्ता और अभिषेक मल्ल (बालक वर्ग) एवम आशिया खातून और अर्चिता सिंह (बालिका वर्ग) विजेता रहे।
बालक वर्ग की दौड़ में 1500 और 800 मीटर में मनीष कुमार गौड़ विजेता रहे और अनमोल चौहान द्वितीय स्थान पर रहे। 400 और 200 मीटर में सचिन कुमार विजेता रहे।
बालिकाओं की दौड़ में 1500 मीटर में संजीदा खातून प्रथम, प्रीति सिंह द्वितीय एवं अंजलि गोंड तृतीय स्थान, 800 मीटर में अमीषा सिंह, 400 और 200 मीटर में रागिनी यादव विजेता रहीं।
गोला क्षेपण में प्राध्यापिका वर्ग में प्रथम स्थान पर डॉ रीना मालवीय, द्वितीय स्थान पर संयुक्त रूप से डॉ श्वेता यादव और डॉ पूजा एवं तृतीय स्थान पर डॉ सिद्धी केसरवानी रहीं। गोला क्षेपण बालक वर्ग में दीपू कुमार प्रथम, आकाश गुप्ता द्वितीय एवं धन्नू बर्नवाल तृतीय स्थान प्राप्त किए।बालिका वर्ग गोला क्षेपण में बिंदू गुप्ता प्रथम, अमीषा सिंह द्वितीय एवं दिव्या गुप्ता तृतीय स्थान प्राप्त किए।
बैडमिटन के मिक्सड डबल्स में प्रतिभा सिंह और आकाश गुप्ता विजेता रहे।
टेबल टेनिस में नितेश सिंह, शतरंज (बालक वर्ग) में रजत गुप्ता), शतरंज (बालिका वर्ग) में आस्था अग्रवाल, कैरम (बालक वर्ग) में दीपू,कैरम (बालिका वर्ग) में हर्षिता विजेता रहे।
कबड्डी में बालक वर्ग में आर्यन यादव के नेतृत्व वाली टीम तथा बालिका वर्ग में अमीषा सिंह के नेतृत्व वाली टीम विजेता रही।
बालक वर्ग में त्रिकूद में सदानंद मद्धेशिया, लंबी कूद में मनीष गौड़,गोला क्षेपण में दीपू कुमार और 100 मीटर दौड़ में सचिन कुमार प्रथम रहे।
बालिका वर्ग में त्रिकूद,लंबी कूद,गोला क्षेपण और चक्का क्षेपण में बिंदू गुप्ता प्रथम रहीं।
100 मीटर दौड़ में रागिनी यादव प्रथम,श्वेता वर्मा द्वितीय और अमृता कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
*क्रीड़ा समिति के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र कुमार* ने बताया कि कल भी दौड़, क्षेपण और अन्य विभिन्न खेलों की प्रतिस्पर्धाएं जारी रहेंगी।
*प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र* ने आज के विजेता छात्रों और छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने बताया कि कल के समापन *समारोह के मुख्य अतिथि श्री मोहन वर्मा, विधायक - हाटा और अध्यक्ष अग्ग महापंडित भदंत ज्ञानेश्वर* होंगे, जिनकी उपस्थिति में विजयी प्रतिभागियों और पिछले वर्ष की परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया जाएगा।

13/03/2024

बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर में द्विदिवसीय वार्षिक खेल महोत्सव का आयोजन ~

स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क के विकास हेतु सम्यक शिक्षा के साथ खेलकूद और पाठ्य सहगामी क्रियाएं नितांत आवश्यक हैं। पहले खेलों का उद्देश्य मनोरंजन मात्र था पर आज खेल तन,मन,धन और जीवन के विकास का माध्यम बन चुके हैं। लगभग 30% युवा आबादी वाले भारत में खेलों के महत्व के स्वीकारते हुए सरकार भी खेलों के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। फिट इंडिया मूवमेंट (2019), खेलो इंडिया (2020) लक्ष्य ओलंपिक पोडियम (2020), मिशन ओलंपिक 2024 जैसी योजनाएं युवाओं के कैरियर और व्यक्तित्व को संवार रही हैं। खेलों के महत्व और भविष्य के ध्यातव्य बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर में प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र के नेतृत्व में तथा उपाध्यक्ष भदंत ज्ञानेश्वर जी और सचिव विरेंद्र सिंह अहलूवालिया के संरक्षण में 14 एवम 15 मार्च 2024 को द्विदिवसीय वार्षिक खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

इस महोत्सव में दौड़,ऊंची कूद,लंबी कूद,गोला क्षेपण, भाला क्षेपण,बैडमिंटन,शतरंज,कबड्डी,कैरम,टेबल टेनिस आदि खेलों से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी। यह जानकारी प्राचार्य प्रो. विनोद मोहन मिश्र ने दी। उन्होंने विद्यार्थियों को इन प्रतियोगिताओं में बढ़ चढ़ कर भाग लेने हेतु प्रेरित किया। साथ ही नियमबद्ध,अनुशासनबद्ध और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए रणनीति तैयार की। खेल प्रभारी श्री राकेश सोनकर ने बताया कि महाविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों के सहयोग से कल से आयोजित होने वाले इस स्पोर्ट्स मीट के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। कल से लगभग 200 प्रतिभागी खेलों के इस प्रतिस्पर्धा में प्रतिभाग करेंगे।

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