21/09/2024
भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी
सफल वयोवृद्धता : मुद्दे एवम् चुनौतियां
(Successful Ageing: Issues and Challenges)
आगामी 1 एवम् 2 अक्टूबर, 2024 को बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर के मनोविज्ञान विभाग द्वारा "सफल वयोवृद्धता : मुद्दे एवम् चुनौतियां" विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से मनोविज्ञान विषय के आचार्य एवम् अध्येता प्रस्तावित द्वि दिवसीय संगोष्ठी में वयोवृद्धता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शोधपरक विमर्श स्थापित करेंगे। भारतीय सामुदायिक मनोविज्ञान परिसंघ ( Community Psychology Association of India) के द्विवार्षिक अधिवेशन का आयोजन इस बार बुद्ध की धरती कुशीनगर पर पहली बार किया जा रहा है। इससे पूर्व यह आयोजन अक्टूबर 2022 में ओ पी जिंदल यूनिवर्सिटी, सोनीपत, हरियाणा में किया गया था। उल्लेखनीय है कि CPAI प्रस्तावित राष्ट्रीय संगोष्ठी की सह आयोजक भी हैं।
संगोष्ठी में प्रो एन के सक्सेना, कानपुर, प्रो एस पी साहनी, सोनीपत( हरियाणा), प्रो सचिन जैन, यूनिवर्सिटी ऑफ प्रोविडेंस, यूएसए, प्रो नवदीप सिंह तुंग, अमृतसर, प्रो यू के सिन्हा, मानव व्यवहार एवम संबद्ध विज्ञान संस्थान, (IHBAS)नई दिल्ली, प्रो मधुरिमा प्रधान, लखनऊ, प्रो आनंद कुमार, वाराणसी, प्रो ए बी मदनावत, जयपुर, प्रो आराधना शुक्ल, अल्मोड़ा( उत्तराखंड), प्रो नरोत्तम शर्मा, ग्वालियर(मध्य प्रदेश), डॉ कुमुद श्रीवस्तान, लखनऊ, प्रो मानुषी श्रीवास्तव, आई एम एस, वाराणसी, प्रो आभा सिंह, कानपुर, प्रो मधु अस्थाना, वाराणसी, प्रो जितेंद्र मोहन, पंजाब विश्वविद्यालय (चंडीगढ़), प्रो अमरनाथ राय, गाजीपुर, प्रो अजय प्रताप सिंह एवं प्रो अविनाश पथार्दिकर, जौनपुर सहित अन्य तमाम वरिष्ठ सामुदायिक और समाज मनोवैज्ञानिक मिल कर वयोवृद्धता के विविध सामाजिक, सांस्कृतिक, जैविक, चिकित्सकीय, सामुदायिक और साहित्यिक परिप्रेक्ष्यों में विमर्श को नया आयाम देंगे।
1 एवम 2 अक्टूबर, 2024 को होने वाली राष्ट्रीय संगोष्ठी से पूर्व मनोविज्ञान विभाग द्वारा " शोध पद्धति एवम बहुचरीय विश्लेषण" की नवीनतम सॉफ्टवेयर तकनीकों पर आधारित एक सप्त दिवसीय (24-30 सितंबर ) कार्यशाला का आयोजन भी समाज विज्ञानी शोधार्थियों के लिए किया जा रहा है ।इसमें दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों के आचार्य ऑनलाइन/ ऑफलाइन माध्यम से विशिष्ट व्याख्यानों द्वारा शोधार्थियों के लिए उपयोगी अनुसंधान तकनीकों को व्याख्यायित करेंगे, एवं साथ ही उनकी शोध संबंधी समस्याओं के लिए अंतर्क्रियात्मक सत्रों का आयोजन भी किया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रति वर्ष 1 अक्टूबर को वयोवृद्ध जनों के लिए "International day of older persons" के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष इसे हमारे समुदायों में वरिष्ठ जनों की समेकित भूमिका को प्रकाशित करने के रूप में मनाया जाना है। संयुक्त राष्ट्र संघ की इस सोच के साथ भारतीय वसुधैव कुटुंबकम् की भावना के आलोक में मनोविज्ञान विभाग द्वारा अपने अवकाश प्राप्त आचार्यों का स्मरण एवम सम्मान द्वि दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र का एक विशिष्ट आकर्षण होगा।
यह संगोष्ठी भारत सरकार के भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् (ICSSR), नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित है।