Kurukshetra University Kurukshetra

Kurukshetra University Kurukshetra The Kurukshetra University was established in 1956 as a unitary residential University and its foundation stone was laid by late Dr. Rajendra Prasad

The Kurukshetra University (A++ NAAC grade) was established in 1956 as a unitary residential University and its foundation stone was laid by late Dr. Rajendra Prasad Ji.

युवाओं की ऊर्जा और नए विचारों को उद्यमिता की दिशा देंः प्रो. सुनील ढींगरामहिलाओं की दृढ़ता और आत्मविश्वास उद्यमिता की बड़ी...
10/08/2026

युवाओं की ऊर्जा और नए विचारों को उद्यमिता की दिशा देंः प्रो. सुनील ढींगरा
महिलाओं की दृढ़ता और आत्मविश्वास उद्यमिता की बड़ी ताकतः प्रो. बिंदु शर्मा
कुवि में सशक्त नारी स्टार्टअप वर्कशॉप का शुभारंभ

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में 10 से 14 अगस्त तक ‘केयूके सशक्त नारी स्टार्टअप वर्कशाप के तहत पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कुटिक, इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया टेक्नोलॉजी तथा कम्युनिटी इन्क्यूबेशन सेंटर, यूआईईटी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस वर्कशॉप में 52 महिला प्रतिभागियों को उद्यमिता एवं स्टार्टअप विकास का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि अनेक स्टार्टअप अच्छे विचारों के साथ शुरू होते हैं, लेकिन पर्याप्त मार्गदर्शन, बाजार की समझ और व्यावहारिक ज्ञान के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाते। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन से संबंधित सुविधाओं और मार्गदर्शन की व्यवस्था विकसित की गई है। उन्होंने बताया कि यूआईईटी में मुख्य रूप से तकनीकी स्टार्टअप को सहयोग दिया जाता है, जबकि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में गैर-तकनीकी स्टार्टअप को भी आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।

आईएमसीएमटी की निदेशक प्रो. बिंदु शर्मा ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि महिलाओं की दृढ़ता और आत्मविश्वास उद्यमिता की बड़ी ताकत है। ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को अपने विचारों को उद्यमिता में बदलने के लिए आवश्यक दिशा प्रदान करते हैं।

कुटिक कॉर्डिनेटर डॉ. अजय जांगड़ा ने बताया कि वर्कशॉप का उद्देश्य महिलाओं को उनके विचारों को व्यावहारिक उद्यम में बदलने के लिए कौशल, मेंटरशिप, नेटवर्किंग एवं इन्क्यूबेशन सहायता उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण में डिजाइन थिंकिंग, मार्केट रिसर्च, बिजनेस मॉडल कैनवास, कंपनी पंजीकरण, बौद्धिक संपदा, वित्तीय प्रबंधन, फंडिंग एवं पिचिंग जैसे विषय शामिल हैं।

रिमस टैक्नॉलजिज की संस्थापक मधु बाजपेई ने अपने उद्यमिता अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफल उद्यमिता के लिए जिज्ञासा, ग्राहक की सही समझ, निरंतर सीखना और प्रगति पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को आत्मविश्वास, नेटवर्किंग और सही मेंटरशिप के महत्व से अवगत कराया।

वर्कशॉप के दौरान विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के बीच संवाद, नेटवर्किंग और विचार-विमर्श भी किया गया। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ अपने विचार साझा किए तथा उद्यमिता से संबंधित विभिन्न प्रश्नों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, विशेषज्ञों एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया तथा समूह चित्र लिया गया।
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इंजीनियरिंग केवल डिग्री नहीं, समस्या समाधान और नवाचार का माध्यमः प्रो. सुनील ढींगरा’’कुवि के यूआईईटी में नवप्रवेशी विद्य...
10/08/2026

इंजीनियरिंग केवल डिग्री नहीं, समस्या समाधान और नवाचार का माध्यमः प्रो. सुनील ढींगरा’’
कुवि के यूआईईटी में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए ‘छात्र प्रेरणा कार्यक्रम’ का शुभारंभ’’

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन् में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में नए सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए ‘छात्र प्रेरणा कार्यक्रम’ का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी एवं यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् राष्ट्रगीत के साथ हुआ।

प्रो. सुनील ढींगरा ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समस्या समाधान, नवाचार और समाज के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित करने का क्षेत्र है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, कड़ी मेहनत और समय प्रबंधन को सफलता का आधार बताते हुए विश्वविद्यालय में उपलब्ध प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, प्लेसमेंट सेल तथा विभिन्न तकनीकी क्लबों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, संचार क्षमता और नेतृत्व क्षमता के विकास पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि वे बदलते तकनीकी परिवेश की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान यूआईईटी के वरिष्ठ शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों, परीक्षा प्रणाली, आचार संहिता, एंटी-रैगिंग नियमों तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को प्लेसमेंट, प्रशिक्षण तथा उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

छात्र प्रेरणा कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. सविता ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। एप्लाइड साइंसेज विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेश अग्निहोत्री ने विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों एवं सुविधाओं की जानकारी दी। डॉ. पूनम डब्बास ने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के क्षेत्र के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। डॉ. विशाल अहलावत ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग, डॉ. दीपक सूद ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, विजय गर्ग ने इलेक्ट्रिकल एवं कंप्यूटर टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग तथा डॉ. दीपक मलिक ने बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग से संबंधित जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की।

कार्यक्रम का मंच संचालन विद्यार्थियों श्रुति और विशाल ने किया। कार्यक्रम के अंत में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को यूआईईटी परिसर का भ्रमण करवाया गया तथा विभिन्न प्रयोगशालाओं एवं अन्य सुविधाओं से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।

इस अवसर पर कार्यक्रम की सह-संयोजक डॉ. दीप्ति चौधरी, डॉ. पवन दीवान, डॉ. रूचि, डॉ. नरेश, डॉ. राजेश कालिया, दुग्गल, एकता, ज्योति, वर्षा, हरिकेश, पपोसा सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

प्रो. बी.एस. चौधरी बने नेपाल भूवैज्ञानिक सोसायटी के जर्नल के संपादककुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूभौतिकी विभाग के वरिष्ठ...
10/08/2026

प्रो. बी.एस. चौधरी बने नेपाल भूवैज्ञानिक सोसायटी के जर्नल के संपादक

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूभौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं अध्यक्ष तथा भूकंप विज्ञान उन्नत अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. बी.एस. चौधरी को नेपाल भूवैज्ञानिक सोसायटी द्वारा प्रकाशित जर्नल ऑफ नेपाल जियोलॉजिकल सोसायटी’ के संपादकीय मंडल में संपादक नियुक्त किया गया है। नेपाल जियोलॉजिकल सोसायटी के अध्यक्ष भास्कर खतिवड़ा की ओर से की गई यह नियुक्ति दो वर्ष के लिए की गई है।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु ’’प्रो. सोमनाथ सचदेवा’’ ने प्रो. बीएस चौधरी को इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक दायित्व के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह नियुक्ति विश्वविद्यालय की शोध गुणवत्ता एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगी।

प्रो. बीएस चौधरी को शिक्षण, शोध एवं शैक्षणिक प्रशासन का ’’36 वर्षों से अधिक का अनुभव’’ है। उनके 100 से अधिक शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। वे भू-स्थानिक तकनीक, जल संसाधन, आपदा एवं पर्यावरण प्रबंधन, जल-भूभौतिकी तथा निकट सतही भूभौतिकी के विशेषज्ञ हैं। प्रो. चौधरी चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, भिवानी के संस्थापक कुलसचिव तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें जर्मनी की फ्राईबर्ग विश्वविद्यालय में डीएएडी छात्रवृत्ति, 18वें आईएसपीआरएस सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र पुरस्कार तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का ’’सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता (सहयोग)-2022’’ पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। उन्होंने 14 शोधार्थियों को पीएचडी तथा 45 से अधिक एम.टेक. शोध प्रबंधों का सफल मार्गदर्शन किया है। वे अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं के संपादकीय मंडल एवं समीक्षक के रूप में भी जुड़े हुए हैं तथा स्प्रिंगर प्रकाशन से चार पुस्तकों का सह-संपादन कर चुके हैं।
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सेवा, समर्पण और उपचार के लिए डॉ. आशीष अनेजा को मिला विराट सम्मान, कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने दी बधाईआमजन को बेहतर स्...
10/08/2026

सेवा, समर्पण और उपचार के लिए डॉ. आशीष अनेजा को मिला विराट सम्मान, कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने दी बधाई

आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और निःस्वार्थ भाव से चिकित्सा सेवा करने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के प्रशासक एवं वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष अनेजा को प्रतिष्ठित ’’‘फैलोशिप इन डायबिटीज एंड कार्डियो मेटाबोलिक प्रैक्टिस-2026’’’ से सम्मानित किया गया।

डॉ. अनेजा की इस उपलब्धि पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु ’’प्रो. सोमनाथ सचदेवा’’ ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि आमजन की सेवा के प्रति डॉ. अनेजा का समर्पण और निरंतर प्रयास अनुकरणीय है।

ऑल इंडिया डायबिटीज एवं कार्डियो मेटाबोलिक एसोसिएशन के भव्य समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। विशेष बात यह रही कि इस फैलोशिप के लिए ’’हरियाणा से डॉ. आशीष अनेजा एकमात्र चिकित्सक’’ चुने गए।

डॉ. अनेजा को मधुमेह एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर उपचार एवं स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष रूप से सराहा गया। वे पिछले कई वर्षों में ’’1100 से अधिक स्वास्थ्य शिविर’’ आयोजित कर चुके हैं। इन शिविरों में जरूरतमंद लोगों को रक्त जांच, शुगर, अस्थि घनत्व, ईसीजी, श्वसन क्षमता, न्यूरोपैथी तथा कैंसर जैसी विभिन्न स्वास्थ्य जांच सुविधाएं विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहायता से निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
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कुवि के हिंदी विभाग में स्थापित होगा ‘लोक साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र: प्रो. सोमनाथ सचदेवाकुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ...
10/08/2026

कुवि के हिंदी विभाग में स्थापित होगा ‘लोक साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र: प्रो. सोमनाथ सचदेवा

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, लोक साहित्य, लोककला, लोकगीत, लोकनाट्य, लोकभाषा एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में ‘लोक साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र’ स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि हरियाणा की लोक संस्कृति में जनजीवन, सामाजिक मूल्य, कृषि संस्कृति, रीति-रिवाज, लोकगीत, लोककथाएं, लोकनाट्य एवं पारंपरिक कलाओं का महत्वपूर्ण स्थान है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय लंबे समय से इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय का रत्नावली समारोह हरियाणा की लोक संस्कृति, लोककला, लोकनृत्य, लोकगीत एवं लोकनाट्य को व्यापक मंच प्रदान करने वाला प्रमुख आयोजन है।

हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि केंद्र के माध्यम से हरियाणवी लोक साहित्य एवं संस्कृति पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, व्याख्यानमालाओं, शोध परियोजनाओं, प्रदर्शनियों सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा सकेगा।

शोध परियोजनाओं के संचालन के लिए समिति का प्रस्ताव

लोक साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र की स्थापना तथा शोध परियोजनाओं के संचालन के लिए समिति गठित करने का प्रस्ताव है। प्रो. महासिंह पूनिया को समिति का संयोजक प्रस्तावित किया गया है। समिति में लोक संपर्क विभाग, युवा एवं सांस्कृतिक मामले, जेएलएन पुस्तकालय, सामान्य प्रशासन एवं वित्त से जुड़े अधिकारियों/प्रतिनिधियों को सदस्य प्रस्तावित किया गया है।

08/08/2026

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं महान सपूत, अशोक चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन संदीप सांखला के बलिदान दिवस पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

कुवि धरोहर संग्रहालय में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा सहित विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं कर्मचारियों ने कैप्टन संदीप सांखला, वीर चक्र से सम्मानित शहीद सेकेंड लेफ्टिनेंट राजेन्द्र सिंह नागर और शहीद कैप्टन जिंटू गोगोई के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनके अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कैप्टन संदीप सांखला की शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम देश के साथ-साथ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लिए भी गौरव का विषय है।

कैप्टन संदीप सांखला ने वर्ष 1984 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आईआईएचएस से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और 14 जून 1986 को भारतीय सेना की 18 डोगरा रेजीमेंट में कमीशंड हुए। आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए राष्ट्र की रक्षा में उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके अदम्य साहस और वीरता के सम्मान में भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत 26 जनवरी 1992 को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय अपने इस वीर सपूत की शहादत को सदा स्मरण करता रहेगा।

शत्-शत् नमन।

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कैप्टन संदीप सांखला की शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणाः प्रो. सोमनाथ सचदेवाकैप्टन संदीप सांखला को उनके बलिदान द...
08/08/2026

कैप्टन संदीप सांखला की शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणाः प्रो. सोमनाथ सचदेवा
कैप्टन संदीप सांखला को उनके बलिदान दिवस पर कुवि कुलगुरु ने दी श्रद्धांजलि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शनिवार को केयू धरोहर संग्रहालय में कुवि के पूर्व छात्र एवं महान सपूत कैप्टन संदीप सांखला को उनके बलिदान दिवस पर याद करते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा सहित अन्य अधिकारियों ने कैप्टन संदीप सांखला, वीर चक्र से सम्मानित शहीद सेकेंड लेफ्टिनेंट राजेन्द्र सिंह नागर और शहीद कैप्टन जिंटू गोगोई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कैप्टन संदीप सांखला की शहादत हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि अशोक चक्र से सम्मानित कैप्टन संदीप सांखला देश और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का गौरव है। उनके बलिदान दिवस पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय उनको नमन करता है।
कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी, प्राक्टर प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. जीपी दुबे, प्रो. संजीव अरोड़ा, प्राचार्या प्रो. रीटा, प्रो. कुसुम लता, धरोहर के प्रोफेसर इंचार्ज व युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला, मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रो. आनंद कुमार, कुटा प्रधान डॉ. जितेन्द्र खटकड़, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, डॉ. सौरभ चौधरी, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. दीपक राय बब्बर, प्रो. शुचिस्मिता, डॉ. हरविन्द्र सिंह लोंगोवाल, डॉ. निधि माथुर, सुरेन्द्र, सहित शिक्षक, शोधार्थी, अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

कैप्टन संदीप सांखला का जीवन परिचय
कैप्टन संदीप सांखला हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले थे तथा उनके पिता भी भारतीय सेना में थे। कैप्टन संदीप सांखला ने 1984 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आईआईएचएस से स्नातक की डिग्री हासिल की तथा 14 जून, 1986 को उनका सपना पूरा हुआ जब वे भारतीय सेना की 18 डोगरा रेजीमेंट में कमीशंड हुए। कैप्टन संदीप सांखला के जफरखान गांव में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए देश के लिए शहीद हो गए थे। उन्होंने आर्मी में 5 साल तक सेवा दी। मेजर संदीप ने उस दौरान 9 आतंकवादियों को मार गिराया था। उनकी इस शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। भारत के राष्ट्रपति की ओर से उन्हें मरणोपरांत 26 जनवरी, 1992 को ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया गया।

07/08/2026

हिंदी विविध आयामी रोजगार की भाषाः सरिता हर्ष
हिंदी बनी रोजगारपरक वैश्विक भाषाः प्रो.महासिंह पूनिया
हिंदी विभाग में हिंदी विषय में रोजगार की संभावनाओं विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में हिंदी विषय में रोजगार की संभावनाओं विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में बैंक ऑफ बड़ौदा की क्षेत्रीय भाषा अधिकारी एवं प्रबंधक सरिता हर्ष ने विद्यार्थियों को बताया कि हिंदी के माध्यम से शिक्षक, हिंदी अधिकारी, अनुवादक, दुभाषिया, कंटेंट राइटर, मंच संचालक, फिल्म एवं संवाद लेखक, रेडियो जॉकी, कमेंटेटर सहित अनेक क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि एआई के दौर में हिंदी भाषा विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है।

हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया ने कहा कि हिंदी आज रोजगारपरक और वैश्विक भाषा के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रही है। डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता, जनसंचार, सोशल मीडिया, पर्यटन, अनुवाद और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में हिंदी के जानकारों के लिए नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।

बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक पुनीत जैन ने हिंदी विषय के पात्र विद्यार्थियों के लिए ₹11,000 एवं ₹7,500 की छात्रवृत्ति देने की घोषणा की, जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और करियर निर्माण में प्रोत्साहन मिलेगा।

इस अवसर पर बड़ौदा बैंक की क्षेत्रीय अधिकारी शीतल शर्मा, डॉ. जसबीर, डॉ. बहादुर सिंह सहित शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद थे।

07/08/2026

सफलता के तीन आधार—ज्ञान, कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोणः प्रो. सोमनाथ सचदेवा

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज़ (IIHS) द्वारा नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए नवदीक्षा एवं विद्यार्थी स्वागत समारोह आयोजित किया गया।

कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। उन्होंने सफलता के लिए ज्ञान, कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण के संतुलित विकास को आवश्यक बताया।

उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासा, आलोचनात्मक चिंतन और रचनात्मकता को जीवन का हिस्सा बनाने तथा नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। कुलगुरु ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला युवा बनने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने विकसित भारत-2047 के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

विशिष्ट अतिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें हरियाणा के अग्रणी संस्थान में प्रवेश मिलने पर बधाई दी।

प्राचार्या प्रो. रीटा ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है ।

प्राक्टर प्रो. अनिल गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा विश्वविद्यालय की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मंच का संचालन प्रो. विवेक चावला ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, प्राक्टर प्रो. अनिल गुप्ता, मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रो. आंनद कुमार, चीफ वार्डन प्रो. कुसुम लता, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. नवनीत बहल, डॉ. सतीश सहित संस्थान के शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद थे।

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हिंदी विविध आयामी रोजगार की भाषाः सरिता हर्षहिंदी बनी रोजगारपरक वैश्विक भाषाः प्रो.महासिंह पूनियाबैंक ऑफ बड़ौदा देगा हिंद...
07/08/2026

हिंदी विविध आयामी रोजगार की भाषाः सरिता हर्ष
हिंदी बनी रोजगारपरक वैश्विक भाषाः प्रो.महासिंह पूनिया
बैंक ऑफ बड़ौदा देगा हिंदी छात्रों को देगा 11हजार एवं 7500 रूपये की छात्रवृत्ति
हिंदी विविध आयामी रोजगार की भाषा है। हिंदी के माध्यम से शिक्षक, मंच संचालक, हिंदी अधिकारी, भाषा अधिकारी, अनुवाद अधिकारी, दुभाषिया, सृजनात्मक लेखक, विज्ञापन, उद्घोषक, संवाद लेखन, फिल्म लेखन, पटकथा के साथ-साथ केन्द्रीय हिंदी विभागों में हिंदी अधिकरी के रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। एआई के दौर में हिंदी अनुवादक एवं दुभाषिया के साथ-साथ कमेंटेटर एवं रेडियो जॉकी के क्षेत्र में भी हिंदी में रोजगार की नई संभावनाएं पनपी हैं। यह उद्गार हिंदी विभाग में हिंदी विषय में रोजगार की संभावनाओं विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में बैंक ऑफ बड़ौदा की क्षेत्रीय भाषा अधिकारी एवं प्रबंधक सरिता हर्ष ने शुक्रवार को गणपति चन्द्र गुप्त हॉल में विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।
सरिता हर्ष ने विद्यार्थियों को हिंदी के साथ तकनीकी एवं संचार कौशल विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि भाषा पर अच्छी पकड़, डिजिटल दक्षता और रचनात्मक सोच के समन्वय से विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया ने कहा कि आज हिंदी केवल साहित्य और अभिव्यक्ति की भाषा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह रोजगारपरक एवं वैश्विक भाषा के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रही है। डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता, जनसंचार, अनुवाद, कंटेंट राइटिंग, विज्ञापन, सिनेमा, टेलीविजन, सोशल मीडिया, पर्यटन तथा विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में हिंदी के जानकारों के लिए रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में हिंदी के लिए संभावनाओं का दायरा और व्यापक हुआ है। हिंदी भाषा के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल को जोड़कर विद्यार्थी देश-विदेश में बेहतर करियर बना सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे हिंदी को केवल एक विषय के रूप में न लें, बल्कि इसे रोजगार, उद्यमिता और वैश्विक संवाद का प्रभावी माध्यम बनाते हुए अपने कौशल एवं व्यक्तित्व का विकास करें।
महाप्रबंधक पुनीत जैन ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा हिंदी भाषा के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करेगा। इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को 11,000 रुपये एवं 7,500 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य हिंदी विषय के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं अपने करियर के प्रति प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।
इस अवसर पर बड़ौदा बैंक की क्षेत्रीय अधिकारी शीतल शर्मा, डॉ. जसबीर, डॉ. बहादुर सिंह सहित शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद थे।

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