09/01/2024
पिछले रात मैंने 12th फ़ेल फ़िल्म को देखा।
मेकर्स ने फ़िल्म के साथ बेहतरीन जस्टिस किया है। हर भावनाओं को बेहतरीन रूप से दृश्य दिया गया है। विक्रांत मेसी ने तो कमाल कर दिया। बेहतरीन अभिनय और कहानी में जबरदस्त फिट हुए। ये कहानी मेरे ओर मेरे भाई जैसे यूपीएससी एस्पिरेन्ट के लिए डोपामिन बूस्टर है, कुछ पल के लिए मोटिवेशन है, आँखों से कई बार अश्रु गिरें, कई बार तो ऐसा लगा ये जिंदगी मेरी है। इसमें गाँव की गरीबी, घर की तंगी, तकलीफें, लगन, मेहनत, दृढ़ता, सकारात्मकता, प्रेम, भवना, साथ, सहयोग, हार, सफ़लता सब कुछ है। यूँ कहें इस वर्ष का शुरुआत इस बेहतरीन सिनेमा से हुआ। दो चीज इस मूवी से मैंने सीखी जो है डायरी लेखन और टाइमर लगाकर अपने पढ़ाई को ट्रैक करना।
कुल मिलाकर मनोज और गौरी भैया का किरदार सबसे ताकतवर रहा है। इन दोनों ने सिनेमा को बांध कर रखा। प्रेम वाला भाग मुझे उतना प्रभावित नहीं किया। हालांकि इस सिनेमा की हिरोइन मेधा शंकर ने श्रद्धा जोशी की किरदार को बखूबी निभाया है। डॉक्टर विकास दिव्यकृति सर को फ़िल्म में देखना सहज था। डाइरेक्टर ने कमाल का काम किया है।
इस फ़िल्म ने हँसाया, रुलाया और वर्तमान से अतीत तक का सैर कराया। इस फ़िल्म के सभी टीम को बधाई। मैं सभी से अनुरोध करता हूँ ये फ़िल्म जो नहीं देखें हैं अवश्य देखे। धन्यवाद !!