26/03/2020
कहते है कि ज़िराफ की गर्दन हजारों साल पहले इतनी लंबी नहीं हुआ करती थी,
वो बेचारे भी एक नॉर्मल गर्दन वाले जानवर थे।
पर फिर हुआ कुछ ऐसा कि जंगल में उनकी लंबाई की हद तक जितनी भी फूल पत्तिया थी वो सब खत्म हो गई।
अब जो पत्तियां बच्ची थी वो पेड़ो के ऊपरी हिस्से में थी जहां तक जिराफ की गर्दन नहीं पहुंचती थी।
अब शुरू हुआ अस्तित्व का खेल,
कुछ ज़िराफ ने पत्तियों की तरफ उचकना शुरू कर दिया,
धीरे धीरे ऊपरी हिस्से के पत्तो तक उनकी गर्दन पहुंचने लगी।
इस तरह से कहा जाता है कि अस्तित्व की लड़ाई की वजह से जिराफ की गर्दन लंबी होती चली गई,
जिन ज़िराफ को उचकना नहीं आता था वो सब बेचारे भूखे मर गए।
इसी कहानी को एक नए नजरिए से समझिए।
मान लीजिए कुछ हजार साल पहले पृथ्वी पर दोनों तरह के ज़िराफ रहा करते थे,
ऊंची गर्दन वाले और नीची गर्दन वाले।
इनके खाने पीने में कोई कमी न हो इसलिए ऊपर वाले ने इन्हे जंगल में छोड़ दिया जहां चारो तरफ इनका पेट भरने के लिए पत्तियां मौजूद थीं,
इन पेड़ों को इतना ऊंचा रखा गया कि छोटी गर्दन वाले जिराफ भी अपना पेट भर लेते थे और ऊंची गर्दन वाले जिराफ भी।
सब कुछ सही चल रहा था कि अचानक से एक ऊंची गर्दन वाले जिराफ ने अपनी गर्दन से नीचे वाली पत्तियों को खाना शुरू कर दिया,
धीरे धीरे उस जिराफ की देखा देखी और लंबे जिराफो ने भी ऐसा ही किया।
अब हालात ये हो गए कि नीची गर्दन वाले जिराफो के लिए कुछ भी नहीं बचा।
वो भूख से मरने लगे और धीरे धीरे दुनिया से उनका नामो निशान मिट गया।
ऊंची गर्दन वाले जिराफो को इतिहास ने अस्तित्व की लड़ाई के हीरो के तौर पर लिखा।
आने वाले 21 दिन के लिए हमारा देश पूरी तरह लॉकडाउन है।
इस देश में अमीर गरीब हर तरह के लोग रहते है,
आप के पास पैसा है,
आपने जैसे ही सुना कि 21 दिनों का लॉकडाउन है,
आप भाग कर मार्केट गए और एक साल का राशन पैक करा लिया,
क्यों?
इसकी दो वजह है,
पहली वजह ये कि आप बहुत जागरूक है,
आपको अंदाजा है कि हो सकता है कि आने वाले वक्त में हालात और बिगड़े और जरूरत की चीजों के दाम बहुत ज्यादा हो जाए।
दूसरी और सबसे अहम वजह,
आप के पास पैसा है।
अब क्युकी आपके पास पैसा है तो आपने इतना स्टॉक जमा कर लिया जितने में न जाने कितने परिवार महीना भर खा सकते थे,
अब इससे आपको कोई दिक्कत नहीं होने वाली,
पर उसे होगी जिसके पास सिर्फ आज भर के राशन के पैसे है,
जो इस सोच में डूबा है कि कल परसो कहीं से इंतेज़ाम करके राशन ले आएगा,
पर आप जैसे ऊंची गर्दन वाले जिराफ उसके हिस्से की भी पत्तियां खाने पर तुले हुए है।
वो कल परसो अगर कहीं से इंतेज़ाम कर भी लेगा तो शायद आपने उसके खरीदने लायक राशन मार्केट में छोड़ा ही नहीं है।
सिम्पल सी बात है,
मार्केट में उसी चीज का दाम बढ़ता है जिस चीज की डिमांड ज्यादा होने लगती है,
इसलिए मेरी उन सभी ऊंची गर्दन वाले जिराफो से अपील है कि धैर्य रखे,
आप लोग का क्या है?
ऊंची गर्दन है आपके पास,
पैसा है,
पत्तियां कितनी भी ऊंचाई पर हो आप तो चर लेंगे,
पर गरीब के पास पत्तियों की जगह बहुत सीमित है,
इसलिए प्लीज़ अस्तित्व की इस लड़ाई में गरीबों को भी लड़ने का मौका दीजिए,
छल न कीजिए उनके साथ।
🙏