23/08/2024
जमीन की जमाबंदी के लिए परिमार्जन प्लस पोर्टल की शुरुआत:नाम-पता सुधार करवाने में मदद मिलेगी, लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई
पटना 3 महीने पहले
नाम-पता सुधार करवाने में मदद मिलेगी, लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई|पटना,Patna - Dainik Bhaskar
बिहार सरकार ने जमीन की जमाबंदी में नाम और पता में सुधार के लिए परिमार्जन प्लस एप की शुरुआत की है। नई व्यवस्था के तहत रैयत को अपना नाम, पिता का नाम, जाति, पता, डिजिटाइज्ड जमाबंदी में दर्ज खाता, खेसरा, रकवा, चौहद्दी में त्रुटि या प्रविष्टि का ना होना एवं लगान संबंधी विवरणी में सुधार करवाने का मौका दिया गया है। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा
मूल जमाबंदी से अलग होने पर त्रुटि सुधार मूल जमाबंदी के अनुसार किया जाएगा। पता एवं जाति में सुधार अंचल अधिकारी द्वारा दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। अगर पिता का नाम मूल जमाबंदी में अंकित नहीं है तो साक्ष्य के आधार पर अंकित किया जा सकेगा।
जमीन की मापी भी हो सकती है
अगर मूल जमाबंदी में खाता, खेसरा और रकवा अंकित है तो त्रुटि निवारण उसके आधार पर ही होगा। परंतु मूल जमाबंदी में खाता, खेसरा और रकवा अंकित नहीं होने की स्थिति में अंचल अधिकारी रैयत द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर त्रुटि सुधार या छूटी हुई विवरणी को दर्ज करेंगे। इसके लिए अंचल अधिकारी भौतिक निरीक्षण एवं भूमि की मापी भी करवा सकते हैं।
पहले कुछ भी नया जोड़ने की अनुमति नहीं थी
लगान की राशि, वर्ष एवं इससे संबंधित प्रविष्टि में सुधार मूल जमाबंदी पंजी में अंकित अंतिम लगान की विवरणी या रैयत द्वारा समर्पित लगान रसीद के सत्यापन के उपरांत किया जाएगा। पहले यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। पहले परिमार्जन में साक्ष्य के आधार पर कुछ भी नया जोड़ने की अनुमति नहीं थी।
परिमार्जन पोर्टल में कई आवश्यक सुधार किए गए
सिर्फ मूल जमाबंदी में दर्ज विवरणी के आधार पर ही डिजिटाइज्ड जमाबंदी में सुधार किया जाता था। परिमार्जन में साक्ष्य के आधार पर कुछ भी नया जोड़ने की अनुमति नहीं थी सिर्फ मूल जमाबंदी में दर्ज विवरणी के आधार पर ही डिजिटाइज्ड जमाबंदी में सुधार किया जाता था। इसके लिए विभाग ने परिमार्जन पोर्टल में कई आवश्यक सुधार किए गए हैं।
गड़बड़ियों को दूर करने में मदद मिलेगी
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि जमाबंदी को ऑनलाइन करने के दौरान कई प्रकार की गलतियां हुई थी। कई प्रकार की प्रविष्टि जमाबंदी में थी ही नहीं। इसमें रैयतों की कोई गलती नहीं थी। इसके कारण आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। परिमार्जन प्लस से इन गड़बड़ियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की ओर से सभी प्रमंडलीय आयुक्त और समाहर्ता को लिखे पत्र में परिमार्जन प्लस पोर्टल पर प्राप्त सभी मामलों को विशेष अभियान चलाकर निष्पादित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।