15/04/2021
ट्यूशन
------------- का फैशन ।
स्कूल की फीस देते वक्त कई अभिभावकों की भँवरे चढ़ी रहती है ,लेकिन जब बात आती है ट्यूशन की तो उसे किसी आधुनिक फैशन की तरह निभाने को तैयार रहते है।
ट्यूशन किसके लिए है ?
ट्यूशन उसके लिए जरूरी है ,जो पढ़ाई में बहुत कमजोर हो ,जिसे क्लास में समझ नही आ रहा ,क्योकि क्लास की भीड़ में #पर्सनल_अटेंनशन नही मिल पा रहा।
पढ़ाई में कमजोर से आशय उन बच्चों से नही जो पढ़ाई नही करते इसलिए कमजोर है , बल्कि ऐसे जो #मंदबुद्धि है , जिनकी दृष्टि कमजोर है या किसी ओर शारीरिक मानसिक कमजोरी के कारण उतने अच्छे से नही पढ़ पाते ।
या फिर उन बच्चों के लिए जिनकी पढ़ाई की भूख ,उनके लक्ष्य या जिद की भूख स्कूल में पूरी नही हो पाती , क्योकि औसत बच्चो के बीच #एक्स्ट्रा_क्वेश्चन करने को नही मिल पाते , टारगेट बड़े है ।
आजकल का ट्यूशन ------- हमारे वक़्त पर शाम को घूमने फिरने या खेलने का होता था , ओर सब एक जगह मिलकर दिन की थकन के बाद कुव्ह देर मौज मस्ती कर लेते थे , आज कैरियर से लापरवाह छात्रों के एक बड़े वर्ग ने उसे #ट्यूशन का नाम दे दिया है ।
------- मैं आज इतने वक़्त के बाद बड़ी जिम्मेदारी के साथ मानता हूं ,स्कूल के अधिकतर बच्चों को ट्यूशन से बहुत पहले #कॉउंसलिंग की जरूरत है ।
ओर यही एक मात्र कारण छात्रों की सफलता का मुख्य कारक भी है ।
बच्चो के टाइम टेबल , लक्ष्य , बॉडी लेंग्वेज ,कमन्यूकेशन आदि पर काम करके ही उनको आज बेहतर बनाया जा सकता है ...... ओर #संजीवनी का प्रयास ही यही रहा है ,इसीलिए हम ओरो से अलग और बेहतर परिणाम देने वाले भी रहे है ।