U Tet and C tet helpers

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18/12/2017

मुगल चित्रकला शैली भारतीय, फारसी और मुस्लिम मिश्रण का विशिष्ट उदाहरण है। अकबर के शासनकाल में लघु चित्रकारी के क्षेत्र में भारत में एक नये युग का सूत्रपात हुआ। उसके काल की एक उत्कृष्ट कृति हमजानामा है। मुगल चित्रकला नाटकीय कौशल और तूलिका के गहरेपन के लिए विख्यात है।
जहांगीर खुद भी एक अच्छा चित्रकार था। उसने अपने चित्रकारों को छविचित्रों व दरबारी दृश्यों को बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उस्ताद मंसूर, अब्दुल हसन और बिशनदास उसके दरबार के सबसे अच्छे चित्रकार थे। शाहजहां के काल में चित्रकारी के क्षेत्र में कोई ज्यादा कार्य नहीं हुआ, क्योंकि वह स्थापत्य व वास्तु कला में ज्यादा रुचि रखता था।

राजपूत चित्रकला शैली

राजपूत चित्रकला शैली का विकास 18वींशताब्दी के दौरान राजपूताना राज्यों के राजदरबार में हुआ। इन राज्यों में विशिष्ट प्रकार की चित्रकला शैली का विकास हुआ, हालांकि इनमें कुछ ऐसे समान तत्व हैं जिसकी वजह से इसका नामकरण राजपूत शैली किया गया। यह शैली विशुद्ध हिंदू परंपराओं पर आधारित है। इस शैली में रागमाला से संबंधित चित्र काफी महत्वपूर्ण हैं। इस शैली में मुख्यतया लघु चित्र ही बनाये गये। राजपूत चित्रकला की एक असाधारण विशेषता आकृतियों का विन्यास है। लघु आकृतियां भी स्पष्टत: चित्रित की गई हैं। इस शैली का विकास कई शाखाओं में हुआ-
मालवा शैली: मालवा शैली अपने चमकीले और गहरे रंगों के कारण विशिष्ट है। मालवा शैली के रंगचित्रों की प्रमुख श्रृंखला रसिकप्रिया है।
मेवाड़ शैली: मेवाड़ शैली में पृष्ठभूमि सामान्यत: बेलबूटेदार और वास्तुशिल्प से परिपूर्ण है।
बीकानेर शैली: बीकानेरी शैली के अधिकांश कलाकार मुस्लिम थे। यह शैली अपने सूक्ष्म एवं मंद रंगाभास के लिए प्रसिद्ध है।
बूंदी शैली: इस शैली में नारी सौंदर्य के चित्रण के लिए कुछ अपने मानदण्ड स्थापित किए गए।
कोटा शैली: कोटा शैली काफी हद तक बूंदी शैली से मिलती-जुलती है। इस शैली में विरल वनों में सिंह और चीतों के शिकार के चित्र विश्वविख्यात हैं।
आंबेर शैली: आंबेर शैली के रंगचित्र समृद्ध हैं और उनमें विषय वैविध्य भी है लेकिन इसमें सूक्ष्मता का अभाव है।
किशनगढ़ शैली: उन्नत ललाट, चापाकार भौंहें, तीखी उन्नत नासिका, पतले संवेदनशील ओंठ तथा उन्नत चिबुक सहित नारी का चित्रण इस शैली का वैशिष्ट्य है।
मारवाड़ शैली: इस शैली के रंगचित्रों में पगड़ी की

18/12/2017

भारतीय चित्रकारी की शैलियां

भारतीय चित्रकारी को मोटे तौर पर भित्ति चित्र व लघु चित्रकारी में विभाजित किया जा सकता है। भित्ति चित्र गुफाओं की दीवारों पर की जाने वाली चित्रकारी को कहते हैं, उदाहरण के लिए अजंता की गुफाओं व एलोरा के कैलाशनाथ मंदिर का नाम लिया जा सकता है। दक्षिण भारत के बादामी व सित्तानवसाल में भी भित्ति चित्रों के सुंदर उदाहरण पाये गये हैं। लघु चित्रकारी कागज या कपड़े पर छोटे स्तर पर की जाती है। बंगाल के पाल शासकों को लघु चित्रकारी की शुरुआत का श्रेय दिया जाता है।

अजंता की गुफाएं

इन गुफाओं का निर्माणकार्य लगभग 1000 वर्र्षों तक चला। अधिकांश गुफाओं का निर्माण गुप्तकाल में हुआ। अजंता की गुफाएं बौद्ध धर्म की महायान शाखा से संबंधित हैं।

एलोरा की गुफाएं

हिंदू गुफाओं में सबसे प्रमुख आठवीं सदी का कैलाश मंदिर है। इसके अतिरिक्त इसमें जैन व बौद्ध गुफाएं भी हैं।

बाघ व एलीफेटा की गुफाएं

बाघ की गुफाओं के विषय लौकिक जीवन से सम्बन्धित हैं। यहां से प्राप्त संगीत एवं नृत्य के चित्र अत्यधिक आकर्षक हैं। हाथी की मूर्ति होने की वजह से पुर्तगालियों ने इसका नामकरण एलीफेन्टा किया।

जैन शैली

इसके केद्र राजस्थान, गुजरात और मालवा थे। देश में जैन शैली में ही सर्वप्रथम ताड़ पत्रों के स्थान पर चित्रकारी के लिए कागज का प्रयोग किया गया। इस कला शैली में जैन तीर्र्थंकरों के चित्र बनाये जाते थे। इस शैली पर फारसी शैली का भी प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। नासिरशाह (1500-1510 ई.) के शासनकाल में मांडू में चित्रित नीयतनामा के साथ ही पांडुलिपि चित्रण में एक नया मोड़ आया।

पाल शैली

यह शैली 9-12वीं शताब्दी के मध्य बंगाल के पाल वंश के शासकों के शासनकाल के दौरान विकसित हुई। इस शैली की विषयवस्तु बौद्ध धर्म से प्रभावित थी। दृष्टांत शैली वाली इस चित्रकला शैली ने नेपाल और तिब्बत की चित्रकला को भी काफी प्रभावित किया।

18/12/2017

भारतीय चित्रकला (Indian Painting)

भारतीय चित्रकारी के प्रारंभिक उदाहरण प्रागैतिहासिक काल के हैं, जब मानव गुफाओं की दीवारों पर चित्रकारी किया करता था। भीमबेटका की गुफाओं में की गई चित्रकारी 5500 ई.पू. से भी ज्यादा पुरानी है। 7वीं शताब्दी में अजंता और एलोरा गुफाओं की चित्रकारी भारतीय चित्रकारी का सर्वोत्तम उदाहरण हैं।
भारतीय चित्रकारी में भारतीय संस्कृति की भांति ही प्राचीनकाल से लेकर आज तक एक विशेष प्रकार की एकता के दर्शन होते हैं। प्राचीन व मध्यकाल के दौरान भारतीय चित्रकारी मुख्य रूप से धार्मिक भावना से प्रेरित थी, लेकिन आधुनिक काल तक आते-आते यह काफी हद तक लौकिक जीवन का निरुपण करती है। आज भारतीय चित्रकारी लोकजीवन के विषय उठाकर उन्हें मूर्त कर रही है।

18/12/2017

भारत में सर्वप्रथम मानव निर्मित गुफाओं का निर्माण दूसरी शताब्दी ई.पू. के आसपास हुआ था।

अजंता की गुफा:

अजंता की गुफाएं महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित हैं।
इनका सर्वप्रथम जिक्र चीनी तीर्थयात्री ह्वेन सांग ने भी किया था।
1819 ई. में इन गुफाओं को एक ब्रिटिश ऑफिसर ने खोजा था। अजंता की गुफाओं में की गई चित्रकारी भारतीय कला के इतिहास में अद्वितीय है। इन चित्रों में मुख्य रूप से भगवान बुद्ध के जीवन से संबंधित घटनाओं का चित्रण किया गया है।

ऐलीफेटा की गुफा:
यह गुफाएं 6वीं शताब्दी की है। ऐलीफेेंटा का शिव मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

भीमबेटका गुफाएं:
भीमबेटका की गुफाएं मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित हैं। इनकी खोज 1958 में वी. एस. वाकेनकर ने की थी। इन्हें प्रागैतिहासिक कला का सबसे बड़ा स्थान माना जाता है।

कार्ला व भाजा गुफाएं:
पूणे से लगभग 60 किमी. दूर शैलकृत बौद्ध गुफाएं स्थित हैं जो पहली व दूसरे ई.पू. की हैं। इन गुफाओं में कई विहार व चैत्यों का निर्माण किया गया था।

17/12/2017

*{बाल मनोविज्ञान}*

*1- पलायन है*
A चालक
*B उद्दीपक*✅
C आवश्यकता
D प्रेरक

*2- शैशवावस्था में करुणा होती है*
A सामान्य
B अधिक
*C शून्य*✅
D तीव्र

*3-संवेगो की सर्वाधिक परिवर्तन की अवस्था है*
A शैशवावस्था
B बाल्यवस्था
*C किशोरावस्था*✅
D गर्भावस्था

*4-खिलौने से खेलने की आयु है*
*A शैशवावस्था*✅
B बाल्यवस्था
C किशोरावस्था
D गर्भावस्था

*5-संवेगो की अवस्था है*
*A शैशवावस्था*✅
B बाल्यवस्था
C किशोरावस्था
D गर्भावस्था

*6- ब्रिजेज ने संवेगो की संख्या बताई*
A 14
B 12
*C 10*✅
D 16

*7-अमूर्त चिंतन की अवस्था है*
A शैशवावस्था
B बाल्यवस्था
*C किशोरावस्था*✅
D गर्भावस्था

*8 कॉल ने बालक की अवस्था को किंतने भागो में वितरित किया है*
A 10
*B 8*✅
C 6
D 4

*9 युयत्सा मूल प्रवर्ति है*
A आमोद
B अधिकार भावना
*C क्रोध*✅
D घृणा

*10 बालक किस अवस्था मे औपचारिक व्यवहार करने लगता है*
A शैशवावस्था
B बाल्यवस्था
*C किशोरावस्था*✅
D गर्भावस्था

*11कितने वर्ष का शिशु अपनी सम्पूर्ण मानसिक शक्तियों का प्रयोग करने लग जाता है​*
*A 3 वर्ष*✅
B 6 वर्ष
C 8 वर्ष
D 5 वर्ष

*​12 बालक का सर्वाधिक मानसिक विकास होता है*
*A शैशवावस्था*✅
B बाल्यवस्था
C किशोरावस्था
D गर्भावस्था

*13 बालक के चारित्रिक विकास में सबसे महत्वपूर्ण कारक है-*
A परिवार
B समाज
C विद्यालय
*D संगति*✅

*14 बालक का भाषा विकास सिद्धान्त दिया*
A स्किनर
B हरलाक
*C लिप्सीट और सिंपसन*✅
D क्रो एंड क्रो

*15 बाल्यवस्था में बालक का प्रश्न होता है*
A क्या
*B क्यों*✅
C कैसे
D कब

14/08/2016

सिंधु नदी प्रणाली दुनिया की
सबसे बड़ी नदी घाटियों में से एक है जो
11, 65,000 वर्ग किलोमीटर (भारत में यह 321,
289 वर्ग किलोमीटर) के क्षेत्रों की
यात्रा करती है और इसकी कुल लंबाई
2,880 किमी (भारत में 1,114 किमी)
है । इंडस को सिंधु के रूप में भी जाना जाता है। यह
तिब्बत में कैलाश पर्वत श्रंखला से बोखार-चू नामक ग्लेशियर
(4164 मीटर) के पास तिब्बती क्षेत्र
में से निकलती है ।

14/08/2016

. The Parliament of India cannot be regarded
as a sovereign body because
A.
it can legislate only on subjects
entrusted to the Centre by the
Constitution
B. it has to operate within the limits
prescribed by the Constitution
C.
the Supreme Court can declare laws
passed by parliament as
unconstitutional if they contravene
the provisions of the Constitution
D. All of the above

14/08/2016

Garampani sanctuary is located at
A. Junagarh, Gujarat
B. Diphu, Assam
C. Kohima, Nagaland
D. Gangtok, Sikkim

14/08/2016

1. Grand Central Terminal, Park Avenue, New
York is the world's
A. largest railway station
B. highest railway station
C. longest railway station
D. None of the above

14/08/2016

बंगाल का विभाजन
बंगाल विभाजन के निर्णय की घोषणा 19 जुलाई 1905 को भारत के तत्कालीन वाइसराय लॉर्ड कर्ज़न द्वारा की गयी थी. विभाजन 16 अक्टूबर 1905 से प्रभावी हुआ. विभाजन के कारण उत्पन्न उच्च स्तरीय राजनीतिक अशांति के कारण 1911 में दोनो तरफ की भारतीय जनता के दबाव की वजह से बंगाल के पूर्वी एवं पश्चिमी हिस्से पुनः एक हो गए.
विभाजन
सर्वप्रथम 1903 में बंगाल के विभाजन के बारे में सोचा गया. चिट्टागांग तथा ढाका और मैमनसिंह के जिलों को बंगाल से अलग कर असम प्रान्त में मिलाने के अतिरिक्त प्रस्ताव भी रखे गए थे. इसी प्रकार छोटा नागपुर को भी केन्द्रीय प्रान्त से मिलाया जाना था.
सरकार ने आधिकारिक तौर पर 1904 की जनवरी में यह विचार प्रकाशित किया और फरवरी में लॉर्ड कर्ज़न ने बंगाल के पूर्वी जिलों में विभाजन पर जनता की राय का आकलन करने के लिए अधिकारिक दौरे किये. उन्होंने प्रमुख हस्तियों के साथ परामर्श किया और ढाका, चटगांव तथा मैमनसिंह में भाषण देकर विभाजन पर सरकार के रुख को समझाने का प्रयास किया. हेनरी जॉन स्टेडमैन कॉटन, जो कि 1896 से 1902 के बीच आसाम के मुख्य आयुक्त (चीफ कमिश्नर) थे, ने इस विचार का विरोध किया.
1905 में 16 अक्टूबर को भारत के तत्कालीन वायसराय लार्ड कर्जन द्वारा बंगाल का विभाजन किया गया. विभाजन को प्रशासकीय कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया गया, बंगाल लगभग फ्रांस जितना बड़ा था जबकि उसकी आबादी फ्रांस से कहीं अधिक थी. ऐसा सोचा गया कि पूर्वी क्षेत्र उपेक्षित और उचित रूप से शासित नहीं था. प्रान्त के बंटवारे से पूर्वीय क्षेत्र में बेहतर प्रशासन स्थापित किया जा सकता था जिससे अंततः वहां कि जनता स्कूल और रोजगार के मौकों से लाभान्वित होती. हालांकि, विभाजन की योजना के पीछे अन्य उद्देश्य भी छिपे थे. बंगाली हिंदू, शासन में अधिक से अधिक भागीदारी के लिए राजनैतिक आंदोलन में अग्रणी थे, अतः अब पूर्व में मुस्लिमों का वर्चस्व बढ़ने से उनकी स्थिति कमजोर हो रही थी| हिंदू और मुस्लिम दोनो ही ने विभाजन का विरोध किया| विभाजन के बाद, हालांकि, लगभग राष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटिश विरोधी आंदोलन प्रबल हुआ जिसमे कि अहिंसक और हिंसक विरोध प्रदर्शन, बहिष्कार और यहां तक कि पश्चिम बंगाल के नए प्रांत के राज्यपाल की हत्या का प्रयास भी शामिल था.
1911 में रद्द किये जाने से पूर्व, विभाजन बमुश्किल आधे दशक तक चल पाया था. हालांकि बंटवारे के पीछे ब्रिटेन की नीति डिवाइड एट इम्पेरा (विभाजित करके शासन करो) थी, जो कि पुनर्संगठित प्रान्त को प्रभावित करती रही. 1919 में, मुसलमानों और हिंदुओं के लिए अलग-अलग चुनाव व्यवस्था स्थापित की गयी. इस से पहले, दोनों समुदायों के कई सदस्यों ने सभी बंगालियों के लिए राष्ट्रीय एकता की वकालत की थी. अब, अलग-अलग समुदायों ने अपने-अपने राजनैतिक मुद्दे विकसित कर लिए. मुस्लिमों ने भी अपनी समग्र संख्यात्मक शक्ति के बल पर, जो कि मोटे तौर पर दो करोड़ बीस लाख से दो करोड़ अस्सी लाख के बीच थी, विधानमंडल में वर्चस्व हासिल किया. राष्ट्रीय स्तर पर हिंदुओं और मुसलमानों के लिए दो स्वतंत्र राज्यों के निर्माण की मांग उठने लगी, अधिकांश बंगाली हिन्दू अब हिंदू बहुमत क्षेत्र और मुस्लिम बहुमत क्षेत्र के आधार पर होने वाले बंगाल के बंटवारे का पक्ष लेने लगे. मुस्लिम अब पूरे प्रान्त को मुस्लिम राज्य, पाकिस्तान का हिस्सा बनाना चाहते थे. 1947 में बंगाल दूसरी बार, इस बार धार्मिक आधार पर, विभाजित हुआ. यह पूर्वी पाकिस्तान बन गया. हालांकि, 1971 में पश्चिमी पाकिस्तानी सैन्य शासन के साथ एक सफल मुक्ति युद्ध के बाद पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश नाम का स्वतंत्र राज्य बन गया. कई बार विभाजन रक्तपात से बचने की व्यावहारिक नीति हो सकता है, परन्तु उससे कहीं अधिक बार यह नयी समस्याओं का कारण भी बनता है, जो और अधिक लोगों को विभाजित कर सकती हैं.

07/08/2016

रियो ओलंपिक 2016 मे गोल्ड मेडल सब से पहले
किस देश ने जीता है
A चीन
B भारत
C अमेरिका
D जापान

19/04/2016

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