19/10/2017
दीप जलें तो रौशन आपका जहान हो,
पूरा आपका हर एक अरमान हो,
माँ लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहे आप पर हर दम,
ऐसा शुभ दीपावली का आपका त्यौहार हो।
दीपावली की हार्दिक बधाई!
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19/10/2017
दीप जलें तो रौशन आपका जहान हो,
पूरा आपका हर एक अरमान हो,
माँ लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहे आप पर हर दम,
ऐसा शुभ दीपावली का आपका त्यौहार हो।
दीपावली की हार्दिक बधाई!
17/10/2017
दीप जले तो रोशन आपका जहान हो, पूरा आपका हर एक अरमान हो, माँ लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहे आप पर, इस धनतेरस पर आप बहुत धनवान हों. शुभ धनतेरस
एक डलिया में संतरे बेचती बूढ़ी
औरत से एक युवाअक्सर संतरे खरीदता ।
'
अक्सर, खरीदे संतरों से एक संतरा
निकाल उसकी एक फाँक चखता
और कहता, "ये कम मीठा लग रहा है, देखो !"
'
बूढ़ी औरत संतरे को चखती और
प्रतिवाद करती "ना बाबू मीठा तो है!"
'
वो उस संतरे को वही छोड़,
बाकी संतरे ले गर्दन झटकते
आगे बढ़ जाता।
'
युवा अक्सर अपनी पत्नी के साथ होता था।
एक दिन पत्नी नें पूछा
"ये संतरे तो हमेशा मीठे ही होते हैं,
फिर यह नौटंकी तुम हमेशा
क्यों करते हो ?"
'
युवा ने पत्नी को एक मघुर
मुस्कान के साथ बताया
"वो बूढ़ी माँ संतरे बहुत मीठे बेचती है,
पर खुद कभी नहीं खाती,
इस तरह उसे मै संतरे खिला देता हूँ ।
'
उसके संतरे भी बिकते है और
उसमें से अंततः एकाद उसे भी
खाना नसीब हो जाता है।
और नुक्सान भी नहीं होगा।
'
बुढ़िया के पड़ोस में बैठी सब्जीवाली
भी रोज का यह माज़रा देखती।
एक दिन, बूढ़ी माँ से उस सब्जी बेचनें
वाली औरत ने सवाल किया,
ये झक्की लड़का संतरे लेते इतना
चख चख करता है,
रोज संतरों में नुस्ख निकालता है,
तुझे भी चखाता है।
पर संतरे तौलते समय मै तेरे
पलड़े देखती हूँ, तू हमेशा
उसकी चखने की झक्की में,
उसे ज्यादा संतरे तौल देती है ।
ऐसे लड़के के पीछे क्यों अपना
नुक्सान करती हो?
''
तब बूढ़ी माँ नें साथ सब्जी बेचने
वाली से कहा
"उसका चखना संतरे के लिए नहीं,
मुझे संतरा खिलानें को लेकर होता है।
,
बस इतना ही है की वो समझता है
में उसकी यह बात समझती नही।
लेकिन मै बस उसका प्रेम देखती हूँ,
पलड़ो पर संतरे तो अपने
आप बढ़ जाते हैं ।
,
विस्वास कीजिये कभी कभी जीवन
का आनंद इन्हीं छोटी छोटी
बातों में आता है।
,
पैसे नहीं दूसरों के प्रति प्रेम
और आदर ही जीवन में मिठास
घोलता है।
देने में जो सुख है वह
छीनने-पाने में नहीं।
खुशियां बांटने से बढ़ेंगी ही; नुक्सान नहीं होगा।
☺माँ माँ होती है दोस्तों मेरी माँ हो या आपकी☺
👏 जय माता दी 👏
02/10/2017
30/09/2017
30/09/2017
अधर्म पर धर्म की विजय…
असत्य पर सत्य की विजय…
बुराई पर अच्छाई की विजय…
पाप पर पुण्य की विजय…
अत्याचार पर सदाचार की विजय…
क्रोध पर दया, क्षमा की विजय…
अज्ञान पर ज्ञान की विजय…
रावण पर श्रीराम की विजय के प्रतीक पावन पर्व विजयदशमी की हार्दीक शुभकामनायेँ।
28/09/2017
दुर्गा अष्टमी की आप सभी को
सपरिवार हार्दिक-हार्दिक शुभकामनाएं।।
जय माता दी
🙏🙏🙏🙏
21/09/2017
🌹शुभ नवरात्रि.. आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक बधॉईया और शुभकामनॉए..माता रानी का आर्शिवाद आप पर सदा बना रहै 🚩ँ🔱
जय माता दी 🔱🚩
Back in the days when Germany was divided, a huge wall separated East and West Berlin.
One day, some people in East Berlin took a truck load of garbage and dumped it on the West Berlin side.
The people of West Berlin could have done the same thing, but they didn't. Instead they took a truck load of canned goods, bread, milk and other provisions, and neatly stacked it on the East Berlin side.
On top of this stack they placed the sign:
*“EACH GIVES WHAT HE HAS"*
REFLECTIONS
How very true! You can only give what you have.
What do you have inside of you?
Is it hate or love?
Violence or peace?
Death or life?
Capacity to build or Capacity to destroy?
What have you acquired over the years?
*"EACH GIVES WHAT HE HAS"*
07/09/2017