Agriculture University, Kota

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Photos from Agriculture University, Kota's post 16/06/2026

कृषि में एआई क्रांति की ओर कदम: कृषि विश्वविद्यालय, कोटा में पांच दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारम्भ

कृषि विश्वविद्यालय, कोटा के मानव संसाधन विकास निदेशालय द्वारा "कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोगों पर क्षमता निर्माण" विषयक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 19 जून, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है तथा इसका आयोजन कृषि प्रसार शिक्षा संस्थान, आनंद के सहयोग से किया जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मानव संसाधन विकास निदेशालय के निदेशक डॉ. डी. के. सिंह ने की। मुख्य अतिथि के रूप में उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आई. बी. मौर्य उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि प्रसार शिक्षा संस्थान, आनंद से डॉ. रवि चौधरी एवं श्री वी. जे. पटेल ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत मानव संसाधन विकास निदेशालय के एसोसिएट डायरेक्टर एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. बी. एल. ढाका द्वारा किया गया। अपने मुख्य अतिथि उद्बोधन में डॉ. आई. बी. मौर्य ने कृषि के विभिन्न आयामों—शिक्षण, अनुसंधान, फसल प्रबंधन, निर्णय समर्थन प्रणाली तथा कृषि प्रसार सेवाओं—में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एआई आधारित तकनीकें कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों में डॉ. एम. सी. जैन (निदेशक अनुसंधान), डॉ. महेन्द्र सिंह (निदेशक प्रसार शिक्षा), डॉ. एम. सी. गोयल (निदेशक मॉनिटरिंग, प्रायोरिटाइजेशन एवं मूल्यांकन), डॉ. जितेन्द्र सिंह (निदेशक शिक्षा), डॉ. एस. के. जैन (अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय), डॉ. वीरेन्द्र सिंह (निदेशक छात्र कल्याण) तथा कुलपति के तकनीकी सलाहकार डॉ. सी. बी. मीणा विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विश्वविद्यालय, कोटा की विभिन्न इकाइयों से लगभग 90 एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, विषय विशेषज्ञ एवं तकनीकी सहायक भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक उपयोग, आधुनिक एआई उपकरणों तथा डिजिटल नवाचारों के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीतू मेहता ने प्रभावी एवं सुचारू रूप से किया। अंत में प्रशिक्षण कार्यक्रम के सह-पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. आर. के. बैरवा ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

Photos from Agriculture University, Kota's post 15/06/2026

प्राकृतिक खेती पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

कृषि विज्ञान केन्द्र, बूंदी द्वारा 'खेत बचाओ अभियान' के अंतर्गत प्राकृतिक खेती विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री रामेश्वर लाल मीणा, जिला महामंत्री श्री योगेंद्र श्रृंगी एवं जिला संयोजक श्री बालकृष्ण सोनी सहित कृषि विभाग, उद्यान विभाग, आत्मा, इफको तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला में प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों, तकनीकों एवं इसके लाभों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जिले के 500 से अधिक कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

Photos from Agriculture University, Kota's post 11/06/2026

मानसून से पहले बगीचा प्रबंधन पर प्रशिक्षण सम्पन्न

कृषि विज्ञान केन्द्र, कोटा में दिनांक 08 जून से 11 जून 2026 तक ‘‘फल बगीचे की स्थापना एवं प्रंबधन’’ विषय पर पर चार दिवसीय संस्थागत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केन्द्र के प्रशिक्षण समन्वक रिषिका चौधरी ने बताया कि इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कृषकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए बागवानी फसलों के वैज्ञानिक उत्पादन, प्रबंधन एवं आय संवर्धन से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी प्राप्त की। उन्होनें बगीचे की रूपरेखा एवं प्रबंधन संबंधी जानकारी तथा फलोद्यान विकास के माध्यम से आय वृद्धि एवं पोषण सुरक्षा के अवसरों की जानकारी किसानों को दी।
केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. नीरज हाड़ा ने उद्यानिकी फसलों के महत्व एवं प्रशिक्षण की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होनें कृषि विज्ञान केन्द्र, कोटा की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी से कृषकों को अवगत कराया।
कृषि अनुसंधान केन्द्र, कोटा के डॉ. जे.पी. तेतरवाल ने बागवानी आधारित समेकित कृषि प्रणाली की अवधारणा एवं इसके आर्थिक महत्व को समझाया। कृषि महाविद्यालय, कोटा के प्रोफेसर डॉ. रामराज मीणा ने बगीचा स्थापना हेतु उपयुक्त स्थान चयन एवं योजना निर्माण के महत्व को समझाया, जबकि डॉ. योगेन्द्र कुमार मीणा ने क्षेत्र के लिए उपयुक्त फल वृक्षों एवं किस्मों के चयन की जानकारी प्रदान की। डॉ. राकेश कुमार यादव ने फल वृक्षों के लिए गड्ढा तैयारी, रोपण विधि एवं पौध ज्यामिति पर व्याख्यान दिया। डॉ. गुंजन सनाढ्य ने फलों के कटाई उपरांत प्रबंधन एवं मूल्य संवर्धन की तकनीकों की जानकारी दी। डॉ. मुकेश चौधरी ने कृषकों को किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तथा विपणन तंत्र से जोड़ने के उपाय बताए। डॉ. घनश्याम मीणा ने उद्यानिकी फसलों में पशुपालन के समावेशन के लाभों पर प्रकाश डाला। डॉ. ज्योति कंवर ने सिंचाई प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग तकनीक की उपयोगिता बताई। इसके पश्चात प्रतिभागियों को फलोद्यान भ्रमण एवं व्यावहारिक प्रदर्शन कराया गया।
समापन सत्र में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए अपने अनुभव साझा किए। कृषकों ने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान उनके फलोद्यानों की उत्पादकता बढ़ाने तथा आय में वृद्धि करने में सहायक होगा। कार्यक्रम के समापन समारोह में डॉ. डी.के. सिंह निदेशक मानव संसाधन ने बताया कि किसानों को परंपरागत फसलों के साथ-साथ बागवानी, औषधीय फसलें लगाने की सलाह दी एवं डॉ. बी.एल. ढाका ने प्रतिभागियों को बागवानी फसलों के मूल्य संवर्धन एवं विपणन से संबंधित जानकारी दी। अंत में सभी प्रतिभगियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा रिषिका चौधरी द्वारा सफल आयोजन हेतु सभी विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

Photos from Agriculture University, Kota's post 10/06/2026

उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, झालावाड़ में हार्टफुलनेस प्रशिक्षण शिविर का समापन

कृषि विश्वविद्यालय, कोटा के संघटक महाविद्यालय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, झालावाड़ में छात्र कल्याण निदेशालय, कृषि विश्वविद्यालय, कोटा के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय हार्टफुलनेस प्रशिक्षण शिविर का समापन उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन विद्यार्थियों में मानसिक संतुलन, एकाग्रता, आत्मविश्वास तथा सकारात्मक जीवन मूल्यों के विकास के उद्देश्य से किया गया था।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय के कार्यवाहक अधिष्ठाता डाॅ. जितेन्द्र सिंह ने प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तीन दिवसीय हार्टफुलनेस प्रशिक्षण शिविर में हार्टफुलनेस संस्थान के श्री केदार लाल बडोदिया जी ने विद्यार्थियों को मेडिटैशन के तीन चरण क्रमशः ध्यान, क्लिनिंग एवं प्रार्थना के बारे में विस्तार से प्रयोग द्वारा समझाया। समापन सत्र में कालीसिंध परियोजना के एक्जीक्यूटिव इंजिनियर श्री आकाश जी ने विद्यार्थियों को नियमित ध्यान एवं आंतरिक विकास की प्रक्रिया को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए और बताया कि ध्यान अभ्यास से उनकी एकाग्रता, आत्मविश्वास तथा मानसिक शांति में वृद्धि हुई है। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उनके व्यक्तिव विकास एवं जीवन कौशल से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
कृषि विश्वविद्यालय, कोटा के निदेशक छात्र कल्याण डाॅ. विरेन्द्र सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय एवं हार्टफुलनेस संस्थान के मध्य समझौता ज्ञापन होने से विद्यार्थियों में भौतिकता एवं आध्यात्मिकता के मध्य सामंजस्य बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय से सप्ताह में कम से कम एक बार सामूहिक ध्यान आयोजित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Photos from Agriculture University, Kota's post 10/06/2026

कृषि विज्ञान केन्द्र, बून्दी द्वारा आत्मा, बून्दी के सहयोग से दो दिवसीय कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के 25 नवाचारी कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में फलदार बागवानी, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, संरक्षित पौधशाला, मृदा स्वास्थ्य, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा कृषि की नवीन तकनीकों पर वैज्ञानिकों द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही कृषकों की समस्याओं का समाधान किया गया एवं कृषि उत्पादन व आय वृद्धि के उपायों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान कृषकों को कृषि विज्ञान केन्द्र की विभिन्न सजीव इकाइयों का भ्रमण भी कराया गया।

Photos from Agriculture University, Kota's post 08/06/2026

A three-day meditation camp was launched today at the College of Horticulture and Forestry, Jhalawar, jointly organized by the Directorate of Students' Welfare, Agriculture University, Kota & the Heartfulness Education Trust, Rangpur, Kota. There introduced students and college staff to MoU of both the institutions and the meditation, however, Meditation trainer Sh. Kedarji Barodiya explained meditation deeply in the camp. Students and staff participated enthusiastically in the camp.

Photos from Agriculture University, Kota's post 08/06/2026

उन्नत अनुसंधान पद्धति एवं डेटा विश्लेषण विषयक सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
कृषि विश्वविद्यालय, कोटा के मानव संसाधन विकास निदेशालय द्वारा 1 से 7 जून, 2026 तक “कृषि विज्ञान में उन्नत अनुसंधान पद्धति एवं डेटा विश्लेषण” विषय पर सात दिवसीय स्ववित्तपोषित प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में किया गया, जिससे देशभर के प्रतिभागियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो सकी।
कार्यक्रम का उद्घाटन 1 जून, 2026 को कृषि विश्वविद्यालय, कोटा की कुलपति डॉ. बिमला डूकवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहायक महानिदेशक डॉ. कैराम नरसैया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के लगभग 25 राज्यों से कुल 288 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। प्रतिभागियों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, वैज्ञानिक, शोधार्थी, पीएच.डी. एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थी शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान कृषि अनुसंधान एवं सांख्यिकीय विश्लेषण के विभिन्न आयामों पर देश के ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों ने व्याख्यान प्रदान किए। प्रमुख वक्ताओं में डॉ. एन. एस. राठौड़, डॉ. एस. के. सोम, डॉ. वी. एस. राठौड़, डॉ. शितांशु ताखर, डॉ. एल. नेताजीत सिंह, डॉ. यशबीर सिंह शिवाय तथा डॉ. विकास पावडिया शामिल रहे। विशेषज्ञों ने अनुसंधान की आधुनिक प्रविधियों, प्रायोगिक डिजाइन, वैज्ञानिक लेखन, सांख्यिकीय तकनीकों तथा डेटा विश्लेषण के उन्नत उपकरणों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. बी. एल. ढाका के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. पीयूष चौधरी, डॉ. नीतू मेहता एवं डॉ. दिनेश कुमार ने आयोजन संबंधी सभी व्यवस्थाओं का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।
कार्यक्रम का समापन 7 जून, 2026 की सायंकालीन सत्र में हुआ। समापन समारोह की अध्यक्षता मानव संसाधन विकास निदेशक डॉ. डी. के. सिंह ने की, जबकि अनुसंधान निदेशक डॉ. एम. सी. जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में वक्ताओं ने अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने तथा कृषि विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्ता पर बल दिया।
अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने वाले सभी विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया गया।

Photos from Agriculture University, Kota's post 06/06/2026

कृषि विज्ञान केंद्र, कोटा द्वारा खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
कृषि विज्ञान केंद्र, कोटा द्वारा दिनांक 06 जून 2026 को खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत ग्राम अरंडखेड़ा/बालापुरा, पंचायत समिति लाडपुरा में किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 50 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, कोटा की वैज्ञानिक सुश्री ऋषिका चौधरी, कृषि अनुसंधान केंद्र, उम्मेदगंज के प्राध्यापक डॉ. जे. पी. तेतरवाल तथा कृषि पर्यवेक्षक सुश्री राशि कुमारी उपस्थित रहीं।
विशेषज्ञों द्वारा किसानों को फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन तथा खरीफ फसलों में अपनाई जाने वाली उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही खेत बचाओ अभियान के उद्देश्यों एवं फसल सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया तथा उन्हें वैज्ञानिक सलाह प्रदान की गई। किसानों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेकर कृषि विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।

06/06/2026
Photos from Agriculture University, Kota's post 06/06/2026

हार्टफुलनेस कैंप का समापन, विद्यार्थियों ने सीखे एकाग्रता और सकारात्मक जीवन के सूत्र
कृषि महाविद्यालय, हिंडोली-बूंदी में छात्र कल्याण निदेशालय, कृषि विश्वविद्यालय, कोटा एवं हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट, कोटा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय हार्टफुलनेस कैंप का शनिवार को समापन हुआ। समापन अवसर पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एन. एल. मीणा ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच एवं आत्मिक शांति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ध्यान एवं योग को नियमित जीवन में अपनाकर विद्यार्थी तनावमुक्त और एकाग्र जीवन जी सकते हैं। छात्र कल्याण निदेशक, कृषि विश्वविद्यालय, कोटा डॉ. विरेन्द्र सिंह ने कहा कि हार्टफुलनेस (मेडिटेशन) विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं एकाग्रता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से सीखी गई बातों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। हार्टफुलनेस प्रशिक्षक डॉ. उमाकांत मिश्रा ने तीन दिनों तक विद्यार्थियों को ध्यान, मन नियंत्रण, आत्मिक जुड़ाव, योग एवं श्वसन अभ्यास का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान से मन शांत रहता है तथा कार्य क्षमता में वृद्धि होती है। शिविर में श्रीमती चादनी वरयानी, श्री विपुल मोदी, श्री पुष्पेन्द्र शर्मा, श्रीमती सरला कुशवाह, श्री चन्द्र प्रकाश नागर ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम संयोजक डॉ. हनुमान सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थी अक्सर तनाव और दबाव का सामना करते हैं, ऐसे में ध्यान एवं योग उन्हें मानसिक मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, अनुशासन एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी तथा कहा कि नियमित ध्यान से एकाग्रता और निर्णय क्षमता में सुधार होता है। अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ. हनुमान सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागियों ने भी इस प्रकार के कार्यक्रम को उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त कर्मचारियों ने भी भाग लिया।

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