24/01/2020
JNVBBK ALUMNI MEET 19th JANUARY 2020
ALL India Navodayan Association This is a National Association of NAVODAYANS to connect with each other.
24/01/2020
JNVBBK ALUMNI MEET 19th JANUARY 2020
15/01/2020
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For JNV BBK Alumni Meet 2020
19th Jan 2020
JNV BBK Alumni Meet 2020 JNV BBK Alumni Meet 2020 will be held on 19 Jan 2020 (Sunday)
08/01/2020
https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeFWbgF68lEqvHgtV-AQSxevINFEYPKbjQkJfeN9bLYbSbSVg/viewform?usp=sf_link
Kindly Fill the form for JNV BBK Alumni Meet 2020 ...Will be held on 19 JAN 2020
Vacancy for Accountant
Gomti Nagar Lucknow
Intrested candidate
Send their CV at
carish*[email protected]
10/11/2019
एएसपी के साथ शांति ववस्था बनाये रखने के लिए प्लैग मार्च किया ।
अजय द्विवेदी आईएएस
सीडीओ सोनभद्र
अनुष्का की मौत भोगांव नवोदय (U.P.)पर लगा अब तक का सबसे बड़ा कलंक है.
अनुष्का पांडेय 11वीं में थी. कल सुबह सीनियर गर्ल्स हॉस्टल में लटकी मिली.
रात करीब 11.30 बजे वो दूसरी लड़की के बेड पर जाती है और कहती है कि मुझे यहां सोना है. फिर नहीं सोती. रात 2 बजे तक हॉस्टल में घूमती रहती है.
करीब 6 बजे पीटी की व्हिसिल बजती है. यानी 2 से लेकर 6 बजे के बीच में अनुष्का के साथ जो भी हुआ (शारीरिक और मानसिक) उसी का परिणाम सुबह लड़कियों ने देखा.
शारीरिक मैंने इसलिए बोला कि उसके शरीर पर नीले निशान थे. जैसे कि किसी ने पीटा हो. उसके हाथ पर एक नंबर लिखा हुआ था. जब पुलिस आई तो उस मोबाइल नंबर के दो अंक किसी ने मिटा दिए थे.
स्कूल की प्रिंसिपल सुषमा सागर से तुरंत रिजाइन लेना चाहिए. और उनसे पूरी पूछताछ करनी चाहिए. मैंनपुरी नवोदय में ऐसा हो गया इस पर यकीन करना मुश्किल है.
अनुष्का के मामले में जो बातें निकलकर सामने आ रही हैं वो डरावनी हैं. छात्राओं ने मीडिया को बताया है कि 8वीं क्लास में अनुष्का ने किसी लड़की की भुजिया खा ली थी.
लड़की ने वार्डन से शिकायत कर दी. वार्डन ने सभी लड़कियों से अनुष्का को एक-एक थप्पड़ मारने को बोला. 48 लड़कियों ने अनुष्का को एक-एक थप्पड़ मारा. इसके बाद गर्ल्स हॉस्टल में कुछ भी चोरी होता था तो सब अनुष्का को पकड़ते थे. यहां तक कि लड़के भी उस पर कमेंट करते थे.
अगर ये सच है तो ये तो 'लिंचिंग क्लास' हो गई. अगर ये सच है तो ये हमारा नवोदय नहीं है. ऐसा तो हमारा नवोदय कभी नहीं था. जो भी वार्डन उस टाइम पर रही हो. उसके ख़िलाफ़ FIR दर्ज होनी चाहिए. उस वक्त के प्रिंसिपल से भी इसका जवाब मांगा जाना चाहिए.
नवोदय वाले जानते हैं कि सुसाइड या खुद को चोट पहुंचाने जैसा सोचने का टाइम हमें नहीं मिलता था. लेकिन पिछले दिनों में एक के बाद एक कई मामले ऐसे आ रहे हैं जिसमें स्कूल के अंदर बच्चे सुसाइड कर रहे हैं.
कुछ दिन पहले पीलीभीत नवोदय में एक लड़के ने सुसाइड की. अभी पिछले दिनों कन्नौज नवोदय में एक लड़की ने आत्महत्या कर ली. और अब अनुष्का ने.
इंडियन एक्सप्रेस ने आरटीआई के हवाले से एक ख़बर छापी थी कि 2013-17 के बीच में 49 नवोदय के छात्र/छात्राओं ने सुसाइड की.
इसके पीछे कारण क्या है ? नवोदय विद्यालय समिति को इस पर सोचना पड़ेगा. काउंसलिंग करानी पड़ेगी. लेकिन जितना मैं नवोदय, जीवन और मनोवैज्ञानिकता को समझता हूं. मेरे दिमाग में कुछ बातें आ रही हैं.
जैसे-
1.टीचिंग स्टाफ को हाउस मास्टर बनाने के बजाय परमानेंट हाउस वार्डन रखना चाहिए. जोकि नॉन टीचिंग स्टाफ की कैटेगरी में आए.
2. 2 मेल और 2 फीमेल काउंसलर हर स्कूल में होने चाहिए. जो बच्चों को बता सकें कि बाउंड्री के अंदर ही दुनिया समाप्त नहीं हो जाती. इस छोटी-सी
जगह में हो रही घटनाओं को जीवन और मौत का सवाल ना बनाया जाए.
3. छात्र/छात्राओं के माता-पिता को PTM में ये बताओ की नवोदय में आने के बाद भी आपका लड़का या लड़की आम लड़के/लड़कियों की तरह ही हैं. उनसे इतनी उम्मीदें मत रखो कि वो तारे तोड़ लाएंगे.
4. हर तरह के प्रेशर से उन्हें मुक्त करने की कोशिश होनी चाहिए. टीचर्स का प्रेशर. सीनियर्स का प्रेशर. घर का प्रेशर. नवोदय में आ गए तो दुनिया जीत ली का प्रेशर. इसके लिए NVS को विशेष प्रयास करने चाहिए.
5. ये वो उम्र होती है जब हम किशोरावस्था में प्रेशर करते हैं. तमाम तरह के परिवर्तन शरीर में हो रहे होते हैं जो समझ से परे होते हैं. इन परिवर्तनों को समझने के लिए उन पर बात करने के लिए. उनकी वैज्ञानिकता बताने के लिए. खुलकर बात होनी चाहिए. उन्हें बताना चाहिए कि ये जो हो रहा है उसके मायने क्या हैं ? उसे कैसे डील करना है.
6. लड़के और लड़कियों के बीच में जो तलवार रखकर प्रशासन बैठा रहता है ये मतलब बहुत बाहियात है. पाबंदियां ही गलत करवाती हैं. रोक लगाने का मतलब है कि आप उनसे कह रहे हो कि ये रास्ता बंद है दूसरा रास्ता लो जिसमें कि ख़तरे हैं.
7. बच्चों को उस बाउंड्री से बाहर निकालिए. उन्हें ले जाइए लोगों के बीच में. लोगों से उन्हें मिलवाइए. बात करवाइए. बताइए. समझाइए. जिंदगी की असल परीक्षा बाउंड्री के बाहर होती है.
मुझे हमेशा से ही नवोदयन होने पर प्राउड रहा है. मेरा व्यक्तित्व है उसमें नवोदय का बड़ा योगदान है.
नवोदय के बार में अच्छी ख़बरें आती हैं तो गर्व होता है.।दिल खुश होता है लेकिन जब ऐसी ख़बरें आती हैं तो दिल बैठ जाता है.
कल दिनाँक 16/09/2017 को एक ह्रदय विदारक घटना सामने आई
*जवाहर नवोदय विद्यालय भोगाँव मैनपुरी उत्तर प्रदेश की कक्षा 11विज्ञान की छात्रा अनुष्का पांडे ने फांसी लगा कर आत्मा हत्या कर ली ,यह घटना किसी भी नवोदयन को अंदर तक झकझोर देने वाली है ।
*अब बात करते है कि ये घटनाक्रम कहाँ से शुरू हुआ और किस मुकाम पर ले कर आ गया और विद्यालय प्रशासन की कमजोर कड़ी कहाँ कहाँ प२ हैं:-
*चूंकि घटना विद्यालय परिसर की है तो दोषी विद्यालय प्रशासन ही है ,
चूंकि छात्रा आवास में पुरूष शिक्षक नहीं जा सकते परंतु विद्यालय का प्राचार्य महिला होते हुए भी ये सब हुआ लो सोचनीय है ।
*वैसे तो प्रधानाचार्या छात्र सदनों में साल में दो चार बार ही जाती है,तो फिर वो कर क्या रहीं हैं विद्यालय में ।
*जैसा कि अब इस घटना के बाद एक अन्य घटना सामने खुल कर आ २ही है ,कि छात्रा पर आठवीं कक्षा में नमकीन चुराने पर सजा के रूप में सदन की सभी छात्राओं से थप्पड लगवाए गए ,
और इस तरह छात्रा को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का दौर शुरु हुआ और ये सब करवाने वाला कोई और नहीं तात्कालीन नर्स और सदनाध्यक्षा शारदा यादव थीं ,
जिसे विद्यालय के बच्चे की हर पीडा के समाधान हेतु रखा गया था वो स्वयं अपने सामने किसी बच्चे को पीड़ा(शारीरिक एवं मानसिक) दिलवा रहीं थी
*और जैसा कि शुरूआती दौर से चला आ रहा है कि छात्रा सदन की घटनाएँ चाहरदीवारी के अंदर ही दिन कर दी जाती हैं तो ऐसा ही इस बार भी हुआ और यह घटना फिलहाल यहीं दबकर रह गयी।
* यद्यपि हम उस वक्त 11 कक्षा में थे तो ऐसी कोई घटना हमें सुनने को नहीं मिली।
*यहीं से छात्रा मानसिक तनाव में रहनें लगी ,अब की हर छोटी बडी घटना को इसी छात्रा से जोडा जाने लगा।
और परिणाम मौत।
*जवाहर नवोदय विद्यालय अंबेडकर नगर के छात्रों से ज्ञात हुआ कि प्राचार्या सुषमा सागर मैम का लडकियों के साथ शुरुआत से ही जरूरत से ज्यादा सख्त व्यवहार रहा है ।
वो हमेशा लडकियों को दोषी मानती हैं।
ऐसे माहौल में लड़कियॉ क्या करें ,
*विद्यालय प्रशासन खुद का बचाव कर रहा है ओर इल्जाम तथाकथित छात्रों पर डाल रहा है ।
*Sucide note के दो पंन्ने कहाँ गायब हैं?
*Sucide note को खोला क्यों नहीं जा रहा?
*Courtyard में इतने ऊंचाई पर दुपट्टा बंधा कैसे?क्योंकि छात्रा अकेली इतनी ऊँचाई पर दुपट्टा बाँध ही नहीं सकती ।
और कभी भी पंखे की रॉड मे दुपट्टा बाँध कर देखना ,दुपट्टा फिसलता है ।
*छात्रा के शरीर पर चोट के निशान होने के बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या क्यों?
*हाथ पर लिखा फोन नंबर किसने मिटाया?
*शायद विद्यालय प्रशसन की कमियों को उजागर करने वाले या दोषी ठहराने वाले ही वो दो पन्ने गायब हों।
*कभी सोचा है कि कोई व्यक्ति दो बजे फाँसी पर लटक कर सुबह छः बजे तक जीवित रह सकता है ।
जैसा कि प्राचार्या जी कह रहीं हैं कि हम जब लेकर आए थे तो जिंदा थी लडकी और बाद में उसकी हस्पताल में मौत हो गयी।
अब बात करते है प्रशासन के द्वारा उठाए गए अनुचित कदमों के बारे में:-
*कक्षा छः और सात की छात्राओं के बालों को छोटा जबरदस्ती छोटा कराया जाना।
*अगर कोई कक्षा छः की छात्रा किसी कारणवश मोर्निंग असेंबली प्रेयर में late हो जाती हैं तो उसे पूरे विद्यालय के सामने Female PT Teacher द्वारा CHARACTER LESS बोला जाना क्या ठीक है, वो छठे कक्षा की बच्ची जिसे शायद character word का सही से अर्थ भी पता न हो , ऐसा क्यों?
*जानकारी के लिए बता दे ये वही शारिरिक शिक्षिका हैं जो विगत वर्ष कन्नौज नवोदय में हुई लडकी के मौत के गुनेहगारों में सम्मलित थीं
*आज सुबह जब छात्र घटना संबंधित प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का रहे थे तो पहले तो कोई मीडिया कवरेज नहीं था ,परंतु जब हल्की फुल्की तोडफोड शुरू हुई तो विद्याल्य स्टाफ ने बीडियो बना ली तथा
बाद में पुलिस द्वारा धमकाया गया कि अगर धरना प्रदर्शन खत्म नहीं किया गया तो वीडियो के आधार पर छात्रों के ऊपर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के जुर्म में कार्यवाही होगी तथा भविष्य अंधकार में डाल दिया जाएगा।
*लखनऊ संभाग के AC M.P. RAJAN मैनपुरी से ही वापस चले गए या विद्यालय प्रशासन द्वारा लौटा दिए गए ।
*D.C.सर ने भी अभी तक विद्यालय में आने से परहेज किया हुआ है ।
छात्रों से वीडियो कॉल के जरिए समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है , परंतु छात्रों की मॉग है कि समिति के आला अधिकारी आकर छात्रों की समस्याओं को सुनें।
*कुल मिलाकर विद्यालय प्रशासन के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हई है और ना ही अभी तक समिति का कोई अधिकारी वहाँ पहुँचा है।
* अभी तक कोई राज्य या राष्ट्रीय स्तर का न्यूज रिपोर्टर नहीं पहुंचा है विद्यालय में।
अब समय आ चुका है कि सभी पूर्व छात्रों को मिल कर कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए अन्यथा हम जिस संस्कृति में पले बड़े हैं वो पतन की ओर अग्रसर हो चुकी है
इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे और हमारी बहन अनुष्का पांडेय को न्याय दिलाएं....🙏🙏🙏
भगवान गुड़िया की आत्मा को शांति दे...!!!
*"नवोदय के विद्यार्थियों हेतु फ्री IAS कोचिंग"*
By-T. N. Kaushal
(Ex. Indian foreign service officer)
जे.एन.वी. कानपुर(98 बैच पासआउट)
तीन बार UPPCS और दो बार IAS में चयनित।
मेरे मार्गदर्शन द्वारा पिछले पाँच वर्षों के दौरान 200 से अधिक अभ्यर्थियों का IAS/PCS में चयन!
प्रथम चरण में विभिन्न राज्यों से 22 विद्यार्थियों का चयन किया गया जो कि वर्तमान में लखनऊ में रहकर तैयारी कर रहें हैं।
सूचना से वंचित रह गए विद्यार्थियों के आग्रह पर मैं इसका दूसरा चरण शुरू करने जा रहा हूँ।जिसमें अधिकतम 30 अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।
*नियम/शर्तें*-
1. केवल जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों के लिए
2. Stritcly *NO LEAVE COURSE* , इसलिए गंभीर स्टूडेंट ही भाग लें।
3. 1 वर्ष तक कोई अन्य परीक्षा (IAS/PCS /आयोग की परीक्षा को छोड़कर) नहीं दे सकते।
4.प्रशिक्षण का स्थान केवल लखनऊ है।
5. स्वयं द्वारा भोजन / आवास की व्यवस्था।
Details-
1. कोर्स की अवधि- 12- 14 महीने
2. IAS/PCS पर फोकस लेकिन अन्य परीक्षाएं भी दे सकते हैं जो *लोक सेवा आयोगों* द्वारा आयोजित की जाती हैं।
3. प्रत्येक छात्र को सप्ताह में 10 घंटे की सोशल सर्विस देनी होगी (यह पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगी - यह मेरा आश्वासन है।)
4.माध्यम -हिंदी व अंग्रेजी
*जो अभ्यर्थी पूर्व में इस प्रक्रिया के प्रथम चरण में शामिल हो चुके हैं, उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी*
आगे की प्रक्रिया हेतु इस ग्रुप को जॉइन करें-
https://chat.whatsapp.com/FmGsisWCQ1YD95fMPZgCx2
किसी भी अन्य मदद के लिए संपर्क करें ।
चिन्मय शर्मा-9968363303
महेंद्र पूनिया-8290022282
नवनाथ लोखंडे-9579890389
शिवम चौधरी-8004364443
( *कोई व्यक्तिगत संदेश नहीं।*)
मंजिल IAS एकेडमी,
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
28/06/2019
13/12/2016
23/11/2016
aerial view of Academic Block