11/10/2014
नासा ने मंगल ग्रह की दो अलग अलग तस्वीरें जारी की हैं
स्कवेयर का कहना है कि इस पत्थर का नाम "पिनेकल रॉक" रखा गया है और हो सकता है कि जब रोवर वहां चहलकदमी कर रहा था, तो कहीं मुड़ते वक्त इसने वहां बिछी विशाल पत्थर की परत को तोड़ दिया और उससे छिटक कर यह सामने आ गया. हालांकि वैज्ञानिकों को वह गड्ढा नहीं मिल रहा है, जहां से यह पत्थर निकला होगा. अनुमानों का दौर चल रहा है, "हो सकता है कि यह रोवर के किसी हिस्से से छिपा हो." अब रोवर को हिला डुला कर उस गड्ढे की तलाश की कोशिश हो रही है. लेकिन इसका रंग ऐसा क्यों है, स्कवेयर कहते हैं कि मानव आंखें ऐसी सतह को देख रही हैं, जो पहले कभी नहीं देखी गई, "ऐसा लगता है कि सामने आने से पहले यह पलट गया है. अगर ऐसा हुआ है, तो हम सिर्फ सतह देख रहे हैं. यानी पत्थर के अंदर का हिस्सा. ऐसा हिस्सा, जिसने करोड़ों साल से बाहरी वातावरण को नहीं देखा होगा." इस पत्थर में सल्फर, मैगनीशियम और मैगनीज दिख रहा है. अब इसे नापने का काम चल रहा है.
मंगल ग्रह की हर छोटी बड़ी चीज कौतूहल पैदा करती है. हाल के दिनों में मनुष्य इस लाल ग्रह के काफी पास पहुंचा है और इस वजह से भी कौतूहल बढ़ता है. भारत ने पिछले साल एक मंगलयान इस ग्रह की तरफ भेजा है, जो इस साल सितंबर तक वहां पहुंच जाएगा.