03/05/2021
प्रिय विद्यार्थियों,
उम्मीद है कि आप सभी सपरिवार स्वस्थ और कुशल मंगल होंगे। कोरोना वायरस के रूप में संपूर्ण विश्व और मानवता के लिए एक मुश्किल और चुनौतीपूर्ण दौर है।
भारत में अभी कोरोना की दूसरी लहर अपने चरम पर है जो बेहद घातक और जानलेवा है। इसमें हमारे अपने हमसे बिछुड़ रहे हैं। संसाधनों का अभाव इसे और ज्यादा खतरनाक बना रहा है।
प्यारे दोस्तों,
एक ओर जहां स्वास्थ्य की समस्या है तो दूसरी ओर तमाम आर्थिक गतिविधियां भी लगभग थम सी गई हैं। स्कूल कॉलेज में भी लगभग ब्रेक लग गए हैं। विभिन्न Entrance exam और competitive exams भी postpone हो रहे हैं। इससे शिक्षा का भी व्यापक नुकसान हो रहा है।
लेकिन मुश्किल दौर में ही किसी व्यक्ति, परिवार, समाज और देश की वास्तविक परीक्षा होती है। कठिन घड़ी में ही हमें अपनी कमियों और मजबूतियों का पता चलता है और साथ ही ये अवसर देता है खुद का परीक्षण और analysis कर खुद में सुधार करने का, खुद को मजबूत बनाने का।
साथ ही ये समय है अपनों के साथ खड़े होने का। इस हालात में सहयोग (help), करुणा (compassion), सहानुभूति (sympathy) और समानुभूति (empathy) जैसे गुण हमें इस परिस्थिति से निपटने में सहायक होंगे। इसलिए हम भी इन गुणों का अपने में विकास करें।
हम निम्न कुछ उपायों को अपनाकर भी इस समय अपना योगदान कर सकते हैं-
1. खुद और अपने परिवार में सभी सावधानियों का पालन करें। बाहर कम से कम जाएं, मास्क पहनें, हाथ धोएं।
2. Immunity boost करने के लिए अपना खान पान बेहतर करें और नियमित exercise, प्राणायाम आदि करें। हम खुद और अपने परिवार को स्वस्थ रखेंगे तो हम हॉस्पिटल और प्रशासन के लिए liability नहीं बल्कि asset साबित होंगे। ये समाज की सबसे बड़ी सहायता होगी।
3. अपने मित्रों, रिश्तेदारों, परिचितों से फ़ोन, वीडियो कॉल के माध्यम से लगातार संपर्क में रहें। शारीरिक दूरी बनानी है लेकिन सामाजिक निकटता बढ़ानी है (Physical distancing not social distancing)
4. हम समाधान का हिस्सा बनें न कि समस्या का। इसलिए पैनिक create नहीं करना, अफवाह से बचना है। तबियत खराब होने पर तुरंत जरूरी उचित उपाय करना है न कि डरना या घबड़ाना है। संसाधन बेशक कम हैं लेकिन यदि हम शुरुआती अवस्था (Primary Stage) में ही alert होकर इलाज करते हैं तो हॉस्पिटल आदि की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
5. चूंकि दुख या दुर्घटना ही खबरें बनती हैं। बीमार होना खबर है लेकिन ठीक होना खबर नहीं बनती। इसलिए ये काम हम कर सकते हैं। अपने दोस्तों, सोशल मीडिया पर सकारात्मक खबरों को प्रसारित करें।
6. जागरूक और सतर्क रहें।
इस दौरान अपनी पढ़ाई और व्यक्तिगत विकास के लिए भी हम कुछ कर सकते हैं जिससे समय का सदुपयोग भी होगा और कोरोना से लड़ने में भी आसानी होगी-
1. अपनी पढ़ाई, काम को पुनः व्यवस्थित करने की योजना बनाएं। अपना SWOT analysis (Strength, Weakness, Opportunity, Threat) करें।
2. अपनी किसी एक रुचि (hobby) को समृद्ध (enrich) करें। कोई hobby नहीं है तो बनाएं।
3. Internet की मदद से कोई एक नई skill सीखें। ये व्यक्तिगत विकास के लिए भी हो सकती है, आपकी तैयारी में मदद करने वाली भी हो सकती है या profession में मदद के लिए भी हो सकती है। जैसे- कोई नई भाषा, कंप्यूटर skill, communication skill, english हिंदी typing, मोबाइल और इंटरनेट का अपने काम, पढ़ाई के लिए उपयोग etc
4. Physically खुद को improve करना
5. Syllabus से अलग कोई 1 बुक पढ़ना
ऊपर कुछ चीजें सुझाव के तौर पर बताई गई हैं। इसमें हम अपनी परिस्थिति समय स्थान के अनुसार चीजें जोड़ घटा सकते हैं।
जल्द ही देश समाज और हम सब मिलकर इस चुनौती से भी पार पाएंगे और फिर मिलेंगे नए जोश, नई उम्मीदों के साथ।
'There was never a night or a problem that could defeat sunrise or hope.'
सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया।
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