05/03/2020
बिना छल कपट का साफ़ दिल की वो उम्र जब दुनियादारी की कोई फ़िक्र नही होती | भोले भले बच्चे और उनके मासूम इरादे | चीजो को जानने की चाह और पंख फैला कर उड़ने की ललक | इसी मासूम बचपन पर हम कुछ दिल को छूने वाली शायरी और मेसेज आपके लिए लाये है
जितनी बुरी कही जाती है उतनी बुरी नहीं है दुनिया
बच्चों के स्कूल में शायद तुम से मिली नहीं है दुनिया
मन करता है , इन बच्चो पर मण भर खुशियाँ लुटाऊ मैं |
जी करता है एक बार , फिर से बच्चा बन जाऊ मैं ||