20/03/2024
चुनाव जीता या हारा ये बात महत्व नहीं रखती ।
महत्व रखती है वो परिस्थिति, परिवेश, संघर्ष व सम्मान जिन को साथ में लेकर आपने चुनाव लङा है ।
अगर आप ने चुनाव लङा और जीत गये तो ये बात कुछ अरसे के बाद जनता दिमाग से हटा देगी लेकिन वही चुनाव आपने जन-मानस के दिलों में जगह बना कर, जनता के सुख-दुःख में भागीदार बनकर , अंतिम पंक्ति में बैठे आदमी को साथ लेकर लङकर जिता है तो उसकी मिसाले सदियों तक दि जाती है ।
आज हि का वाक्या है मौका था श्री प्रेम सिंह जी बाजौर के सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष बनने पर आयोजित किये गये समारोह का हजारों कार्यकर्ता और भारतीय जनता पार्टी के उच्च स्तरीय नेताओं से आयोजन स्थल भरा हुआ था सब नेता व कार्यकर्ताओ ने बारी बारी से सभा को संबोधित किया व आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सभी ने अपने - अपने विचारों से अवगत कराया ।
जब नवनियुक्त सैनीक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष व भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता श्री प्रेम सिंह जी बाजौर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे बीच में एक ऐसा नौजवान उपस्थित है जो अगर बिना किसी राजनीतिक पार्टी की टिकट लिए बगैर भी चुनाव लङता तो 70 - 80 हजार वोटों से चुनाव जीतता अंत हम सब को इस नौजवान से कुछ सीखने की आवश्यकता है
ये बात उन्होंने हमारे खंडैला से लाडले विधायक सुभाष जी मील के लिये बोली वही दूसरी तरफ तीन बार के सांसद श्री सुभाष जी महरिया ने कहा कि पहले ही दिन ये नौजवान विधानसभा में ऐसा दहाड़ा जिससे अच्छे अच्छे दिग्गजों के हल्क सुक गये ।
ये संबोधन सुभाष जी मील के लिये बोले गये इन्हे सुनकर आत्म संतुष्टि चरम पर पहुंच गई और फक्र हुआ कि में एक ऐसे संघर्षशील नौजवान के साथ जुड़ा हुआ हूँ जिनके संघर्ष के किस्से कहानियां लोग अपनी आने वाली पीढ़ीयो को सुनायेंगे ।
#सुभाष_जी_मील_खण्डेला