05/01/2026
राजमाता माधुरी देवी की 13 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया गया
This College is one of the best Teachers Training College in Bihar for B.Ed. (100 seats) & D.EI.Ed. (100 seats).
Formally affiliated with the prestigious Aryabhatta Knowledge University (AKU) in Patna.
05/01/2026
राजमाता माधुरी देवी की 13 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया गया
*शैक्षणिक व अनुभव भ्रमण के संदर्भ में सूचना*
प्रिय प्रशिक्षुगण,
नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं!
कॉलेज प्रबंधन हमेशा से ही आप सभी के सर्वांगीण विकास और उज्जवल भविष्य के लिए अपनी शैक्षणिक प्रतिबद्धता को सर्वोपरि रखता आया है। हमारी यह अकांक्षा है कि हमारे प्रशिक्षुगण और भावी शिक्षक केवल उत्कृष्ट किताबी ज्ञान से ही सज्जित न हों, बल्कि उन्हें समाज के बच्चों, किशोरों और युवाओं को एक व्यापक, बहुआयामी दृष्टिकोण, गहन सामाजिक समझ और उत्कृष्ट व्यावहारिक एक्सपोजर भी प्रदान करने में सक्षम हों। इसी दूरदर्शी विजन और हमारी अकादमिक उत्कृष्टता की खोज के तहत, हम इस वर्ष के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण, ज्ञानवर्धक और विस्तृत शैक्षणिक एवं अनुभव भ्रमण का आयोजन करने जा रहे हैं। इसका उद्देश्य क्लासरूम की चारदीवारी से परे, वास्तविक दुनिया के शासन, समाज और संस्कृति के जटिल पहलुओं से आपका सीधा परिचय कराना है।
प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक भ्रमण की विस्तृत रूपरेखा निम्नलिखित है:
यह प्रस्तावित शैक्षणिक भ्रमण फरवरी माह (संभावित तिथि: फरवरी 2026 का दूसरा या तीसरा सप्ताह) में आयोजित होने की संभावना है। यह एक ऐसी यात्रा होगी जो प्रशिक्षुओं को उनके सैद्धांतिक शैक्षणिक पाठ्यक्रम से परे, भारत के एक राज्य के वास्तविक दुनिया के अनुभवों से जोड़ने का एक अभूतपूर्व अवसर प्रदान करेगी।
जैसा आप परिचित हैं हीं कि मैं दिसंबर माह के तीसरे सप्ताह में कुछ हफ्तों के लिए दिल्ली आ गया था, इसलिए यह संभव है कि मेरी व आपकी मुलाक़ात अब सीधे छत्तीसगढ़ में हो।
भ्रमण का मुख्य केंद्र: छत्तीसगढ़ राज्य – शासन, संस्कृति और समाज का संगम:—
इस वर्ष के अध्ययन और अनुभव भ्रमण के लिए, हमने भारत के केंद्र में स्थित, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध, ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण और प्रशासनिक रूप से गतिशील राज्य छत्तीसगढ़ को चुना है। यह भ्रमण प्रशिक्षुओं को राज्य के शासन-प्रशासन की जटिलताओं, सामाजिक-सेवा के उत्कृष्ट मॉडलों, समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली विरासत के विभिन्न आयामों को अत्यंत गहराई से समझने का अवसर देगा। छत्तीसगढ़ का चयन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राज्य भारत की आदिवासी संस्कृति और आधुनिक शासन व्यवस्था का एक अनूठा समागम प्रस्तुत करता है।
I. प्रशासनिक एवं नीति-निर्माण अनुभव: लोकतंत्र के केंद्र को समझना:—
प्रशिक्षुओं को देश की सर्वोच्च प्रशासनिक और नीति-निर्माण प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराने के लिए निम्नलिखित सत्रों का आयोजन करने का प्रयास किया जाएगा:
माननीय मुख्यमंत्री जी के साथ शिष्टाचार भेंट: छत्तीसगढ़ राज्य के माननीय मुख्यमंत्री जी के साथ एक शिष्टाचार भेंट और औपचारिक मुलाकात का विनम्र प्रयास किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, राज्य के मुख्य नीति-निर्माण केंद्र—मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और उनके सरकारी आवास—का भी नियोजित भ्रमण किया जाएगा, ताकि राज्य के शीर्ष नेतृत्व के कार्य-संचालन की प्रणाली, निर्णय लेने की प्रक्रिया और शासन की प्राथमिकता को समझा जा सके।
माननीय वित्तमंत्री जी के साथ शिष्टाचार भेंट:—
छत्तीसगढ़ राज्य के माननीय वित्तमंत्री जी के साथ एक शिष्टाचार भेंट और औपचारिक मुलाकात का विनम्र प्रयास किया जाएगा। राज्य के वित्त मामलों इत्यादि के संदर्भ में ज्ञान प्राप्त करने के लिए उनके साथ इंटरएक्टिव चर्चा आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा।
सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा:—
राज्य के सर्वोच्च भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों (मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव) के साथ विशेष मुलाकातें और इंटरैक्टिव चर्चाएं आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक नीति निर्माण की प्रक्रिया, शासन-प्रबंधन की चुनौतियों, जटिल प्रशासनिक निर्णय लेने, और कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की व्यावहारिक जटिलताओं को समझना होगा।
कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा की समझ:—
छत्तीसगढ़ राज्य के डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) IPS, स्तर व अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर राज्य की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों, नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्याओं के प्रबंधन, कानून व्यवस्था बनाए रखने के तंत्र और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर चर्चा आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इस प्रकार के सत्र भावी शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा के महत्व को समझने में मदद करेंगे।
यह भी प्रयास रहेगा कि यदि समय व संभावना रहे तो आपकी मुलाक़ात NIA, IB जैसी भारत की सर्वोच्च संस्थाओं में उच्च पदों में कार्यरत रह चुके वरिष्ठ IPS अधिकारियों से आपकी मुलाक़ात व चर्चा हो।
पद्मश्री विभूषित हस्तियों से प्रेरणा:—
छत्तीसगढ़ राज्य की उन महान विभूतियों और रोल मॉडल्स से मुलाकातें और संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक “पद्मश्री” से विभूषित किया गया है। इन विशिष्ट हस्तियों के जीवन-संघर्ष, समाज सेवा में उनके अद्वितीय योगदान, और राष्ट्र निर्माण की दिशा में उनके समर्पण से प्रेरणा प्राप्त करना इस भ्रमण का एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक अंग होगा।
राजघरानों की विरासत और आधुनिक समाज में भूमिका:—
छत्तीसगढ़ के कई प्रतिष्ठित राजघरानों के वर्तमान सदस्यों से औपचारिक मुलाकातें व चर्चाएं आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में उनकी भूमिका, तथा आधुनिक, लोकतांत्रिक समाज में उनके सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान को समझना होगा।
जमीनी स्तर पर शासन-प्रशासन का अवलोकन:—
कई आदिवासी बहुल जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस-प्रमुख अधिकारियों (SP) से मुलाकात और विस्तृत चर्चाएं आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। यह अत्यंत महत्वपूर्ण सत्र प्रशिक्षुओं को सुदूर, चुनौतीपूर्ण और पिछड़े क्षेत्रों में शासन चलाने की व्यावहारिक कठिनाइयों, विकास कार्यों को लागू करने की रणनीति, और सामाजिक-आर्थिक समस्याओं के समाधान की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करेगा। यह भारत की विविधतापूर्ण प्रशासनिक संरचना को समझने का अवसर होगा।
II. प्राकृतिक सौंदर्य और जनजातीय समाज से जुड़ाव: भारत की आत्मा से परिचय
विशाल जलप्रपातों का देशाटन:—
भारत के सबसे बड़े और विस्मयकारी जलप्रपातों जैसे चित्रकोट जलप्रपात (भारत का नियाग्रा) में से कुछ का देशाटन किया जाएगा। यह प्रकृति के विशाल और मनमोहक स्वरूप का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय वन अभ्यारण्यों का भ्रमण:—
कई प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध राष्ट्रीय वन अभ्यारण्यों का देशाटन किया जाएगा। इस दौरान प्रशिक्षुओं को जैव विविधता के महत्व, वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों और भारत की समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र की गहरी समझ प्राप्त होगी।
आदिवासी समाज और संस्कृति से सीधा संवाद:—
घनघोर आदिवासी क्षेत्रों के मूल आदिवासी समाज के लोगों से सीधी मुलाकात और इंटरैक्टिव चर्चा आयोजित की जाएगी। इसका प्राथमिक उद्देश्य उनकी पारंपरिक जीवनशैली, अद्वितीय सामाजिक संरचना, सदियों पुराने ज्ञान और वर्तमान की आधुनिक चुनौतियों को सहानुभूतिपूर्वक समझना है।
पारंपरिक आदिवासी भोजन का अनुभव:—
प्रशिक्षुओं को स्थानीय, पारंपरिक आदिवासी भोजन (जैसे मंडिया पेजा, इत्यादि) का प्रामाणिक अनुभव कराया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय खान-पान का एक अभिन्न अंग है।
III. सांस्कृतिक समागम और आतिथ्य: विरासत का अनुभव
राजमहलों में आतिथ्य एवं विश्राम (प्रयास और उपलब्धता पर निर्भर):—
हमारा विशेष प्रयास रहेगा कि आप लोगों को छत्तीसगढ़ के कई ऐतिहासिक राजमहलों का न केवल ज्ञानवर्धक भ्रमण कराया जाए, बल्कि इन स्थानों पर आपको विश्राम करने और भोजन का भी विशिष्ट अवसर मिले। हालांकि, यह सुविधा इन स्थानों की उपलब्धता, यात्रा कार्यक्रम के समय की पाबंदी और अन्य सुरक्षा-व्यवस्थाओं पर ही अंतिम रूप से निर्भर करेगी।
पारंपरिक समारोहों का अवलोकन:—
फरवरी माह छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज के द्वारा कई महत्वपूर्ण पारंपरिक बड़े समारोहों और मेलों के आयोजन का समय होता है। हमारा प्रयास रहेगा कि आपको इस प्रकार के जीवंत और रंगारंग समारोहों का प्रत्यक्ष दर्शन भी कराया जाए, जो छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, नृत्य और संगीत की अद्भुत झांकी प्रस्तुत करते हैं। समारोहों की सटीक तिथि और अवलोकन की उपलब्धता की पुष्टि यात्रा के समय की जा सकेगी।
भ्रमण में सहभागिता एवं नामांकन:—
इच्छुक प्रशिक्षु व शिक्षक-गण जो इस ऐतिहासिक शैक्षणिक भ्रमण का हिस्सा बनना चाहते हैं, वे अपना नाम, विभाग और सहभागिता की पुष्टि जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेज के वार्डन, माननीय देवब्रत सिंह जी को सौंप सकते हैं। कृपया अपनी सहमति जल्द से जल्द दें, क्योंकि सीमित सीटों के लिए प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी।
आमंत्रण विस्तार पर विचार:—
शैक्षणिक व अनुभव भ्रमण का यह आमंत्रण अभी अपने टीचर-ट्रेनिंग कॉलेज के प्रशिक्षुओं तक ही सीमित है, लेकिन प्रबंधन वर्तमान में इस महत्वपूर्ण विषय पर भी गहन विचार कर रहा है कि क्या इस ज्ञानवर्धक शैक्षणिक भ्रमण के आमंत्रण को अपने मेडिकल-कैंपस के विभिन्न कोर्सेस के प्रशिक्षुओं और शिक्षकों के लिए भी विस्तारित किया जाना चाहिए या नहीं। इस संबंध में अंतिम निर्णय, संभावित सीटों की संख्या और आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद, शीघ्र ही आप सभी को औपचारिक रूप से सूचित किया जाएगा।
यह भ्रमण न केवल आपके अकादमिक पाठ्यक्रम को एक नई और समृद्ध दिशा देगा, बल्कि आपके व्यक्तिगत, पेशेवर और सामाजिक दृष्टिकोण को भी एक व्यापक परिप्रेक्ष्य प्रदान करेगा। कॉलेज प्रबंधन की आप सभी से यह अपेक्षा है कि आप इस अद्वितीय और ज्ञानवर्धक अवसर का अधिकतम लाभ उठाएंगे और अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करेंगे।
धन्यवाद,
VUG
सचिव, गवर्निंग बाडी
24/12/2025
24/12/2025
https://youtu.be/A66ptbGjuPA?si=24j8NcctY-EHwLjO
ईस्ट जोन प्रोग्राम में खगड़िया टीचिंग ट्रेनिंग कॉलेज का योगदान #shortvideo #viralvideo Khagaria Teaching Training College's contribution to the East Zone programma virl for ad...
26/11/2025
समस्त देशवासियों को संविधान दिवस कि हार्दिक शुभकामनाएं।
राजमाता माधुरी देवी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज
आवास बोर्ड खगड़िया
20/10/2025
आप सभी को दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाएं
राजमाता माधुरी देवी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज
आवास बोर्ड खगड़िया
18/10/2025
राजमाता माधुरी देवी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज आवास बोर्ड खगड़िया की ओर से सभी को शुभ दीपावली
राजमाता माधुरी देवी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज आवास बोर्ड खगड़िया में छात्रों द्वारा शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया
05/09/2025
राजमाता माधुरी देवी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज आवास बोर्ड खगड़िया में छात्रों द्वारा शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया
05/09/2025
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने डीएलएड द्वितीय वर्ष 2023-2025 का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है इस परीक्षा में पिछले वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी राजमाता माधुरी देवी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज आवास बोर्ड खगड़िया के छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है 86.65 प्रतिशत मार्क्स लाकर अंशु कुमारी ने राजमाता माधुरी देवी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि द्वितीय स्थान पर नीतू कुमारी 85.9%, तृतीय स्थान पर किरण कुमारी ,सुगंधा कुमारी 85.6 , चतुर्थ स्थान पर स्वाति कुमारी 85.4, पंचम स्थान पर चांदनी कुमारी 84.85, कोमल कुमारी 84.75 ,पूजा कुमारी 84.75 छठे स्थान पर,नीलकमल 84.5 सातवें स्थान पर, बरखा कुमारी 84.4 राजनंदनी कुमारी 84.4% आठवीं स्थान पर, रविशंकर कुमार 84.35% नवे स्थान पर,साजदा खातून 84.15% दसवें अंक लाकर टॉप टेन में जगह बनाई है इस परीक्षा में राजमाता माधुरी देवी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के लगभग 80% स्टूडेंट ने 80% से ऊपर मार्क्स लाकर डिस्टेंशन हासिल किया है जबकि कॉलेज का 100 रिजल्ट रहा है परीक्षा में छात्रों के सफलता पर प्राचार्य डॉक्टर इंद्रजीत ,अध्यक्ष रीना कुमारी रुबी, संरक्षक डॉक्टर स्वामी विवेकानंद, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विवेक कुमार ग्लैंडिंग एवं सभी अध्यापकों ने छात्रों को बधाई दी है एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना किया है।
29/08/2025
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन राजमाता माधुरी देवी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज खगड़िया में फिजिकल टीचर बंटी कुमार के सहयोग से संपन्न हुआ इस अवसर पर कॉलेज के प्रचार डॉक्टर इंद्रजीत ने छात्रों को मेजर ध्यानचंद के बारे में बताया.
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